ईरान में जनविद्रोह की आवाज लगातार बुलंद हो रही है. लेकिन इस आवाज को कुचलने के लिए ईरानी सत्ता प्रतिष्ठान हर मुमकिन कोशिश कर रहा है. ईरान से आ रही खबरों के मुताबिक ईरानी अधिकारियों ने पूरे देश में इंटरनेट तो बंद ही कर दिया था. अब ईरानी पुलिस घर-घर जाकर लोगों के छतों से सैटेलाइट डिश ज़ब्त कर रही है. यही नहीं प्रदर्शनकारियों की पहचान का पता लगाने के लिए पुलिस प्राइवेट सिक्योरिटी कैमरों से फुटेज लेकर जानकारी इकट्ठा कर रही है.
इस बीच ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा है कि तेहरान अमेरिका के किसी भी कदम के लिए तैयार है, जिसमें मिलिट्री कदम भी शामिल हैं. विदेश मंत्री अराघची ने अमेरिकी सरकार को खुली चुनौती दी है और कहा है कि ईरान किसी भी जंग के लिए तैयार है.
अराघची ने कहा, "हम किसी भी कदम के लिए तैयार हैं. अगर वे फिर से मिलिट्री ऑप्शन आजमाना चाहते हैं, जिसे वे पहले ही आजमा चुके हैं, तो हम तैयार हैं."
अराघची ने कहा कि पिछले साल की 12 दिनों की लड़ाई के बाद ईरान ने अपनी क्षमता में इजाफा किया है.
इधर ईरान में बड़ी संख्या में लोग सरकार के समर्थन में सड़कों पर निकल रहे हैं. राजधानी तेहरान में सरकार के समर्थन में एक विशाल रैली आयोजित की गई.
ईरान में प्रदर्शन की खबरों पर रिपोर्ट देने वाली वेबसाइट ईरान इंटरनेशनल ने अपनी एक रिपोर्ट में कहा है कि तेहरान के कुछ हिस्सों में सुरक्षा बलों ने सोमवार को घर-घर जाकर ऑपरेशन शुरू किया, जिसमें सैटेलाइट डिश हटाए गए और प्राइवेट CCTV कैमरों की रिकॉर्डिंग ज़ब्त की गईं.
ये कार्रवाई 8 जनवरी से पूरे देश में इंटरनेट बंद होने और फ़ोन नेटवर्क में भारी रुकावट के बीच हो रही है, जिससे सैटेलाइट चैनल ही अपडेट का लगभग एकमात्र सोर्स बचे हैं. लेकिन अब ईरानी सत्ता इसे भी ब्लॉक कर रही है.
ईरान में दिसंबर 2025 के अंत से शुरू हुए देशव्यापी प्रदर्शन जनवरी 2026 में भीषण रूप ले चुका है. ये विरोध शुरुआत में आर्थिक संकट, रियाल में भारी गिरावट, महंगाई और पेट्रोल-खाद्य पदार्थों की कीमतों से उपजे थे, लेकिन अब ये इस्लामिक गणराज्य और सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई के खिलाफ खुले विद्रोह में बदल चुके हैं. प्रदर्शनकारी सड़कों पर उतरकर "तानाशाह मुर्दाबाद", "खामेनेई हटाओ" और निर्वासित क्राउन प्रिंस रेजा पहलवी की वापसी के नारे लगा रहे हैं. ये आंदोलन अब 186 से अधिक शहरों और सभी 31 प्रांतों में फैल चुका है.
मानवाधिकार संगठनों के अनुसार ईरान में सरकारी दमन से मरने वालों की संख्या 500 से 640 तक पहुंच चुकी है. 10,000 से ज्यादा गिरफ्तारियां हुई हैं.
बिजली और पानी अधिकारी बन घर में घुस रहे
ईरान इंटरनेशनल को निवासियों ने बताया कि एजेंट पानी और बिजली अधिकारियों के रूप में घरों में घुस रहे हैं और सैटेलाइट डिश ज़ब्त कर कर रहे हैं. इसके बाद यहां के लोग इनफॉर्मेशन ब्लैक आउट में जी रहे हैं.
बता दें कि ईरान में देशव्यापी इंटरनेट बंद को पांच दिन हो गए हैं. नेटब्लॉक्स ने कहा कि सोमवार शाम स्थानीय समय के अनुसार ब्लैकआउट 100 घंटे तक पहुंच गया था. नेटब्लॉक्स इंटरनेट ट्रैफिक पर नजर रखने वाली संस्था है.
इंटरनेट और फोन एक्सेस बंद होने से ईरान के अंदर और बाहर रहने वाले परिवार एक-दूसरे से पूरी तरह कट गए हैं. किसे गिरफ्तार किया गया है, कहां पुलिस एक्शन हो रहा है. इसकी कोई जानकारी लोगों को नहीं मिल पा रही है. ईरान इंटरनेशनल को भेजे गए मैसेज के अनुसार, कई लोग अपने प्रियजनों से संपर्क नहीं कर पा रहे हैंजिससे लोगों में चिंता और डर बढ़ रहा है.
प्रदर्शनकारियों ने CCTV कैमरे बंद किए
पाबंदियों के बावजूद जो सीमित फुटेज बाहर की दुनिया तक पहुंचा है, उससे पता चलता है कि कई शहरों में विरोध प्रदर्शन जारी हैं. कई प्रदर्शनकारी अब सीसीटीवी कैमरे ही बंद कर रहे हैं. ताकि उनकी पहचान न हो सके.
ईरान इंटरनेशनल को भेजे गए वीडियो में प्रदर्शनकारी करज, अल्बोर्ज़ प्रांत, महल्लात, मरकज़ी प्रांत और पाकदाश्त, तेहरान प्रांत में CCTV कैमरे बंद करते दिख रहे हैं.
करज के एक वीडियो में भीड़ के बीच एक प्रदर्शनकारी CCTV कैमरा बंद करता दिख रहा है.
ईरान के सेंट्रल मरकज़ी प्रांत से मिले फूटेज में प्रदर्शनकारी सड़क पर आग लगाते और सर्विलांस कैमरों को बंद करते दिख रहे हैं.
फ़ार्स प्रांत के मर्वदश्त में मारे गए प्रदर्शनकारी खोदादाद शिरवानी के अंतिम संस्कार का एक अलग वीडियो दिखाता है कि जब भीड़ सरकार के खिलाफ नारे लगा रही थी, तब एक शोक मनाने वाला व्यक्ति एक सिक्योरिटी कैमरे को बंद कर रहा था.
ईरान ने कहा- युद्ध के लिए तैयार हैं
इस बीच ईरान और अमेरिका के बीच तनाव उच्चतम स्तर पर है. ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने अल जज़ीरा को दिए एक इंटरव्यू में कहा कि तेहरान अमेरिका के किसी भी कदम के लिए तैयार है, जिसमें मिलिट्री कदम भी शामिल हैं।
अराघची ने कहा, "हम किसी भी कदम के लिए तैयार हैं. अगर वे फिर से मिलिट्री ऑप्शन आजमाना चाहते हैं, जिसे वे पहले ही आजमा चुके हैं, तो हम तैयार हैं."
उन्होंने कहा कि जून में 12 दिन की जंग से पहले की तुलना में अब ईरान की तैयारी का लेवल, मात्रा और क्वालिटी दोनों में ही इजाफा हुआ है.
उन्होंने कहा, "हमारी तैयारी पहले से कहीं ज़्यादा मज़बूत है, पैमाने और क्षमता दोनों में." "हम सभी ऑप्शन के लिए तैयार हैं, चाहे वे मिलिट्री ऑप्शन चुनें या डिप्लोमैटिक, उन शर्तों के तहत जिनका मैंने ज़िक्र किया."
इस बीच अमेरिका ने ईरान के खिलाफ सख्त सैन्य विकल्पों पर विचार करना शुरू कर दिया है.
aajtak.in