'इमरान खान की गिरफ्तारी में लग सकता है वक्त...', पाकिस्तान के गृहमंत्री राणा सनाउल्लाह का बयान

इस्लामाबाद हाईकोर्ट ने पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को सभी मामलों में 17 मई तक जमानत दे दी है. इस बीच गृह मंत्री का बड़ा बयान सामने आया है, जिसमें उन्होंने कहा कि इमरान को फिर से गिरफ्तार करने में समय लग सकता है.

Advertisement
राणा सनाउल्लाह और इमरान खान राणा सनाउल्लाह और इमरान खान

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 12 मई 2023,
  • अपडेटेड 5:58 PM IST

पाकिस्तान में शुरू हुआ सेना और सियासत का ड्रामा फिलहाल थमता नहीं दिख रहा है. कारण, पाकिस्तानी हुकूमत की कुर्सी फौज के कंधे पर टिकी है तो इमरान के साथ पाकिस्तान की अदालतें खड़ी नजर आ रही हैं. पहले सुप्रीम कोर्ट ने इमरान की गिरफ्तारी को गैरकानूनी करार दिया तो वहीं अब इस्लामाबाद हाईकोर्ट ने इमरान को सभी मामलों में 17 मई तक जमानत दे दी है. इस बीच गृह मंत्री का बड़ा बयान सामने आया है, जिसमें उन्होंने कहा कि इमरान को फिर से गिरफ्तार करने में समय लग सकता है.

Advertisement

पाकिस्तान के गृह मंत्री राणा सनाउल्लाह ने कहा कि जब आप जजों को कोर्ट के अंदर आरोपी का अभिवादन करते देखते हैं, तो इसी तरह का फैसला आता है. उन्होंने पाक न्यूज चैनल से बातचीत करते हुए कहा कि सारा विरोध इमरान खान के इशारे पर हुआ. प्रदर्शनकारियों को बम और हैंड ग्रेनेड बनाने का अच्छा प्रशिक्षण दिया गया था. 

उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के इतिहास में पहली बार सैन्य प्रतिष्ठान पर हमला किया गया. अनुच्छेद 232 (आपातकाल) पर कोई चर्चा नहीं हुई. स्थिति अस्थिर रहेगी क्योंकि यह मामला अब 17 मई तक खिंचेगा. पीटीआई सिर्फ प्रचार कर रही है कि पूरा समुदाय उनके साथ है. उन्हें फिर से गिरफ्तार करने में समय लग सकता है, जल्द से जल्द मामले को रफा-दफा करने का प्रयास करेंगे.

पीएम शहबाज ने CJP पर साधा निशाना

Advertisement

सुप्रीम कोर्ट में इमरान की पेशी के दौरान चीफ जस्टिस की टिप्पणी को लेकर प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने सवाल उठाए. उन्होंने कहा, "चीफ जस्टिस ने कल इमरान खान से कहा कि वह उनसे मिलकर खुश हैं. ऐसा कभी नहीं हुआ कि कोई आरोपी अदालत में आया हो और जज ने कहा हो कि आपसे मिलकर अच्छा लगा."

इससे पहले शहबाज शरीफ ने कहा था कि 10 मामलों में उनके (इमरान के) खिलाफ गिरफ्तारी का वारंट जारी है. 9 मई का दिन देश के लिए शर्मनाक दिन था. देश मुश्किल दौर से गुजर रहा है और देश को अस्थिर करने की कोशिश की गई. अल कादिर ट्रस्ट का मामला 60 अरब के घोटाले का मामला है. पता नहीं वो कौन से दस्तावेज थे जो लिफाफे में बंद थे, क्या पता वो कश्मीर को बेचने के दस्तावेज थे? सुप्रीम कोर्ट इमरान के लिए ढाल बना.

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement