ईरान में खामेनेई की सेना ने 36000 लोगों को मार डाला... 8-9 जनवरी ईरानियों के लिए बनी कयामत की रात

ईरान में जनवरी की शुरुआत में विरोध प्रदर्शनों के दौरान हुए दमन को लेकर चौंकाने वाले दावे सामने आए हैं. विपक्षी मीडिया ईरान इंटरनेशनल के मुताबिक, 8 और 9 जनवरी को हुए सरकारी एक्शन में 36 हजार से ज्यादा लोगों की मौत हुई. इसे इतिहास का सबसे बड़ा दो दिवसीय नागरिक जनसंहार बताया जा रहा है.

Advertisement
ईरान में सुप्रीम लीडर खामेनेई को सत्ता से हटाने के लिए लोग प्रदर्शन कर रहे थे. (Photo- ITG) ईरान में सुप्रीम लीडर खामेनेई को सत्ता से हटाने के लिए लोग प्रदर्शन कर रहे थे. (Photo- ITG)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 26 जनवरी 2026,
  • अपडेटेड 12:58 PM IST

ईरान में जनवरी की शुरुआत में हुए सरकार विरोधी प्रदर्शनों को लेकर बेहद गंभीर और चौंकाने वाले दावे सामने आए हैं. विपक्ष समर्थित ईरानी न्यूज वेबसाइट ईरान इंटरनेशनल ने रविवार को अपनी रिपोर्ट में कहा कि 8 और 9 जनवरी को हुए दमन में ईरानी शासन द्वारा 36 हजार से अधिक लोगों को मौत के घाट उतार दिया गया.

ईरान इंटरनेशनल के मुताबिक, यह आंकड़ा "क्लासिफाइड दस्तावेजों, फील्ड रिपोर्ट्स, मेडिकल स्टाफ, चश्मदीदों और पीड़ित परिवारों के बयानों" के आधार पर तैयार किया गया है. रिपोर्ट में दावा किया गया है कि यह दो दिनों में हुआ अब तक का सबसे बड़ा और सबसे खूनी नागरिक जनसंहार है, जो सड़क पर हुए विरोध प्रदर्शनों के दौरान दर्ज किया गया.

Advertisement

यह भी पढ़ें: ट्रंप की धमकी से डर गए खामेनेई? अंडरग्राउंड शेल्टर में जाकर छिपे... तीसरे बेटे को सौंप दी ईरान की कमान

रिपोर्ट के अनुसार, अधिकतर हत्याएं इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) और उससे जुड़ी बसीज मिलिशिया द्वारा की गईं. इसके अलावा इराक और सीरिया से लाए गए प्रॉक्सी लड़ाकों का भी इस्तेमाल किया गया. ईरान के आंतरिक मंत्रालय से जुड़े सूत्रों ने बताया कि प्रांतीय सुरक्षा परिषदों की 20 जनवरी की रिपोर्ट में मरने वालों की संख्या 30 हजार से अधिक बताई गई थी.

खामेनेई शासन ने 30 हजार मौत के दावों को किया खारिज

ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बकाई ने हालिया अशांति के दौरान दो दिनों में 30 हजार लोगों के मारे जाने के दावों को सिरे से खारिज किया है. उन्होंने इन रिपोर्ट्स को खुला दुष्प्रचार बताते हुए कहा कि यह "हिटलर-शैली का बड़ा झूठ" है. एक्स पर पोस्ट कर बकाई ने आरोप लगाया कि विरोधी ताकतें जमीनी स्तर पर नाकाम होने के बाद मीडिया के जरिए फर्जी आंकड़े गढ़कर माहौल बिगाड़ने की कोशिश कर रही हैं.

Advertisement

अलग-अलग रिपोर्ट में अलग-अलग मौत के आंकड़े

ईरान इंटरनेशनल ने यह भी दावा किया कि 21 जनवरी को संसद की राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेश नीति समिति के सामने पेश की गई एक रिपोर्ट में मृतकों की संख्या 27,500 से अधिक बताई गई. वहीं सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल से जुड़े दो सूत्रों ने कहा कि IRGC की दो अलग-अलग रिपोर्ट्स में यह आंकड़ा 33 हजार और 36,500 से ज्यादा बताया गया है.

सुप्रीम लीडर खामेनेई के अंडरग्राउंड होने का दावा

इसी बीच, रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि बढ़ते अमेरिकी हमले के खतरे के आकलन के बाद ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई तेहरान में एक विशेष अंडरग्राउंड शेल्टर में चले गए हैं. यह सुविधा सुरंगों से जुड़ा एक मजबूत बंकर बताई जा रही है.

यह भी पढ़ें: ईरान में जंग की आहट तो नहीं? Air France और KLM ने इजरायल के लिए उड़ानें रद्द कीं

रेजा पहलवी की अपील, चुनाव कराने की मांग

दूसरी ओर, ईरान के भीतर चल रहे विरोध प्रदर्शनों के समर्थन में ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, यूरोप और अमेरिका समेत कई देशों में प्रदर्शन और मार्च आयोजित किए जाने की तैयारी है. ईरान के निर्वासित क्राउन प्रिंस रेजा पहलवी ने भी बयान दिया है कि वह इस्लामिक रिपब्लिक को हटाने और ईरान में धर्मनिरपेक्ष लोकतंत्र स्थापित करने की प्रक्रिया में मदद के लिए तैयार हैं, बशर्ते स्वतंत्र चुनाव कराए जाएं.

Advertisement

मिडिल ईस्ट के देशों के लिए कई उड़ान रद्द

तनाव के बीच कई अंतरराष्ट्रीय एयरलाइंस जैसे लुफ्थांसा, एयर फ्रांस, केएलएम और स्विस ने इजरायल, यूएई और सऊदी अरब के लिए अपनी उड़ानें रद्द कर दी हैं. वहीं संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद ने भी ईरानी सुरक्षा बलों की कार्रवाई की कड़ी निंदा करते हुए प्रस्ताव पारित किया है.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement