US-Israel-Iran War LIVE Updates: अमेरिका-इजरायल और ईरान जंग का आज 13वां दिन है. दोनों ओर से बदस्तूर हमले जारी हैं. ओमान के दक्षिणी शहर सलालाह के पोर्ट पर हमला हुआ है. यहां तेल स्टोरेज टैंकों पर ड्रोन से हमला किया गया है. इस हमले के बाद ओमान के सुल्तान हैथम बिन तारिक अल-सईद ने ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान से फोन पर बात की है.
वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का कहना है कि होर्मुज स्ट्रेट में हालात जल्द ठीक हो जाएंगे. इजरायली सेना ने लेबनान की राजधानी बेरूत में हिज्बुल्लाह के ठिकानों पर हमले तेज कर दिए हैं.
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अमेरिका के मिशिगन में मौजूद यहूदी धार्मिक स्थल पर फायरिंग हुई है. फिलहाल वहां गोलीबारी जारी है, पुलिस भी मौके पर पहुंच गई है.
ईरान के सरकारी मीडिया ने दावा किया है कि ईरान के दिवंगत सर्वोच्च नेता अली खामेनेई की पत्नी जीवित हैं. कहा गया है कि उनके निधन की खबरें गलत थीं.
जंग के बीच ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा का पहला बयान सामने आया है. उन्होंने कहा कि खाड़ी देशों पर हमले नहीं रुकेंगे. साथ ही स्ट्रेट ऑफ होर्मुज भी बंद ही रखा जाएगा.
ईरान के नए सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई का पहला संदेश कुछ ही मिनटों में जारी होगा. जंग में मोजतबा के पिता अली खामेनेई का निधन हो गया था. इसके बाद मोजतबा को सुप्रीम लीडर बनाया गया था. ईरान की तरफ से बताया गया था कि अमेरिकी हमले में मोजतबा भी घायल हुए थे.
संयुक्त राष्ट्र की शरणार्थी एजेंसी का कहना है कि ईरान में युद्ध के कारण 32 लाख तक लोग विस्थापित हुए हैं. इसमें कहा गया है कि ज्यादातर लोग तेहरान और अन्य बड़े शहरों से भागकर देश के उत्तरी हिस्से या ग्रामीण इलाकों की ओर चले गए हैं.
लोकसभा में मिडिल ईस्ट संकट पर बात हुई. पेट्रोलियम मंत्री हरदीप पुरी ने कहा, 'पेट्रोल, डीजल, केरोसिन, ATF या फ्यूल ऑयल की कोई कमी नहीं है. पेट्रोल, डीजल, एविएशन और फ्यूल ऑयल की उपलब्धता पूरी तरह से सुनिश्चित है.'
एक भारतीय कैप्टन की कमान वाला कच्चे तेल का एक टैंकर, युद्ध प्रभावित 'स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज' से गुजरते हुए मुंबई पहुंच गया है. खाड़ी क्षेत्र में जारी संघर्ष के बीच, इस अत्यधिक जोखिम वाले क्षेत्र को पार करते वक्त, टैंकर ने कुछ समय के लिए अपना ट्रैकिंग सिस्टम बंद कर दिया था ताकि वह "डार्क मोड" में प्रवेश कर सके.
अल जज़ीरा ने नेशनल न्यूज़ एजेंसी के हवाले से बताया कि इज़रायल ने पूर्वी लेबनान के बालबेक ज़िले के क़सर नबा में एक बिल्डिंग पर दो एयरस्ट्राइक किए. इज़रायली सेना और हिज़्बुल्लाह के बीच चल रही झड़पों वाले दक्षिणी शहर खियाम में भी इजरायल की तरफ से भारी गोलाबारी की खबर है.
इज़रायली एयर फ़ोर्स ने ईरान के कई इलाकों में ईरानी सरकार के इंफ्रास्ट्रक्चर के खिलाफ़ "बड़े" एयरस्ट्राइक की एक नई लहर शुरू की है. इज़रायल डिफेंस फ़ोर्स ने ने कहा कि इन ऑपरेशन का मकसद मिलिट्री और स्ट्रेटेजिक जगहों को कमज़ोर करना है.
इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड ने कहा कि पूरे भारत में उसके फ्यूल स्टेशन पूरी तरह चालू हैं, जिससे पूरे देश में पेट्रोल और डीज़ल का आसानी से डिस्ट्रीब्यूशन हो रहा है. कंपनी ने कस्टमर्स से वेरिफाइड जानकारी पर भरोसा करने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की और ग्लोबल एनर्जी मार्केट पर असर डालने वाले क्षेत्रीय झगड़ों को लेकर बढ़ती चिंताओं के बावजूद फ्यूल तक बिना रुकावट पहुंच बनाए रखने का अपना वादा दोहराया.
Al Jazeera की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान के डिप्टी हेल्थ मिनिस्टर अली जाफ़रियन ने बताया कि US और इज़रायली हमलों से अस्पतालों और आस-पड़ोस पर बहुत बुरा असर पड़ा है, जिसमें करीब 1,395 लोग मारे गए हैं. मरने वालों में ज़्यादातर आम लोग हैं. उन्होंने बताया कि 31 बड़े अस्पतालों और 149 हेल्थ सेंटर को नुकसान हुआ है, और 12 अस्पताल अब बंद हैं. कई लोग तुरंत मारे गए और कुछ अभी भी मलबे में फंसे हुए हैं. जाफ़रियन ने बताया कि पिछले चार दिनों में करीब 100 हेल्थ सेंटर प्रभावित हुए, जिसमें दो हेल्थकेयर वर्कर भी शामिल हैं, जो घायलों की मदद करते समय मारे गए.
इराकी कुर्दिस्तान के इरबिल में स्थित इतालवी सैन्य बेस पर बुधवार और गुरुवार की दरमियानी रात एक मिसाइल गिरी है. इटली के रक्षा मंत्रालय ने गुरुवार को इस हमले की पुष्टि करते हुए बताया कि हमले में किसी भी इतालवी कर्मी को चोट नहीं आई है और सभी सुरक्षित हैं. विदेश मंत्री एंटोनियो ताज़ानी ने सोशल मीडिया पर जानकारी दी है कि मिसाइल हमले के वक्त सैन्य कर्मियों ने बंकरों में शरण ली थी. रक्षा मंत्री गुइडो क्रोसेटो इस घटना के बाद से लगातार वरिष्ठ सैन्य कमांडरों के संपर्क में हैं. इटली के करीब 300 सैनिक वर्तमान में इरबिल में तैनात हैं, जो कुर्द सुरक्षा बलों को ट्रेनिंग देने का कार्य कर रहे हैं.
पश्चिम एशिया में जारी ईरान-अमेरिका-इजरायल संघर्ष के बीच बुधवार को इराक के बसरा के पास एक बड़े हादसे की खबर सामने आई है. अमेरिकी स्वामित्व वाले कच्चे तेल के टैंकर सेफसी विष्णु (Safesea Vishnu), जो मार्शल द्वीप समूह के ध्वज के तहत चल रहा था, पर ईरानी 'सुसाइड बोट' (आत्मघाती नाव) से हमला किया गया. इस हमले में जहाज पर सवार एक भारतीय चालक दल सदस्य की दुखद मौत हो गई, जबकि शेष 15 भारतीय चालक दल के सदस्यों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचा दिया गया है.
बगदाद स्थित भारतीय दूतावास ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि दूतावास इराकी अधिकारियों और बचाए गए भारतीय नाविकों के साथ लगातार संपर्क में है. दूतावास हर संभव सहायता प्रदान कर रहा है, जिसमें चिकित्सा सहायता, परिवहन और परिवारों से संपर्क शामिल है. मृतक भारतीय नागरिक की पहचान अभी सार्वजनिक नहीं की गई है और परिवार को सूचना देने की प्रक्रिया चल रही है.
द टाइम्स ऑफ़ इज़रायल ने बताया कि ईरान की तरफ से मिसाइलों की एक नई बौछार के बाद उत्तरी इज़रायल के कुछ इलाकों में सायरन बजने लगे. इज़रायली सेना ने कहा कि इज़रायल डिफेंस फोर्सेज़ आने वाली मिसाइलों को रोकने के लिए काम कर रही है, जबकि होम फ्रंट कमांड ने अलर्ट जारी करके लोगों से सुरक्षा निर्देशों का पालन करने को कहा है.
अल जज़ीरा की रिपोर्ट के मुताबिक, हिज्बुल्लाह ने कहा है कि उसने रात भर इजरायली बेस और कस्बों पर ड्रोन और मिसाइल हमले किए, जिसमें या’आरा बैरक और तेल अवीव के पास बेत लिड और ग्लिलोट बेस शामिल हैं. ग्रुप ने नाहरिया को भी निशाना बनाया और दावा किया कि ड्रोन हमले में मेरोन एयर ऑपरेशंस कमांड एंड कंट्रोल बेस पर रडार को नुकसान पहुंचा.
अल जज़ीरा की रिपोर्ट के मुताबिक, कुवैत के रक्षा मंत्रालय ने बताया कि सुबह-सुबह दुश्मन के एक ड्रोन ने दक्षिणी कुवैत में एक रिहायशी बिल्डिंग पर हमला किया, जिसमें करीब दो लोग घायल हो गए. अधिकारियों ने बताया कि घायलों को इलाज के लिए ले जाया गया. हमले से बिल्डिंग को भी नुकसान हुआ है. अधिकारियों ने ड्रोन या घटना के हालात के बारे में तुरंत और जानकारी नहीं दी.
अल जज़ीरा के मुताबिक, अधिकारियों ने कहा कि यूनाइटेड अरब अमीरात में एयर डिफेंस सिस्टम आने वाले मिसाइल खतरे पर कार्रवाई कर रहे हैं. नेशनल इमरजेंसी क्राइसिस एंड डिज़ास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी ने लोगों से सुरक्षित जगहों पर रहने और स्थिति के बढ़ने पर चेतावनी और अपडेट के लिए ऑफिशियल जानकारी चैनल को फॉलो करने की अपील की है.
एसोसिएटेड प्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान के होर्मुज स्ट्रेट के पास कमर्शियल शिपिंग को टारगेट करने के बाद दुनिया भर में तेल की कीमतें बढ़ गईं, जिससे सप्लाई की चिंता बढ़ गई. इंटरनेशनल बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड, हाल ही में USD 120 के करीब पहुंचने के बाद USD 100 प्रति बैरल से ऊपर चढ़ गया. इस बीच, US बेंचमार्क क्रूड लगभग $95 प्रति बैरल तक उछल गया क्योंकि मार्केट ने इस इलाके में बढ़ते तनाव पर रिएक्ट किया.
एसोसिएटेड प्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, दुबई में गुरुवार सुबह फिर मिसाइल अलर्ट जारी किया गया, क्योंकि एयर डिफेंस ने आने वाली फायरिंग को रोकने का काम किया.
एसोसिएटेड प्रेस के मुताबिक, मुहर्रक आइलैंड पर बहरीन इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास एक इलाके में गुरुवार सुबह भीषण आग लग गई. अधिकारियों ने कहा कि यह ईरानी हमला था. बहरीन के गृह मंत्रालय ने कहा कि आग उस इलाके के तेल टैंकों में लगी थी, जिसमें एयरपोर्ट और देश की तेल इंडस्ट्री से जुड़े फ्यूल स्टोरेज की जगहें हैं. आस-पास के लोगों से कहा गया कि वे भारी धुएं की वजह से घर के अंदर रहें और खिड़कियां और वेंटिलेशन बंद कर दें.
कुछ एयरक्राफ्ट पहले ही एयरपोर्ट इलाके से हटा दिए गए थे. यह घटना तब हुई, जब US सेंट्रल कमांड ने ईरानी मिलिट्री एयरक्राफ्ट पर हमलों का फुटेज जारी किया.
अल जज़ीरा की रिपोर्ट के मुताबिक, एक इराकी हथियारबंद ग्रुप, सराया अवलिया अल-दाम का कहना है कि उसने पूरे इराक में US मिलिट्री बेस को निशाना बनाकर सात हमले किए हैं. ग्रुप ने दावा किया कि ये ऑपरेशन उन जगहों पर किए गए थे, जहां अमेरिकी सेना मौजूद थी. हालांकि, हमलों की अभी तक अलग से कोई पुष्टि नहीं हुई है.
इराक के पोर्ट अधिकारियों ने बुधवार को बताया कि इराकी फ्यूल ऑयल ले जा रहे दो विदेशी टैंकरों में, उनके समुद्री इलाके में एक अनजान हमले के बाद आग लग गई. इराक की जनरल कंपनी फॉर पोर्ट्स के डायरेक्टर जनरल फरहान अल-फर्तौसी ने रॉयटर्स को बताया कि इराकी फ्यूल ऑयल ले जाते समय इन जहाजों को निशाना बनाया गया, जिससे दोनों जहाजों में आग लग गई.
घटना के बाद अधिकारियों ने दोनों टैंकरों से 25 क्रू मेंबर्स को निकाला.
लेबनान की राजधानी बेरूत में इजरायली सेना ताबड़तोड़ हमले कर रही है. इन हमलों में सात लोगों की मौत हो गई है जबकि 21 लोग घायल हो गए हैं.
भारत ने पश्चिम एशिया में फंसे अपने नागरिकों को सुरक्षित निकालना शुरू कर दिया है. दर्जनों भारतीयों को लेबनान से और सैकड़ों को कतर से कमर्शियल फ्लाइट से वापस लाया गया है. बेरूत में भारतीय दूतावास के अनुसार, 177 भारतीय नागरिकों के पहले बैच को बुधवार को चार्टर फ्लाइट से दिल्ली वापस भेजा गया. इस बीच, कतर में भारतीय दूतावास ने कहा कि कतर में फंसे 500 से ज्यादा भारतीय बुधवार को कतर एयरवेज की फ्लाइट से भारत आए. यात्री नई दिल्ली और मुंबई समेत दूसरी जगहों के लिए रवाना हुए. दूतावास ने आगे कहा कि कतर एयरवेज 12 मार्च को भारत के लिए दो और फ्लाइट चलाने वाला है, एक नई दिल्ली और एक मुंबई के लिए.
भारतीय अधिकारियों ने X पर एक पोस्ट कर एडवाइजरी जारी की जिसमें भारतीयों से सावधान रहने और सरकारी निर्देशों का पालन करने की अपील की गई. दूतावास ने कहा कि भारतीय नागरिकों को सवालों या इमरजेंसी में मदद करने के लिए उसकी तीन 24/7 हेल्पलाइन चालू हैं.
यरूशलम में गुरुवार तड़के तेज धमाकों की आवाज सुनी गई. हिज्बुल्लाह उत्तरी इजरायल में लगातार रॉकेट दाग रहा है. इजरायली सेना ने बताया कि ईरना से दागी गई मिसाइलों के बाद आने वाले खतरों को रोकने के लिए एयर डिफेंस सिस्टम एक्टिव कर दिए गए हैं. यह अलर्ट ऐसे समय में जारी हुए हैं जब ईरान और हिज्बुल्लाह से जुड़ी बढ़ती सैन्य झड़पों के बीच रॉकेट और ड्रोन हमले बार-बार इजरायली शहरों पर दागे जा रहे हैं.
अमेरिकी रक्षा मंत्रालय ने संसद को बताया कि ईरान युद्ध के शुरुआती छह दिनों में अमेरिका ने 11.3 अरब डॉलर खर्च किए हैं. इस राशि का बड़ा हिस्सा हथियारों और गोला-बारूद पर खर्च हुआ है. कांग्रेस इस युद्ध के लिए अतिरिक्त अरबों डॉलर देने पर विचार कर रही है. व्हाइट हाउस जल्द ही युद्ध के लिए अतिरिक्त फंडिंग की औपचारिक मांग कांग्रेस के सामने रख सकता है.
ईरान ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव की आलोचना की. संयुक्त राष्ट्र में ईरान के राजदूत अमीर सईद इरावानी ने सुरक्षा परिषद में पारित इस प्रस्ताव की आलोचना करते हुए कहा कि यह कदम जंग की वास्तविकता को तोड़-मरोड़कर पेश करने की कोशिश करता है और युद्ध भड़काने में अमेरिका और इजरायल की भूमिका को नजरअंदाज करता है.
इरावानी ने सुरक्षा परिषद की बैठक में कहा कि यह प्रस्ताव मौजूदा संकट के मूल कारणों को नजरअंदाज करता है. उन्होंने 15 सदस्यीय सुरक्षा परिषद से कहा कि यह प्रस्ताव जानबूझकर मौजूदा संकट के मूल कारणों को नजरअंदाज करता है. उन्होंने कहा कि प्रस्ताव में जिक्र तक नहीं है कि इस जंग की शुरुआत अमेरिका और इजरायल के हमलों के बाद हुई. इजरायली सरकार और अमेरिका द्वारा आगे बढ़ाए गए इस पक्षपाती और राजनीतिक रूप से प्रेरित प्रस्ताव का मकसद साफ है, पीड़ित और हमलावर की भूमिकाओं को उलट देना.
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने बहरीन की अगुवाई में लाए गए एक प्रस्ताव को पारित किया है, जिसमें ईरान से खाड़ी देशों पर अपने हमले तुरंत रोकने की मांग की गई है. प्रस्ताव में बहरीन, कुवैत, ओमान, कतर, सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात और जॉर्डन को निशाना बनाकर किए गए हमलों की कड़े शब्दों में निंदा की गई है.यह प्रस्ताव 13 वोटों के समर्थन से पारित हुआ, जबकि इसके खिलाफ कोई वोट नहीं पड़ा. वहीं, रूस और चीन ने मतदान में हिस्सा नहीं लिया.
लेबनान में बढ़ते संघर्ष के बीच 29 देशों के एक ग्रुप ने इजरायल पर ईरानी हमलों में शामिल होने के लिए हिज्बुल्लाह की कड़ी निंदा की है, साथ ही इजरायल से सिविलियन इंफ्रास्ट्रक्चर और घनी आबादी वाले इलाकों पर हमले से बचने की भी अपील की है. यह बयान ऐसे समय में जारी किया गया है जब लेबनान, इजरायल और हिज्बुल्लाह के बीच एक और दौर के संघर्ष का सामना कर रहा है, जिससे एक बड़े क्षेत्रीय युद्ध का डर बढ़ गया है.
सऊदी अरब का कहना है कि उनके सुरक्षाबलों ने प्रिंस सुल्तान एयरबेस को निशाना बनाकर दागी गई तीन बैलिस्टिक मिसाइलों को सफलतापूर्वक इंटरसेप्ट कर नष्ट कर दिया.
इजरायली सेना के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल एफी डेफ्रिन का कहना है कि इजरायल ने यह अभियान इसलिए शुरू किया है ताकि वह ईरान से पैदा हो रहे उस खतरे को खत्म कर सके, जिसे वह अपने अस्तित्व के लिए गंभीर मानता है.डेफ्रिन ने संकेत दिया कि सैन्य अभियान तब तक जारी रहेगा, जब तक सेना अपने लक्ष्य हासिल नहीं कर लेती. उन्होंने कहा कि इसमें जितना समय लगेगा. इजरायल के सामने इस खतरे को खत्म करने के अलावा कोई दूसरा विकल्प नहीं है.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का कहना है कि हमने ईरान की नौसेना को भारी नुकसान पहुंचाया है. होर्मुज में माइंस बिछाने वाले ईरान के कई जहाजों को नष्ट किया गया है. अमेरिका ने ईरान के सैन्य ढांचे के अहम हिस्सों को तबाह कर दिया है, जिनमें उसकी नौसेना, एयर डिफेंस सिस्टम और रडार नेटवर्क शामिल हैं. व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बात करते हुए ट्रंप ने यह भी दावा किया कि इन हमलों से ईरान की नेतृत्व क्षमता भी बुरी तरह कमजोर हो गई है. तेल की कीमतों को लेकर उन्होंने कहा कि भविष्य में तेल के दाम कम होने जा रहे हैं.
ओमान के सलालाह शहर के बंदरगाह पर तेल स्टोरेज टैंकों को ड्रोन से हमला किया गया. हालांकि, इस हमले में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है लेकिन इस हमले में पोर्ट के फ्यूल स्टोरेज टैंकों को निशाना बनाया. ओमान टीवी ने भी इसकी पुष्टि की है। हालांकि यह साफ नहीं है कि यह हमला किसने किया है.