प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी फिलीपींस दौरे पर हैं. सोमवार को उन्होंने यहां पर अंतरराष्ट्रीय चावल अनुसंधान संस्थान (आईआरआरआई) का दौरा किया. मोदी यहां पर खेती करते हुए भी नजर आए. इस दौरान पीएम मोदी ने IRRI में लैब का उद्घाटन किया. इस लैब का नाम पीएम मोदी के नाम पर ही रखा गया है. लैब का नाम 'Shri Narendra Modi Resilient Rice Field Laboratory' रखा गया है.
इससे इतर पीएम ने यहां वैश्विक चावल अनुसंधान केंद्र के बैंक को धान की दो प्रजातियों के बीज सौंपे. बीज देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि आईआरआरआई प्रमुख अनाज की खेती में सुधार करके गरीबी और भूखमरी को कम करने की दिशा में काम कर रहा है.
सोमवार को लॉस बानोस में (आईआरआरआई) पहुंचे प्रधानमंत्री ने वहां काम करने वाले भारतीय वैज्ञानिकों के साथ बातचीत की. IRRI के वैज्ञानिकों ने प्रधानमंत्री को बाढ़ का प्रकोप झेल लेने वाले चावल की किस्मों के बारे में बताया, जो कि 14 से 18 दिनों तक पानी में डूबे रहते हैं और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में 1-3 टन प्रति हेक्टेयर अधिक उपज प्रदान करते हैं.
खेती करते आए नज़र
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को फिलीपींस के लॉस बनोस के इंटरनेशनल राइस रिसर्च इंस्टीट्यूट का दौरा किया. आपको बता दें कि इसका एक सेंटर जल्द ही वाराणसी में खुलेगा. प्रधानमंत्री ने यहां पर एक फोटो प्रदर्शनी को भी देखा. जिसमें धान की खेती, वाराणसी में खुलने वाले सेंटर आदि के बारे में विस्तार से बताया गया था. पीएम ने इस दौरान IRRI में कार्यरत कई भारतीय वैज्ञानिकों से भी बातचीत की.
मोहित ग्रोवर