ईरान में नोबेल शांति पुरस्कार विजेता नरगिस मोहम्मदी को नई सजा सुनाई गई है. उनके समर्थकों ने रविवार को बताया कि भूख हड़ताल शुरू करने के बाद उन्हें सात साल से ज्यादा की अतिरिक्त जेल की सजा दी गई है. यह फैसला ऐसे समय आया है, जब देश में विरोध प्रदर्शनों के बाद तेहरान सरकार असहमति जताने वालों पर सख्ती कर रही है.
मोहम्मदी के खिलाफ यह नई सजा ऐसे वक्त में आई है, जब ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम को लेकर अमेरिका के साथ बातचीत करने की कोशिश कर रहा है. अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सैन्य कार्रवाई की चेतावनी दी है, जिसे टालने के लिए यह बातचीत अहम मानी जा रही है. ईरान के शीर्ष राजनयिक ने रविवार को कहा कि तेहरान की ताकत इस बात में है कि वह 'बड़ी ताकतों को ना' कह सकता है.
कितनी सजा दी गई?
मोहम्मदी के समर्थकों ने उनके वकील मुस्तफा निली के हवाले से बताया कि यह सजा मशहद की एक रिवोल्यूशनरी कोर्ट ने शनिवार को सुनाई. वकील के मुताबिक, उन्हें 'साजिश और मिलीभगत' के आरोप में छह साल, 'प्रोपेगेंडा' के आरोप में डेढ़ साल की सजा और दो साल के यात्रा प्रतिबंध की सजा दी गई है.
2 फरवरी से जारी भूख हड़ताल
ईरान की सरकार ने इस सजा की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है. समर्थकों का कहना है कि मोहम्मदी 2 फरवरी से भूख हड़ताल पर हैं. उन्हें दिसंबर में मशहद में आयोजित एक समारोह के दौरान गिरफ्तार किया गया था. यह कार्यक्रम 46 वर्षीय ईरानी वकील और मानवाधिकार कार्यकर्ता खोसरो अलीकोर्दी के सम्मान में रखा गया था.
US-इजरायल में होगी ईरान पर बात
इसी बीच ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने तेहरान में एक सम्मेलन के दौरान संकेत दिया कि उनका देश यूरेनियम संवर्धन के अपने रुख पर कायम रहेगा. यह मुद्दा अमेरिका के साथ विवाद का मुख्य कारण बना हुआ है. जून में ईरान-इजरायल के 12 दिन के युद्ध के दौरान राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान के परमाणु ठिकानों पर हमला भी किया था. उधर, इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के इस हफ्ते वॉशिंगटन जाने की उम्मीद है, जहां ईरान का मुद्दा बातचीत का मुख्य विषय रहेगा.
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