US-Israel-Iran War LIVE Updates: अमेरिका-इजरायल और ईरान जंग का आज 13वां दिन है. दोनों ओर से बदस्तूर हमले जारी हैं. ओमान के दक्षिणी शहर सलालाह के पोर्ट पर हमला हुआ है. यहां तेल स्टोरेज टैंकों पर ड्रोन से हमला किया गया है. इस हमले के बाद ओमान के सुल्तान हैथम बिन तारिक अल-सईद ने ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान से फोन पर बात की है.
वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का कहना है कि होर्मुज स्ट्रेट में हालात जल्द ठीक हो जाएंगे. इजरायली सेना ने लेबनान की राजधानी बेरूत में हिज्बुल्लाह के ठिकानों पर हमले तेज कर दिए हैं. इस जंग की पल-पल की अपडेट जानने के लिए इस पेज से जुड़े रहें:-
ईरान ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव की आलोचना की. संयुक्त राष्ट्र में ईरान के राजदूत अमीर सईद इरावानी ने सुरक्षा परिषद में पारित इस प्रस्ताव की आलोचना करते हुए कहा कि यह कदम जंग की वास्तविकता को तोड़-मरोड़कर पेश करने की कोशिश करता है और युद्ध भड़काने में अमेरिका और इजरायल की भूमिका को नजरअंदाज करता है.
इरावानी ने सुरक्षा परिषद की बैठक में कहा कि यह प्रस्ताव मौजूदा संकट के मूल कारणों को नजरअंदाज करता है. उन्होंने 15 सदस्यीय सुरक्षा परिषद से कहा कि यह प्रस्ताव जानबूझकर मौजूदा संकट के मूल कारणों को नजरअंदाज करता है. उन्होंने कहा कि प्रस्ताव में जिक्र तक नहीं है कि इस जंग की शुरुआत अमेरिका और इजरायल के हमलों के बाद हुई. इजरायली सरकार और अमेरिका द्वारा आगे बढ़ाए गए इस पक्षपाती और राजनीतिक रूप से प्रेरित प्रस्ताव का मकसद साफ है, पीड़ित और हमलावर की भूमिकाओं को उलट देना.
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने बहरीन की अगुवाई में लाए गए एक प्रस्ताव को पारित किया है, जिसमें ईरान से खाड़ी देशों पर अपने हमले तुरंत रोकने की मांग की गई है. प्रस्ताव में बहरीन, कुवैत, ओमान, कतर, सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात और जॉर्डन को निशाना बनाकर किए गए हमलों की कड़े शब्दों में निंदा की गई है.यह प्रस्ताव 13 वोटों के समर्थन से पारित हुआ, जबकि इसके खिलाफ कोई वोट नहीं पड़ा. वहीं, रूस और चीन ने मतदान में हिस्सा नहीं लिया.
लेबनान में बढ़ते संघर्ष के बीच 29 देशों के एक ग्रुप ने इजरायल पर ईरानी हमलों में शामिल होने के लिए हिज्बुल्लाह की कड़ी निंदा की है, साथ ही इजरायल से सिविलियन इंफ्रास्ट्रक्चर और घनी आबादी वाले इलाकों पर हमले से बचने की भी अपील की है. यह बयान ऐसे समय में जारी किया गया है जब लेबनान, इजरायल और हिज्बुल्लाह के बीच एक और दौर के संघर्ष का सामना कर रहा है, जिससे एक बड़े क्षेत्रीय युद्ध का डर बढ़ गया है.
सऊदी अरब का कहना है कि उनके सुरक्षाबलों ने प्रिंस सुल्तान एयरबेस को निशाना बनाकर दागी गई तीन बैलिस्टिक मिसाइलों को सफलतापूर्वक इंटरसेप्ट कर नष्ट कर दिया.
इजरायली सेना के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल एफी डेफ्रिन का कहना है कि इजरायल ने यह अभियान इसलिए शुरू किया है ताकि वह ईरान से पैदा हो रहे उस खतरे को खत्म कर सके, जिसे वह अपने अस्तित्व के लिए गंभीर मानता है.डेफ्रिन ने संकेत दिया कि सैन्य अभियान तब तक जारी रहेगा, जब तक सेना अपने लक्ष्य हासिल नहीं कर लेती. उन्होंने कहा कि इसमें जितना समय लगेगा. इजरायल के सामने इस खतरे को खत्म करने के अलावा कोई दूसरा विकल्प नहीं है.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का कहना है कि हमने ईरान की नौसेना को भारी नुकसान पहुंचाया है. होर्मुज में माइंस बिछाने वाले ईरान के कई जहाजों को नष्ट किया गया है. अमेरिका ने ईरान के सैन्य ढांचे के अहम हिस्सों को तबाह कर दिया है, जिनमें उसकी नौसेना, एयर डिफेंस सिस्टम और रडार नेटवर्क शामिल हैं. व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बात करते हुए ट्रंप ने यह भी दावा किया कि इन हमलों से ईरान की नेतृत्व क्षमता भी बुरी तरह कमजोर हो गई है. तेल की कीमतों को लेकर उन्होंने कहा कि भविष्य में तेल के दाम कम होने जा रहे हैं.
ओमान के सलालाह शहर के बंदरगाह पर तेल स्टोरेज टैंकों को ड्रोन से हमला किया गया. हालांकि, इस हमले में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है लेकिन इस हमले में पोर्ट के फ्यूल स्टोरेज टैंकों को निशाना बनाया. ओमान टीवी ने भी इसकी पुष्टि की है। हालांकि यह साफ नहीं है कि यह हमला किसने किया है.