ईरान की राजधानी तेहरान में सोमवार को सरकार के समर्थन में बड़े पैमाने पर प्रदर्शन देखने को मिला. ईरानी सरकारी टेलीविजन ने राजधानी के एंगेलाब स्क्वायर की ओर उमड़ती भीड़ की तस्वीरें प्रसारित कीं. सरकारी मीडिया ने इस रैली को "अमेरिकी-ज़ायोनी आतंकवाद के खिलाफ ईरानी जनता का जनउभार" करार दिया. हालांकि, इन प्रदर्शनों के पीछे देश की खराब आर्थिक स्थिति और बढ़ती महंगाई से उपजे असंतोष का कोई ज़िक्र नहीं किया गया, जिसने दो हफ्ते पहले देशभर में विरोध प्रदर्शनों को जन्म दिया था.
राज्य टीवी ने न सिर्फ तेहरान बल्कि देश के अन्य हिस्सों से भी इसी तरह के प्रदर्शन की तस्वीरें दिखाईं. इन प्रसारणों के ज़रिए यह संदेश देने की कोशिश की गई कि सरकार ने हालिया विरोध प्रदर्शनों पर काबू पा लिया है. इससे पहले सोमवार को ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने भी दावा किया था कि हालात अब पूरी तरह नियंत्रण में हैं.
यह भी पढ़ें: तेहरान की मस्जिद में तोड़फोड़ का CCTV फुटेज आया सामने... ईरान आंदोलन की एक और खौफनाक तस्वीर
ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा, "लेकिन जनवरी के पहले दिन से ये प्रदर्शन फिर से शुरू हुए, हालांकि एक नए रूप में." उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शनों के दौरान हथियारबंद तत्व भी शामिल थे. अराघची के मुताबिक, "प्रदर्शनकारियों के बीच सशस्त्र लोग देखे गए, जो न सिर्फ हमारी सुरक्षा एजेंसियों और पुलिस पर गोली चला रहे थे, बल्कि इससे भी ज्यादा गंभीर बात यह है कि वे आम नागरिकों को भी निशाना बना रहे थे."
ट्रंप के बयान के बाद बिगड़े थे हालात!
अराघची ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयानों का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा, "अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा था कि अगर लोगों की हत्या होती है तो हम हस्तक्षेप करेंगे." विदेश मंत्री का आरोप था कि ट्रंप की इन टिप्पणियों के बाद अराजकता फैलाने वाले तत्वों ने जानबूझकर मौतों की संख्या बढ़ाने की कोशिश की, ताकि अमेरिका को हस्तक्षेप के लिए उकसाया जा सके.
यह भी पढ़ें: सड़कों पर ताबूत ही ताबूत... ईरान में प्रदर्शन में मरने वालों के अंतिम संस्कार में दिखा दर्दनाक मंजर, उमड़ी भीड़
ईरान में प्रदर्शन को काबू किया गया!
ईरानी विदेश मंत्री ने आगे कहा, "10 जनवरी से लेकर आज तक हम अगले चरण में हैं, जिसमें स्थिति को नियंत्रण में कर लिया गया है." सरकार का कहना है कि अब सुरक्षा हालात स्थिर हैं और देश में व्यवस्था बहाल हो चुकी है. हालांकि, अधिकार समूहों के मुताबिक हालिया अशांति में सैकड़ों लोगों की मौत हो चुकी है और हजारों गिरफ्तारियां हुई हैं. इसके बावजूद सरकार लगातार यह दावा कर रही है कि हालात पूरी तरह उसके नियंत्रण में हैं.
aajtak.in