हमास और इजरायल में जारी जंग के बीच येरूशलम स्थित नेशनल मैनेजमेंट सेंटर (National Management Center (NMC) एक बार फिर चर्चा में है. नेशनल मैनेजमेंट सेंटर एक तरह का मजबूत बंकर है, जिस पर मिसाइल हमलों का भी कोई असर नहीं पड़ेगा.
दरअसल, हमास और इजरायल में जारी युद्ध के बीच अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन इजरायल पहुंचे थे. इस दौरान कयास लगाए जा रहे थे कि अमेरिकी राष्ट्रपति और इजरायली प्रधानमंत्री के बीच जो मीटिंग होगी, हमास के हमले और सुरक्षा को देखते हुए वह मीटिंग शायद इसी बंकर में होगी. क्योंकि पिछले दो-तीन महीने में इजारयली पीएम नेतन्याहू ने अपनी कैबिनेट की तीन बैठकें इसी बंकर में की थीं. हालांकि, अमेरिकी राष्ट्रपति बाइडेन तेल अवीव से ही लौट गए.
क्या है इसकी खासियत?
इजरायल का नेशनल मैनेजमेंट सेंटर (बंकर) किसी साइंस फिक्शन फिल्म की तरह दिखता है. यह बंकर इजरायल के शीर्ष अधिकारियों और नेताओं को एक अत्यंत ही हार्डेनेड और कंट्रोल साइट के रूप में सुविधा प्रदान करता है. ताकि किसी बड़े संकट में वो देश को सुचारू रूप से चलाते रहें.
इजरायल का यह बंकर इसलिए भी अन्य देशों के बंकर से अलग है क्योंकि अन्य देशों की तुलना में इसकी जानकारी अत्यधिक गोपनीय नहीं है. हालांकि, इसका यह मतलब नहीं है कि यह बंकर लो प्रोफाइल वाला है या अन्य देशों की तरह कारगर नहीं है.
यरूशलम के नेशनल क्वार्टर क्षेत्र में इजरायली संसद (नेसेट), विदेश मंत्री आवास, प्रधानमंत्री आवास और सुप्रीम कोर्ट के नजदीक स्थिति इस बंकर की स्थापना की शुरुआत 2006 के लेबनान युद्ध के बाद की गई थी. इसका तत्कालिक कारण लेबनान द्वारा उत्तरी इजरायल में लगातार रॉकेट हमला था.
लंबे समय तक परमाणु हमले से बचाए रखने में सक्षम
यूनिक डबल-फेंस्ड फैसेलिटी से लैस इजरयाल का यह बंकर बिल्कुल उसी आधुनिक कला संग्रहालय की तरह दिखता है जैसा प्रलय से बचने के लिए अमेरिका में बनाए गए डूम्सडे बंकर( Doomsday Bunker) का है. बंकर में विंडो लैस एक ग्राउंड लेवल कॉम्पलेक्स है. जिसमें कई प्रवेश द्वार और एक गोलाकार टर्नअराउंड है. कहा जाता है कि यह बंकर जमीन के अंदर काफी नीचे है और परमाणु, जैविक और रासायनिक युद्ध के दौरान सैकड़ों लोगों को लंबे समय तक सुरक्षित बचाए रखने में सक्षम है.
साल 2018 में इजरायली न्यूज वेबसाइट Yedioth Ahronoth में छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक, इस बंकर को अमेरिका के अंडरग्राउंड शहरों की तर्ज पर बनाया गया है. इस बंकर में बैठने के साथ-साथ बेडरूम, वर्क स्पेस और कैफेटेरिया की भी व्यवस्था है. रिपोर्ट के मुताबिक, इस बंकर को बनाने में कई कई अरब इजरायली मुद्रा शेकेल की लागत आई है.
बंकर का दौरा कर चुके एक व्यक्ति के हवाले से न्यूज वेबसाइट ने लिखा है, "बंकर का 95 फीसदी हिस्सा अंडरग्राउंड है और इसमें जाने का एक मात्रा रास्ता लिफ्ट है. बंकर में जाने वाले व्यक्ति को लिफ्ट साइंस-फाई का अनुभव कराता है. बंकर ऐसा एहसास कराता है कि यह दुनिया बाहरी दुनिया से पूरी तरह से अलग है."
इसी बंकर में होती है नेतन्याहू की खास बैठक
इजरायल की उच्च स्तरीय सुरक्षा कैबिनेट की बैठकें आम तौर पर इसी बंकर में होती हैं. पिछले दो-तीन महीने के दौरान भी नेतन्याहू ने कैबिनेट की तीन बैठकें इसी बंकर में की है. कोराना काल के दौरान भी नेतन्याहू ने इस बंकर का इस्तेमाल किया था. 2020 में कोरोना पर काबू पाने के लिए इजरायल ने इसका इस्तेमाल क्वारंटाइन सेंटर के रूप में किया था.
इजरायली न्यूज वेबसाइट टाइम्स ऑफ इजरायल के मुताबिक, इससे पहले 2018 में भी नेतन्याहू ने सुरक्षा कैबिनेट की बैठक इस बंकर में की थी. रिपोर्ट में कहा गया है कि उच्च स्तरीय सुरक्षा कैबिनेट की बैठकें आमतौर पर यरूशलेम में प्रधानमंत्री कार्यालय में होती हैं. लेकिन बैठक की संवेदनशीलता और ईरान के साथ जारी विवाद को देखते हुए सरकार ने बंकर में उच्च स्तरीय स्तरीय बैठक करने का फैसला किया था.
इजरायल ने इस बंकर का निर्माण ईरान के परमाणु कार्यक्रम, लेबनान बेस्ड आतंकी संगठन हिजबुल्ला और फिलिस्तीनी संगठन हमास के साथ समय-समय पर छिड़ते युद्ध को देखते हुए किया था. पहली बार 2011 में इजरायली सुरक्षा कैबिनेट ने रिहर्सल के तौर पर इसका इस्तेमाल किया था. इजरायली अधिकारियों के अनुसार, इस बंकर में रहने के लिए क्वार्टर और कमांड सुविधाएं भी उपलब्ध हैं. इसके अलावा इस बंकर की मदद से यरूशलम स्थित सरकारी परिसर से तेल अवीव की ओर जाने वाली पश्चिमी तलहटी तक पहुंचा जा सकता है.
सुदीप कुमार