'ट्रंप जंग शुरू कर सकते हैं, लेकिन खत्म कैसे होगी ये तय नहीं कर सकते', ईरान की US को खुली चुनौती

ईरान ने अमेरिका से बातचीत की इच्छा जताई है, लेकिन शर्तों के साथ. संसद स्पीकर ग़ालिबाफ ने कहा कि दबाव की नीति स्वीकार नहीं होगी. ट्रंप की परमाणु डील को लेकर धमकी के बाद ईरान ने कड़ी जवाबी कार्रवाई की भी चेतावनी दी है.

Advertisement
ईरानी संसद अध्यक्ष ने कहा कि वह दबाव में बातचीत नहीं करेंगे (Photo-Agency) ईरानी संसद अध्यक्ष ने कहा कि वह दबाव में बातचीत नहीं करेंगे (Photo-Agency)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 29 जनवरी 2026,
  • अपडेटेड 7:32 AM IST

ईरान और अमेरिका के बीच तनाव चरम पर पहुंच गया है. एक ओर जहां राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को 'परमाणु समझौते' के लिए टेबल पर आने की कड़ी चेतावनी दी है, वहीं ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बागेर गालिबाफ ने स्पष्ट किया है कि ईरान बातचीत के लिए तैयार है, लेकिन वह अमेरिका की शर्तों को मानने के लिए मजबूर नहीं होगा.

Advertisement

ईरान की संसद के स्पीकर मोहम्मद बाकर गालिबाफ ने साफ कहा है कि ईरान अमेरिका से बातचीत के लिए तैयार है, लेकिन तभी जब वार्ता ईमानदार हो और उस पर वॉशिंगटन की शर्तें न थोपी जाएं.

तेहरान में सीएनएन को दिए इंटरव्यू में गालिबाफ ने अमेरिका की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा, “हम बातचीत के लिए तैयार हैं, लेकिन हमें लगता है कि अमेरिकी राष्ट्रपति सिर्फ अपनी बात थोपना चाहते हैं.”

यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका ने मध्य-पूर्व में अपनी सैन्य मौजूदगी बढ़ा दी है और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप लगातार ईरान को सैन्य कार्रवाई की चेतावनी दे रहे हैं. गालिबाफ ने देश के भीतर हुए हिंसक प्रदर्शनों को लेकर सरकार के कदमों का बचाव किया और कहा कि अशांति में मारे गए करीब 300 सुरक्षाकर्मियों के खून का बदला लिया जाएगा. 

Advertisement

यह भी पढ़ें: 'बातचीत को तैयार हैं लेकिन पुश किया गया तो...', राजी तो हुआ ईरान लेकिन शर्त भी रखी

आर्थिक कुप्रबंधन की बात स्वीकारी

उन्होंने आर्थिक बदहाली के लिए आंशिक रूप से सरकारी कुप्रबंधन को स्वीकार किया, लेकिन इसका मुख्य कारण अमेरिका के “तानाशाही प्रतिबंधों” को बताया. ईरानी संसद के अध्यक्ष ने अमेरिकी सेना को सीधी चेतावनी देते हुए कहा कि अगर ईरान पर हमला हुआ तो जवाबी कार्रवाई तय है और अमेरिकी सैनिक निशाने पर होंगे. 

उन्होंने कहा, “शायद मिस्टर ट्रंप जंग शुरू कर सकते हैं, लेकिन वह यह तय नहीं कर सकते कि जंग कैसे खत्म होगी.” इससे पहले राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को चेताया था कि वह परमाणु समझौते पर बातचीत करे, वरना अगला अमेरिकी हमला पहले से कहीं ज्यादा भयावह होगा. सोशल मीडिया पर ट्रंप ने लिखा कि ईरान को बिना परमाणु हथियारों वाला “न्यायसंगत समझौता” करना होगा और समय तेजी से खत्म हो रहा है. 

ईरान की तरफ से भी तीखी प्रतिक्रिया आई है. सुप्रीम लीडर के सलाहकार अली शमखानी ने कहा कि अमेरिका की किसी भी सैन्य कार्रवाई की स्थिति में ईरान अमेरिका, इजरायल और उनके समर्थकों को निशाना बनाएगा. विदेश मंत्री अब्बास अराकची ने भी चेताया कि ईरानी सेनाएं “ट्रिगर पर उंगली रखे” किसी भी हमले का तुरंत और ताकतवर जवाब देने को तैयार हैं. अमेरिका जून 2025 में हुए हमलों के बाद से मध्य-पूर्व में सबसे बड़ा सैन्य जमावड़ा कर रहा है, जिससे क्षेत्र में तनाव चरम पर पहुंच गया है.
 

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement