भगोड़े हीरा कारोबारी नीरव मोदी को जल्द भारत लाया जा सकता है क्योंकि उसके प्रत्यर्पण में एकमात्र कानूनी रुकावट भी खत्म हो सकती है. नीरव मोदी के प्रत्यर्पण के खिलाफ याचिका पर करीब दो हफ्तों में सुनवाई हो सकती है और अगर यह खारिज होती है तो उसे भारत वापस लाया जाएगा.
इस बीच उसके मामले की सुनवाई कर रही यूरोपीय मानवाधिकार अदालत (ECHR) ने उसे गुमनामी की इजाजत दे दी है. फ्रांस के स्ट्रासबर्ग में स्थित अदालत ने कहा है कि अदालत नीरव मोदी के मामले को गोपनीय रखेगी और इसकी सुनवाई बंद दरवाजों के पीछे की जाएगी. अधिकारियों के अनुसार, इस फैसले के बाद भगोड़े कारोबारी का मामला अब सार्वजनिक जांच के दायरे से बाहर हो गया है.
ECHR के प्रेस कार्यालय ने समाचार एजेंसी पीटीआई से कहा, 'जिन मामलों में याचिकाकर्ता को गुमनामी दी जाती है और केस फाइल गोपनीय होती है, उनमें अदालत कोई जानकारी साझा नहीं कर सकती.'
सूत्रों के मुताबिक, करीब दो हफ्तों में ECHR नीरव मोदी की याचिका पर सुनवाई कर सकता है. इस दौरान केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) का पक्ष भी सुना जाएगा, जिसके बाद फैसला आ सकता है.
अगर नीरव मोदी की याचिका खारिज होती है, तो ब्रिटेन से भारत प्रत्यर्पण के रास्ते में आखिरी कानूनी बाधा भी खत्म हो जाएगी. फिलहाल वो लंदन की वेंड्सवर्थ जेल में बंद है.
प्रत्यर्पण के खिलाफ नीरव मोदी की याचिका मार्च में हुई थी खारिज
मार्च में हाई कोर्ट ऑफ जस्टिस ने मोदी के प्रत्यर्पण के खिलाफ केस दोबारा खोलने की याचिका खारिज कर दी थी. अदालत ने कहा था कि भारत भेजे जाने की स्थिति में नीरव मोदी को यातना दिए जाने को लेकर जो चिंताएं जताई गई थीं, वो भारत सरकार की तरफ से दिए गए आश्वासन के बाद खत्म हो गई हैं.
इस फैसले के बाद ब्रिटेन में मोदी के पास सभी कानूनी विकल्प खत्म हो गए थे, जिसके बाद उन्होंने यूरोप के मानवाधिकार अदालत का रुख किया था. ब्रिटेन यूरोपीय कंवेंशन ऑन ह्यूमन राइट्स का हस्ताक्षरकर्ता है.
55 वर्षीय नीरव मोदी, जो बॉलीवुड के लोगों, अंतरराष्ट्रीय स्टोर्स और कान्स फिल्म फेस्टिवल में अपनी मौजूदगी के लिए चर्चित रहे हैं, 19 मार्च 2019 से ब्रिटेन में हिरासत में हैं.
भारत में भगोड़ा घोषित मोदी पर पंजाब नेशनल बैंक में करीब 13,000 करोड़ रुपये के घोटाले का आरोप है. इन आरोपों में उसका चाचा मेहुल चोकसी भी शामिल है, जो फिलहाल बेल्जियम की जेल में बंद है.
CBI के अनुसार, इस घोटाले में अकेले नीरव मोदी ने 6,498.20 करोड़ रुपये की हेराफेरी की थी.
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