'सभी प्रतिबंध हटे तो समझौते की गुंजाइश...', परमाणु डील को लेकर ईरान ने अमेरिका को दिए बड़े संकेत

ओमान में ईरान-अमेरिका के बीच हुई बातचीत का कुछ नतीजा तो नहीं निकला था, लेकिन अब ईरान ने यूरेनियम संवर्धन कम करने को लेकर बड़े संकेत दिए हैं. ईरान का कहना है कि अगर उसपर लगाए गए सारे इंटरनेशनल सैंक्शन को हटाया जाता है तो वह फिर इस पर विचार कर सकता है.

Advertisement
परमाणु वार्ता के बीच ईरान ने प्रतिबंध हटाने पर नरमी के संकेत दिए (Photo: AFP) परमाणु वार्ता के बीच ईरान ने प्रतिबंध हटाने पर नरमी के संकेत दिए (Photo: AFP)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 09 फरवरी 2026,
  • अपडेटेड 6:49 PM IST

ईरान के परमाणु प्रोग्राम के प्रमुख मोहम्मद एस्लामी ने कहा है कि यदि सभी इंटरनेशनल सैंक्शन पूरी तरह हटाए जाते हैं, तो तेहरान अपने यूरेनियम संवर्धन के भंडार को कम करने पर विचार कर सकता है. यह बयान ऐसे समय आया है जब ईरान और अमेरिका के बीच लंबे समय से चले आ रहे परमाणु विवाद को लेकर बातचीत दोबारा शुरू हुई है.

Advertisement

हालांकि ईरान ने साफ किया है कि अमेरिका के प्रति अविश्वास अब भी कायम है. विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि तेहरान सीरियस बातचीत चाहता है, पर इसके लिए जरूरी है कि दूसरा पक्ष भी समान गंभीरता और रचनात्मकता दिखाए. 

उन्होंने यह भी कहा कि पिछले कुछ सालों में अमेरिका के व्यवहार की वजह अविश्वास की समस्या बनी हुई है, जो अभी भी बातचीत की सबसे बड़ी बाधा है.

अराघची ने ये बातें राजधानी तेहरान में राजनयिकों को संबोधित करते हुए कहीं. उन्होंने मौजूदा स्थिति को समझाते हुए कहा कि दबाव, धमकियों और प्रतिबंधों के माहौल में कोई बातचीत संभव नहीं है.

यह भी पढ़ें: 'ईरान ने क्रॉस की रेड लाइन तो हम अकेले हमला करेंगे', इजरायल ने अमेरिका को दी चेतावनी

वहीं, ईरान के सर्वोच्च नेता के सलाहकार और राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव अली लारिजानी के ओमान दौरे की भी तैयारी हो रही है. वहां वह रीजनल और इंटरनेशनल हालात के अलावा द्विपक्षीय सहयोग पर बातचीत करेंगे. याद रहे कि हाल ही में ओमान में अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत हुई थी, जिसमें दोनों पक्षों ने डिप्लोमेटिक मुद्दों को आगे बढ़ाने की इच्छा जताई थी.

Advertisement

पिछले साल पांच दौर की बातचीत विफल हो गई थी क्योंकि यूरेनियम संवर्धन को लेकर ईरान और अमेरिका के बीच मतभेद थे. अमेरिका चाहता है कि ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम को भी वार्ता में शामिल किया जाए, लेकिन ईरान ने इसे पूरी तरह खारिज कर दिया. ऐसे में सैंक्शन हटाने की शर्त पर यूरेनियम भंडार कम करने का संकेत आने वाले समय में वार्ता की दिशा तय कर सकता है.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement