नेपाल की स्वास्थ्य मंत्री निशा मेहता का भारत से कनेक्शन, दिल्ली AIIMS से हुई पढ़ाई

निशा मेहता को नेपाल का स्वास्थ्य मंत्री नियुक्त किया गया है. वह एम्स, नई दिल्ली के कॉलेज ऑफ नर्सिंग की पूर्व छात्रा हैं. संस्थान ने इसे गर्व का क्षण बताया और कहा कि उनका सफर नर्सिंग पेशे की बढ़ती भूमिका को दिखाता है. पढ़ाई के दौरान उन्होंने नेतृत्व क्षमता दिखाई. उन्होंने 27 मार्च को शपथ ली. राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी ने 275 में से 182 सीटें जीतकर सरकार बनाई, जो के पी ओली सरकार के पतन के बाद बनी.

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निशा मेहता AIIMS की एल्युमना रही हैं. Photo ITG निशा मेहता AIIMS की एल्युमना रही हैं. Photo ITG

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 30 मार्च 2026,
  • अपडेटेड 12:00 AM IST

नेपाल में स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़ी एक बड़ी और प्रेरणादायक खबर सामने आई है. निशा मेहता को नेपाल का नया स्वास्थ्य मंत्री नियुक्त किया गया है. वह अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), नई दिल्ली के कॉलेज ऑफ नर्सिंग की पूर्व छात्रा रही हैं. अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), नई दिल्ली ने रविवार को जारी अपने आधिकारिक बयान में इस उपलब्धि को संस्थान और नर्सिंग समुदाय के लिए गर्व का क्षण बताया. संस्थान ने कहा कि नर्सिंग से नीति-निर्माण के उच्च स्तर तक पहुंचने का उनका सफर इस पेशे की बढ़ती भूमिका और नेतृत्व क्षमता को दर्शाता है.

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बयान के अनुसार, अपनी पढ़ाई के दौरान निशा मेहता ने उत्कृष्ट नेतृत्व क्षमता दिखाई. वह शैक्षणिक और सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों में सक्रिय रहीं और उनमें जिम्मेदारी की मजबूत भावना थी. यही गुण उन्हें आज सार्वजनिक सेवा और नेतृत्व के उच्च स्तर तक ले गए हैं.

संस्थान ने यह भी कहा कि उनकी यह उपलब्धि इस बात को मजबूत करती है कि नर्सें सिर्फ मरीजों की देखभाल तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे राष्ट्रीय और वैश्विक स्तर पर स्वास्थ्य नीतियों और व्यवस्थाओं को आकार देने में भी अहम भूमिका निभा सकती हैं. कॉलेज ऑफ नर्सिंग, एम्स, नई दिल्ली ने निशा मेहता को सफल कार्यकाल के लिए शुभकामनाएं दी हैं और उम्मीद जताई है कि वह नेपाल में जनस्वास्थ्य के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान देंगी.

275 सीटों में से 182 सीटों पर जीत
निशा मेहता ने वर्ष 2006 से 2010 के बीच इसी संस्थान से नर्सिंग में विज्ञान स्नातक की पढ़ाई की थी. उन्होंने 27 मार्च को नेपाल के स्वास्थ्य मंत्री पद की शपथ ली. राजनीतिक परिदृश्य की बात करें तो राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी ने 5 मार्च को हुए चुनाव में बड़ी जीत हासिल की. पार्टी ने प्रतिनिधि सभा की कुल 275 सीटों में से 182 सीटें जीतकर पूर्ण बहुमत हासिल किया, जिससे सरकार बनाने का रास्ता साफ हुआ.

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यह सरकार पिछले साल सितंबर में पूर्व प्रधानमंत्री के पी ओली के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार के हटने के बाद बनी है. उस समय भ्रष्टाचार, भाई-भतीजावाद और सोशल मीडिया प्रतिबंध के खिलाफ युवाओं के 'जेन-ज़ी' आंदोलन ने हिंसक रूप ले लिया था, जिसके बाद राजनीतिक बदलाव का रास्ता खुला.

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