दुनिया के सबसे अहम तेल मार्ग स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर ईरान ने बड़ा कदम उठाने की तैयारी की है. ईरान ने संकेत दिए हैं कि वह इस मार्ग से गुजरने वाले जहाजों पर ट्रांजिट शुल्क लागू कर सकता है. यह जानकारी ईरान के कानूनी और अंतरराष्ट्रीय मामलों के उप मंत्री काजेम गरीबाबादी के बयान से सामने आई है.
जानकारी के अनुसार, ईरान आने वाले हफ्तों में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों के लिए दो अलग-अलग प्रोटोकॉल जारी करेगा. इनमें एक प्रोटोकॉल व्यावसायिक जहाजों के लिए होगा और दूसरा सैन्य जहाजों के लिए. इस प्रस्तावित योजना पर ईरान की संसद और सरकार विचार कर रही है.
व्यावसायिक और सैन्य जहाजों के लिए अलग-अलग प्रोटोकॉल
इस बीच ओमान के साथ मिलकर ईरान इस मार्ग पर जहाजों की आवाजाही की निगरानी के लिए भी एक नया प्रोटोकॉल तैयार कर रहा है. इस खबर के सामने आने के बाद वैश्विक तेल बाजार में हलचल देखी गई है.
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया के तेल परिवहन का एक प्रमुख रास्ता है. लेकिन 28 फरवरी को शुरू हुए युद्ध के बाद से यह मार्ग लगभग बंद हो गया था. यह जंग अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर किए गए हमलों के बाद शुरू हुआ था. इसके चलते वैश्विक तेल आपूर्ति प्रभावित हुई और कीमतों में भारी तेजी आई.
तेल की कीमतों में उछाल का असर दुनियाभर की अर्थव्यवस्थाओं पर पड़ा. अमेरिका में पेट्रोल की कीमतें एक महीने में 30 प्रतिशत से ज्यादा बढ़कर 4 डॉलर प्रति गैलन के पार पहुंच गईं.
इसी दौरान डोनाल्ड ट्रंप के राष्ट्र के नाम संबोधन के बाद अमेरिकी शेयर बाजारों में गिरावट आई थी. उन्होंने संकेत दिया था कि ईरान के साथ युद्ध कई हफ्तों तक जारी रह सकता है. हालांकि, जैसे ही ईरान और ओमान के बीच नए प्रोटोकॉल की खबर सामने आई, अमेरिकी शेयर बाजारों में तेजी लौट आई.
तेल की कीमतों में भी कुछ नरमी देखने को मिली. बाजार को उम्मीद है कि इस नई व्यवस्था के जरिए स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को आंशिक रूप से खोला जा सकता है, जिससे तेल आपूर्ति सामान्य हो सके.
खबर से तेल कीमतों में नरमी, वैश्विक बाजार में दिखा असर
हालांकि ट्रंप ने कहा कि अमेरिका इस मार्ग पर ज्यादा निर्भर नहीं है, लेकिन पेट्रोल की बढ़ती कीमतों का असर आम लोगों पर साफ दिख रहा है. यह घटनाक्रम अब वैश्विक तेल बाजार और अंतरराष्ट्रीय राजनीति के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है.
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