कनाडा के विदेशी हस्तक्षेप के आरोपों पर पश्चिमी देश भारत की खुलकर आलोचना करने से बच रहे हैं जिसे लेकर पाकिस्तान बौखला गया है. पाकिस्तान के प्रधानमंत्री अनवारुल हक काकर ने कनाडा की धरती पर हरदीप सिंह निज्जर की हत्या में भारत के लिंक के आरोपों पर कहा कि बहुत से पश्चिमी देशों ने अपने आर्थिक और रणनीतिक हितों को देखते हुए वास्तविकता से मुंह मोड़ लिया है.
न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा से इतर विदेश संबंध परिषद को संबोधित करते हुए पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने कहा कि हिंदुत्व से प्रेरित मुस्लिम विरोधी कट्टरता बढ़ रही है जो कि अमेरिका समेत अंतरराष्ट्रीय समुदाय के लिए गंभीर चिंता का विषय है. उन्होंने आरोप लगाया कि 'प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हिंदू राष्ट्रवाद की विचारधारा और कनाडा में खालिस्तानी आतंकी की हत्या' के बीच लिंक हैं.
पाकिस्तानी पीएम ने कहा, 'हिंदुत्व के इन विचारकों का हौसला अब इतना बढ़ गया है कि वो विदेशों में भी जाकर ऐसे काम कर रहे हैं. सिख नेता की दुर्भाग्यपूर्ण हत्या उसी प्रवृत्ति को दिखाता है.'
पश्चिमी देशों पर अपनी खीझ निकालते हुए काकर ने कहा, 'अपने आर्थिक और रणनीतिक हितों को देखते हुए बहुत से पश्चिमी देशों ने इस तथ्य और वास्तविकता को नजरअंदाज करना चुना है.'
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने इसी के साथ ही यह भी कहा कि पाकिस्तान चाहता है कि भारत के साथ शांतिपूर्ण संबंध कायम हो लेकिन इसके लिए भारत की तरफ से ईमानदार पारस्परिक सहयोग की जरूरत है.
'कनाडा के आरोपों पर कोई हैरानी नहीं हुई है'
आतंकियों को पनाह देने वाले पाकिस्तान को कनाडा के आरोप से भारत के खिलाफ अपना प्रोपेगैंडा फैलाने का मौका मिल गया है.
पाकिस्तानी प्रधानमंत्री की टिप्पणी से पहले पाकिस्तान के विदेश सचिव साइरस काजी ने कहा था कि 'भारत को लेकर कनाडा के खुलासे' से उन्हें कोई हैरानी नहीं हुई है. भारत के खिलाफ अपना एजेंडा आगे बढ़ाते हुए काजी ने कहा कि ट्रूडो ने जो कहा है, उसमें जरूर कोई सच्चाई है.
बुधवार को संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान मिशन में एक मीडिया ब्रीफिंग के दौरान उन्होंने यह बात कही थी. पाकिस्तान के शीर्ष राजनयिक ने कहा, 'कनाडा में भारत का आतंकवाद पाकिस्तान के लिए आश्चर्य की बात नहीं है.'
उन्होंने पाकिस्तान में कैद भारत के रिटायर्ड नौसेना अधिकारी कुलभूषण जाधव का जिक्र करते हुए कहा कि पाकिस्तान को कनाडा के आरोपों में कुछ भी असामान्य नहीं लगा क्योंकि पाकिस्तान ने मार्च 2016 में बलूचिस्तान से भारतीय अनुसंधान और विश्लेषण विंग (रॉ) के एक सेवारत भारतीय नौसेना अधिकारी कुलभूषण यादव को गिरफ्तार किया था.
कुलभूषण जाधव एक भारतीय नागरिक हैं जिन्होंने नौसेना से स्वैच्छिक रिटायरमेंट ले लिया था. हालांकि, पाकिस्तान ने उन पर जासूसी और आतंकवादी गतिविधियों में शामिल होने का आरोप लगाया था और मौत की सजा सुनाई थी. भारत ने पाकिस्तान के सभी आरोपों को खारिज किया है. जाधव अभी भी पाकिस्तान की जेल में बंद हैं.
कनाडा के भारत पर आरोपों से उछल पड़ा है पाकिस्तान
कनाडा ने भारत पर आरोप लगाया है कि खालिस्तानी आतंकी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या में भारत के एजेंट शामिल थे. इस आरोप के बाद से दोनों देशों के रिश्ते निम्नतम स्तर पर चले गए हैं. इस आरोप पर अमेरिका, ब्रिटेन और ऑस्ट्रेलिया ने भी गहरी चिंता जताई है और कहा है कि जांच पूरी होनी चाहिए. हालांकि, ये देश भारत के खिलाफ सख्त टिप्पणी से बच रहे हैं.
वहीं, पाकिस्तान इस आरोप से उछल पड़ा है. पाकिस्तान के विदेश सचिव ने कहा कि कनाडा के पीएम ने संसद में जो कहा, उनके आरोपों में जरूर ही कोई सच्चाई है. कुलभूषण जाधव का जिक्र करते हुए साइरस काजी ने कहा कि भारतीय जासूस पाकिस्तान को अस्थिर करने की गतिविधियों में शामिल था.
उन्होंने कहा, 'अगर दुनिया में किसी को भारत की इस तरह की हरकतों के बारे में पता है, तो वह हम (पाकिस्तान) हैं.'
बिलावल भुट्टो ने भी दी प्रतिक्रिया
मंगलवार को पाकिस्तान के पूर्व विदेश मंत्री और पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) के अध्यक्ष बिलावल भुट्टो जरदारी ने भी इस पूरे विवाद पर जहर उगला था. पाकिस्तान के न्यूज नेटवर्क जियो न्यूज के मुताबिक, 'उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से यह स्वीकार करने का आग्रह किया था कि भारत एक दुष्ट, हिंदुत्व और आतंकवादी देश है.'
कनाडा के आरोपों को लेकर उन्होंने कहा था, 'यह एक बहुत बड़ा आरोप है. दुनिया के सामने भारत बेनकाब हो गया है. और कब तक अंतरराष्ट्रीय और पश्चिम के हमारे मित्र भारत की ऐसी हरकतों को नजरअंदाज करते रहेंगे.'
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