"हर बार मैं सड़क पर थी. इस बार मैं नहीं हो पाई. मुझे माफ कर दो, मां ईरान." एक्स पर ये पोस्ट उसी लड़की का है जिसकी सिगरेट पीती तस्वीरें वायरल हो रही है. यह युवती X पर मोर्टिशिया एडम्स (Morticia Addams) नाम के हैंडल से पोस्ट करती है. उसकी पोस्ट के अनुसार, वह 25 साल की है और कनाडा में रहती है. एडम्स अपने बायो में Radical feminist लिखती हैं.
उसने बताया है कि उसे नवंबर 2019 में ईरान में हुए विरोध प्रदर्शनों के दौरान गिरफ्तार किया गया था. मोर्टिशिया एडम्स ईरान की हैं लेकिन अभी वह कनाडा में रहती हैं. उसकी माफी ईरान के उन युवाओं और युवतियों से है जो अली खामेनेई सरकार की गोलियों का सामना कर रहे हैं. क्योंकि ईरानी कानून को तोड़ने के लिए जेल जा चुकी मोर्टिशिया इस बार ईरान में नहीं है.
अवज्ञा, अनादर और ललकार की इतनी ताकतवर तस्वीर शायद ही हाल में आई हो. इस तस्वीर के हर पहलू में बगावत का वो एलिमेंट है जिसे देखकर ईरान की सर्वोच्च सत्ता जल-भुन गई है. लड़की के बाल खुले हैं, पहला क्रांति तो यही हो गई. दूसरा 'गुनाह' तो ईरान के सर्वोच्च धार्मिक नेता अली खामेनेई की तस्वीर को लाइटर से जलाना. और तीसरी सबसे गंभीर दफा है पोस्टर से निकल रहे आग लपटों की से सिगरेट को सुलगाना और धुएं के छल्ले उड़ाना. इस लड़की का सिगरेट सुलगाना ईरान शासकों के अहम और इगो को सुलगा गया है.
इस तस्वीर ने ईरान के हजारों लाखों क्रांतिकारियों को प्रभावित किया है. इन तस्वीर की दुनिया भर में चर्चा है. कौन है ये लड़की जो प्रतिरोध का चेहरा बनकर लाखों जुबान पर छा गई है.
सिगरेट से पोस्टर जलाने का आइइिया कहां से आया?
ईरानी क्रांति का पोस्टर गर्ल बन चुकी मोर्टिशिया एडम्स ने न्यूज 18 के साथ लंबी बातचीत की. जब उनसे कहा गया कि सिगरेट से पोस्टर जलाने का आइडिया कहां से आया तो उन्होंने कहा, "यह ईरान में इंटरनेट शटडाउन से पहले की बात है, मैं ईरान के अपने दोस्तों से कहना चाहती थी कि हालांकि मैं उनसे दूर हूं, लेकिन मेरा दिल, मेरी आत्मा उन लोगों के साथ है. मैं दुनिया का ध्यान ईरान की ओर आकर्षित करना चाहती थी जहां युवा लड़के-लड़कियां रिजीम की गोलियां खा रहे हैं."
मोर्टिशिया एडम्स ने ये वायरल वीडियो कनाडा के Richmond Hill, ओंटेरियो में सूट किया था.
उसे सुप्रीम लीडर नहीं कहूंगी, ये अपमान है
मोर्टिशिया एडम्स से पूछा गया कि उस वीडियो को शूट करते हुए आपके दिमाग में क्या चल रहा था. आप क्या संदेश देना चाहती थीं क्योंकि सुप्रीम लीडर का फोटो जलाना वहां अपराध है. इस पर मोर्टिशिया एडम्स ने कहा, "मैं उसे सुप्रीम लीडर नहीं कहूंगी, यह मेरे लिए बेइज्जती की बात है, वो ईरान का तानाशाह है, ईरान में अगर आप ऐसा करते हैं तो ये गंभीर अपराध होगा, आपको मौत की सजा भी मिल सकती है."
मोर्टिशिया ने कहा कि ईरान में महिलाएं काफी दबाव में रहती है तो उनको जैसे ही मौका मिला वे प्रदर्शन कर बागी तेवर दिखाने लगीं. ताकि दुनिया उन्हें सुन सके. अब ईरान में महिलाएं अपने मानवाधिकार वापस चाहती हैं.
ये जेन जी नहीं ईरान के हर वर्ग का प्रदर्शन
मोर्टिशिया एडम्स ने कहा कि ईरान में जो हो रहा है वो अब मात्र विरोध प्रदर्शन नहीं बल्कि क्रांति है. इसे जेन जी प्रोटेस्ट भी नहीं कहा जा सकता है. क्योंकि इसमें हर वर्ग के लोग तानाशाही के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं. उन्होंने कहा कि ईरान में सत्ता ने डिजिटल ब्लैकआउट घोषित कर रखा है, इसलिए वे अपने लोगों से संपर्क नहीं कर पा रहे हैं. लेकिन सोशल मीडिया से हम दुनिया को बता रहे हैं कि ईरान में क्या हो रहा है? हम अली खामेनेई की विदाई चाहते हैं.
ईरान से कनाडा कैसे पहुंची
ईरान से कनाडा तक आने के अपने सफर के बारे में मोर्टिशिया कहती हैं कि वो एक ऐसी लड़की थी जिसे हिजाब से सख्त चिढ़ थी. एक दिन ईरान की पुलिस मेरे घर में आ गई मेरे पिता ने दरवाजा खोला, उन्होंने मेरे पिता को धक्का दिया. मुझे गिरफ्तार कर लिया और मुझे लेकर चले गए. कई दिनों के बाद मेरा परिवार पेरोल लेने में कामयाब रहा और मैं बाहर आई. कुछ दिनों बाद मैं ईरान से तुर्की आ गई. उसके बाद मुझे कनाडा का वीजा मिला.
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