पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद मार्गला हिल्स पार्क प्रोजेक्ट को लेकर विवाद गहरा गया है. असल में पहाड़ी की तलहटी में 1000 एकड़ से अधिक क्षेत्र में एक विशाल पार्क बनाने का प्रस्ताव है. इसके साथ ही शहर में फाइव-स्टार होटल और आधुनिक सुविधाओं के विकास की भी योजना है, लेकिन इस प्रोजेक्ट को लेकर पाकिस्तानी अवाम और पर्यावरण संरक्षकों के साथ-साथ विपक्षी नेताओं ने गंभीर आपत्तियां जताई हैं.
यह फैसला पाक सरकार में मंत्री मोहसिन नकवी की अध्यक्षता में हुई एक हाईलेवल मीटिंग में लिया गया था, जो कैपिटल डेवलपमेंट अथॉरिटी (CDA) मुख्यालय में आयोजित की गई थी. बैठक में इस्लामाबाद को एक “मॉडल सिटी” बनाने के लिए चल रहे और भविष्य के प्रोजेक्ट्स की समीक्षा की गई. सरकार का कहना है कि इस योजना का उद्देश्य राजधानी को इंटरनेशनल लेवल की सुविधाओं और आधुनिक मनोरंजन स्थलों से लैस करना है।
PAK सरकार कह रही ‘मॉडल सिटी’ की दिशा में कदम
पाकिस्तान में मोहसिन नकवी का विवादों से पुराना नाता रहा है. मोहसिन नकवी ने बैठक में कहा कि सरकार इस्लामाबाद के इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने और नागरिकों व पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं देने के लिए प्रतिबद्ध है. योजना के तहत अंतरराष्ट्रीय कंपनियों के साथ जॉइंट वेंचर के जरिए फाइव-स्टार होटल विकसित किए जाएंगे.
सरकार जहां इस योजना को विकास का प्रतीक बता रही है, वहीं इस्लामाबाद के नागरिकों में इसे लेकर भारी नाराजगी देखी जा रही है. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर बड़ी संख्या में लोगों ने इस प्रोजेक्ट का विरोध किया है. शहर की प्राकृतिक सुंदरता और हरियाली पर गर्व करने वाले लोग इसे “ग्रीन एरिया पर हमला” मान रहे हैं. लोगों का कहना है कि मार्गला हिल्स का इलाका एक संरक्षित और पर्यावरणीय दृष्टि से बेहद संवेदनशील क्षेत्र है. यहां बड़े पैमाने पर निर्माण कार्य से जंगल, वन्यजीव और प्राकृतिक संतुलन को गंभीर नुकसान हो सकता है. कई यूजर्स ने सवाल उठाया कि इस प्रोजेक्ट की जरूरत क्या है और इसके पर्यावरणीय प्रभाव का आकलन किस आधार पर किया गया है.
राजनीतिक विरोध में भी घिरे मोहसिन नकवी
इस मुद्दे पर राजनीतिक प्रतिक्रिया भी सामने आई है. वरिष्ठ नेता शेरी रहमान जो पहले जलवायु परिवर्तन मंत्री रह चुकी हैं, उन्होंने सरकार से इस योजना की समीक्षा करने की मांग की है. उन्होंने कहा कि मार्गला क्षेत्र एक 'प्रोटेक्टेड ज़ोन' है और यहां किसी भी बड़े निर्माण से पहले पर्यावरणीय नियमों का सख्ती से पालन होना चाहिए. उन्होंने बारी इमाम इलाके में विस्थापन का मुद्दा उठाते हुए कहा कि वहां लंबे समय से रह रहे लोगों के साथ उचित मुआवजे के बिना कोई कार्रवाई नहीं होनी चाहिए.
रिपोर्ट्स के मुताबिक, जिस क्षेत्र में यह पार्क प्रस्तावित है, वहां कुछ आबादी पहले से रह रही है. ऐसे में यह आशंका जताई जा रही है कि लोगों को हटाया जा सकता है. इसको लेकर भी विरोध तेज हो गया है. लोगों का कहना है कि अगर विकास करना है तो पहले प्रभावित परिवारों के पुनर्वास और मुआवजे की स्पष्ट योजना सामने लाई जानी चाहिए.
क्या नियमों में बदलाव होगा?
एक और बड़ा सवाल यह है कि जिस इलाके में पार्क और होटल बनाए जाने की योजना है, वहां की ज़ोनिंग पॉलिसी फिलहाल बड़े निर्माण कार्यों की अनुमति नहीं देते. ऐसे में यह स्पष्ट नहीं है कि क्या सरकार नियमों में बदलाव करेगी या फिर होटल किसी अन्य इलाके में बनाए जाएंगे. विशेषज्ञों का मानना है कि अगर नियमों को बदला गया, तो यह एक खतरनाक उदाहरण बन सकता है, जिससे भविष्य में संरक्षित क्षेत्रों में भी निर्माण का रास्ता खुल सकता है.
सूत्रों के अनुसार, यह पार्क इस्लामाबाद के उत्तरी हिस्से में स्थित D-12 सेक्टर में बनाया जा सकता है, जो सीधे मार्गला हिल्स से सटा हुआ है. हालांकि, अभी तक इस प्रोजेक्ट के विस्तृत नक्शे और पर्यावरणीय आकलन रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की गई है, जिससे लोगों की चिंता और बढ़ गई है.
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