पाकिस्तान के उत्तर-पश्चिमी खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में अफगान सीमा के नजदीक सोमवार को एक बड़ा धमाका हुआ. टैंक जिले में सड़क किनारे लगाए गए बम के विस्फोट में एक पुलिस वाहन को निशाना बनाया गया, जिसमें छह पुलिसकर्मियों की मौके पर ही मौत हो गई. यह हमला ऐसे समय पर हुआ है, जब इस क्षेत्र में चरमपंथी गतिविधियों में लगातार इजाफा देखा जा रहा है.
स्थानीय पुलिस प्रमुख परवेज़ शाह ने बताया कि विस्फोट टैंक जिले में हुआ. मारे गए पुलिसकर्मियों में इलाके के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी इशाक अहमद भी शामिल हैं, जो हमले के वक्त नियमित गश्त पर थे. परवेज़ शाह ने कहा कि फिलहाल इस मामले की जांच जारी है और हमले से जुड़े मामलों का पता लगाया जा रहा है.
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पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी ने इस हमले की कड़ी निंदा की है. उन्होंने मारे गए पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि इन अधिकारियों ने देश की शांति के लिए अपने प्राणों की आहुति दी है.
किसी संगठन ने नहीं ली हमले की जिम्मेदारी
हमले की जिम्मेदारी फिलहाल किसी भी संगठन ने नहीं ली है. हालांकि, संदेह की सुई पाकिस्तानी तालिबान यानी तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) की ओर जा रही है, जिसने हाल के महीनों में सुरक्षा बलों और आम नागरिकों पर हमले तेज कर दिए हैं. TTP अफगान तालिबान से अलग संगठन है, लेकिन दोनों के बीच वैचारिक और रणनीतिक संबंध माने जाते हैं.
अफगानिस्तान में तालिबान के लौटने के बाद TTP एक्टिव
अफगान तालिबान के 2021 में सत्ता में लौटने के बाद से TTP और ज्यादा सक्रिय हुआ है. पाकिस्तान का आरोप है कि यह संगठन अफगानिस्तान की जमीन का इस्तेमाल कर पाकिस्तान में हमले करता है. हालांकि काबुल की सरकार इन आरोपों से लगातार इनकार करती रही है.
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पाकिस्तान तालिबान सरकार पर लगातार हमले का आरोप
दोनों देशों के बीच संबंध पहले से ही तनावपूर्ण हैं. अक्टूबर में उस समय हालात और बिगड़ गए थे, जब काबुल ने इस्लामाबाद पर अफगान राजधानी में ड्रोन हमला करने का आरोप लगाया था. इसके बाद सीमा पर झड़पें हुईं, जिनमें दर्जनों लोग मारे गए. कतर की मध्यस्थता से 19 अक्टूबर को संघर्षविराम हुआ था, जो अब तक लागू है, हालांकि इस्तांबुल में हुई हालिया वार्ता बिना किसी नतीजे के खत्म हो गई.
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