ईरान ने अपने युद्धपोत IRIS डेना पर हुए हमले का अमेरिका से बदला ले लिया है. हिंद महासागर में ईरानी युद्धपोत पर हमले के बाद इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने गुरुवार को दावा किया कि उसने उत्तरी फारस की खाड़ी में एक अमेरिकी टैंकर पर हमला किया. ईरानी सरकारी मीडिया ने कहा कि हमले के बाद अमेरिकी जहाज में आग लगी हुई थी.
यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब ईरानी विदेश मंत्री ने चेतावनी दी है कि श्रीलंका के तट पर IRIS डेना पर बुधवार रात के हमले के लिए अमेरिका को "बहुत पछतावा" होगा. इसके लिए उन्होंने 'BITTERLY REGRET' शब्द का इस्तेमाल किया.
यह हमला ईरानी सेना IRGC के एक बयान के तुरंत बाद हुआ. इसमें कहा गया था कि होर्मुज स्ट्रेट से जहाजों का आना-जाना उसके कंट्रोल में होगा. यह घटना संघर्ष में एक बड़ी बढ़ोतरी को दिखाता है, जिसमें ईरान में 1200 से ज़्यादा लोग मारे गए हैं और छह अमेरिकी सैनिकों की जान चली गई है.
गुरुवार को ईरान ने तेल टैंकर पर हमला करने का जो दावा किया वह श्रीलंका के दक्षिणी तट पर एक US सबमरीन द्वारा ईरानी युद्धपोत को डुबोने के 24 घंटे से भी कम समय बाद आया है. इससे युद्ध क्षेत्र हिंद महासागर तक फैल गया और यह भारत के पिछले हिस्से तक आ गया.
गार्ड्स के पब्लिक रिलेशन्स डिपार्टमेंट ने सरकारी न्यूज एजेंसी IRNA के एक बयान में कहा कि ईरानी नेवी ने “उत्तरी खाड़ी में एक अमेरिकी तेल टैंकर को कामयाबी से निशाना बनाया.”
इस बारे में और कोई जानकारी नहीं दी गई और ईरानी दावे पर तुरंत US की तरफ से कोई कमेंट नहीं आया.
ईरान ने तेज किए हमले
ईरान ने गुरुवार सुबह इज़रायली और अमेरिकी बेस पर हमलों की एक नई लहर शुरू की और धमकी दी कि अमेरिका को हिंद महासागर में ईरानी युद्धपोत पर टॉरपीडो करने का "बहुत पछतावा" होगा. एक धार्मिक नेता ने ट्रंप के लिए तीखे शब्दों का प्रयोग किया, जबकि इज़रायल ने कहा कि उसने तेहरान पर "बड़े पैमाने पर" हमला शुरू कर दिया है.
इज़रायल ने कई मिसाइल हमलों की घोषणा की और तेल अवीव और यरुशलम में हवाई सायरन बजाए गए. ईरानी सरकारी टेलीविजन ने कहा कि हमलों में US बेस को निशाना बनाया गया.
इज़रायली सेना ने कहा कि उसने पिछले 24 घंटों में लेबनान में ईरान के समर्थन वाले हिज़्बुल्लाह मिलिटेंट ग्रुप से जुड़े 80 टारगेट पर हमला किया है. इजरायल ने ईरान पर हमलों की एक लहर शुरू की. इजरायल ने ईरान ने लंबी दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल लॉन्च साइट्स और दूसरे टारगेट को निशाना बनाया है.
ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने US नेवी पर हिंद महासागर में ईरानी फ्रिगेट IRIS डेना को डुबोने को "समुद्र में अत्याचार" का नाम दिया. इसमें कम से कम 87 ईरानी नाविक मारे गए.
उन्होंने सोशल मीडिया पर कहा, "मेरे शब्दों को याद रखना US ने जो मिसाल दी है उस पर बहुत पछतावा होगा."
6ठे दिन भी जंग जारी
ईरान और इजरायल-अमेरिका की जंग छठे दिन भी जारी है. ईरान में अबतक मरने वालों की संख्या 1230 हो गई है. ईरान की राजधानी तेहरान में गुरुवार को भी धमाके हुए. ईरानी सरकारी टेलीविजन ने कहा कि गुरुवार को भी हमलों में भी US बेस को निशाना बनाया गया. ये हमला इराक में किया गया.
इजराइल ने तेहरान पर 11वीं वेव्स के हमले किए. इसमें IRGC मुख्यालय, बसिज मुख्यालय, मिसाइल लॉन्चर, डिफेंस सिस्टम और लॉजिस्टिक्स साइट्स निशाना बनाया गया. IDF ने दावा किया कि ईरान की मिसाइल क्षमता 86% और ड्रोन 73% कम हो गई है. अमेरिका ने B-52 बॉम्बर्स से हमले जारी रखे, CENTCOM ने 2,000+ स्ट्राइक्स की पुष्टि की.
वहीं ईरान ने इजराइल, अमेरिकी बेस, कतर, बहरीन, यूएई, सऊदी अरब, अजरबैजान और कुर्द फोर्सेस (इराक में) पर मिसाइल-ड्रोन हमले किए. दोहा पर ईरान ने एक बार फिर हमला किया. लेकिन दोहा ने दावा किया कि इसे इंटरसेप्ट कर दिया गया.
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