मिडिल ईस्ट में जारी जंग रुकने की बजाय और भीषण होती जा रही है. अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान के नतांज (Natanz) परमाणु केंद्र पर की गई बमबारी के जवाब में ईरान ने इजरायल के परमाणु शहर डिमोना शहर पर भीषण मिसाइल हमला किया है. 'लिटिल इंडिया' कहे जाने वाले इस शहर में दर्जनों लोग घायल हुए हैं. वहीं सऊदी अरब ने ईरानी राजनयिक और उनकी टीम के तीन सदस्यों को देश छोड़ने का आदेश दिया है. खाड़ी देशों पर बढ़ते ईरानी हमलों के बीच यह एक बड़ा कड़ा कदम माना जा रहा है. ईरानी राष्ट्रपति पजेशकियान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से फोन पर बात की. उन्होंने ब्रिक्स (BRICS) की अध्यक्षता का हवाला देते हुए भारत से अपील की कि वह अमेरिका-इजरायल के हमलों को रुकवाने में अपनी "स्वतंत्र भूमिका" निभाए.
वहीं राष्ट्रपति ट्रंप ने एक ओर युद्ध समाप्त करने (Winding Down) के संकेत दिए, वहीं दूसरी ओर क्षेत्र में अतिरिक्त अमेरिकी सैनिकों की तैनाती और कुछ ईरानी तेल से प्रतिबंध हटाने जैसे मिश्रित संदेश देकर दुनिया को उलझा दिया है. होर्मुज की सुरक्षा: ब्रिटेन, जापान और फ्रांस समेत 20 से अधिक देशों ने होर्मुज स्ट्रेट में सुरक्षित मार्ग सुनिश्चित करने के लिए सैन्य और कूटनीतिक सहयोग का संकल्प लिया है.
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इजरायल की सेना ने दावा किया है कि उसने ईरान के हथियार उत्पादन स्थलों और सरकार से जुड़े बुनियादी ढांचे को निशाना बनाते हुए कई हमले किए हैं. ये हमले ईरान की सैन्य क्षमताओं से जुड़े ठिकानों को निशाना बनाकर किए गए थे. इजरायली सेना ने कहा कि उसने सैनिकों को प्रशिक्षण देने और मिसाइल स्टोर करने वाले एक सैन्य अड्डे के साथ-साथ ईरान के रक्षा मंत्रालय और वायु सेना से जुड़े हथियार उत्पादन स्थलों को निशाना बनाया.
ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका देश के ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर हमले करता है, तो होर्मुज को पूरी तरह से बंद कर दिया जाएगा, जिससे खाड़ी में तनाव बढ़ गया है. यह चेतावनी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा ईरान को अल्टीमेटम जारी करने के बाद आई है. ट्रंप ने ईरान को धमकी दी थी कि वह महत्वपूर्ण तेल परिवहन मार्ग स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को पूरी तरह खोल दे या अपने बिजली संयंत्रों पर हमलों का सामना करने के लिए तैयार रहे.
तुर्की के विदेश मंत्री हाकान फिदान ने ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच चल रहे युद्ध को समाप्त करने के तरीकों पर चर्चा करने के लिए कई वैश्विक नेताओं से फोन पर बातचीत की. यह जानकारी रविवार को एक तुर्की राजनयिक सूत्र ने रॉयटर्स को दी. सूत्र के अनुसार, फिदान ने ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची, मिस्र के विदेश मंत्री बदर अब्देलट्टी, यूरोपीय संघ की विदेश नीति प्रमुख काजा कल्लास और अमेरिकी अधिकारियों से अलग-अलग बातचीत की. चर्चाओं या किसी विशिष्ट प्रस्ताव के बारे में कोई और जानकारी साझा नहीं की गई.
इजरायल की सेना ने कहा है कि उसने ईरान से आ रही मिसाइलों को डिटेक्ट किया है जो देश की ओर बढ़ रही हैं. सेना ने आगे कहा कि प्रभावित क्षेत्रों के लोगों को मोबाइल अलर्ट भेजे गए हैं और उनसे सुरक्षित स्थानों पर शेल्टर लेने और तय सिक्योरिटी एसओपी का पालन करने का आग्रह किया गया है.
संयुक्त अरब अमीरात (United Arab Emirates) के तट के पास एक बल्क कैरियर जहाज के नजदीक अज्ञात प्रोजेक्टाइल से विस्फोट होने की खबर सामने आई है. यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस (UKMTO) ने इस घटना की पुष्टि की है. UKMTO के अनुसार, यह घटना शारजाह के उत्तर में लगभग 15 नॉटिकल मील की दूरी पर हुई. जहाज पर सवार सभी चालक दल के सदस्य सुरक्षित बताए गए हैं. एजेंसी ने कहा कि हमले का असली लक्ष्य क्या था, इसकी अभी पहचान नहीं हो पाई है और जांच जारी है. क्षेत्र में मौजूद अन्य जहाजों को सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है.
प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने इजरायल के अराद में ईरानी मिसाइल हमले वाली जगह का दौरा किया.
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा, 'ईरान ने डिएगो गार्सिया पर एक बैलिस्टिक बैलिस्टिक मिसाइल दागी है. यह 4,000 किलोमीटर की दूरी तय करती है. मैं लगातार चेतावनी देता रहा हूं. अब उनके पास यूरोप के अंदरूनी हिस्सों तक पहुंचने की क्षमता है. वे पहले ही यूरोपीय देश, साइप्रस पर हमले कर चुके हैं. वे हर किसी को अपने निशाने पर ले रहे हैं. वे एक समुद्री अंतरराष्ट्रीय मार्ग, ऊर्जा मार्ग को अवरुद्ध कर रहे हैं और पूरी दुनिया को ब्लैकमेल करने की कोशिश कर रहे हैं.'
अमेरिका के सेंट्रल कमांड ने पहले और बाद की तस्वीरें शेयर करके ईरान के कुह-ए बरजमाली बैलिस्टिक मिसाइल असेंबली फैसिलिटी को नष्ट करने का दावा किया है. ईरान इस फैसिलिटी में छोटी और मध्यम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलों का निर्माण करता है. पहली तस्वीर में 1 मार्च, 2026 को उस स्थान की स्थिति दिखाई गई है. दूसरी तस्वीर 7 मार्च, 2026 की है, जिसमें फैसिलिटी की बिल्डिंग बमबारी में तबाह दिख रही है.
ईरानी संसद के अध्यक्ष का कहना है कि अगर हमारे बिजली संयंत्रों और बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया गया तो ईरान क्षेत्र में महत्वपूर्ण एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर और ऑयल फैसिलिटी पर बिना देर किए जवाबी हमले करेगा. डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को चेतावनी दी थी कि यदि तेहरान 48 घंटों के भीतर होर्मुज को पूरी तरह से नहीं खोलता है, तो अमेरिका उसके बिजली संयंत्रों को नष्ट कर देगा. इसके बाद ईरानी मिसाइलों ने इजरायल के मुख्य परमाणु अनुसंधान केंद्र के पास स्थित दो शहरों पर हमला किया, जिसमें दर्जनों लोग घायल हुए और कई अपार्टमेंट इमारतें क्षतिग्रस्त हो गईं. इन घटनाक्रमों ने संकेत दिया कि मध्य पूर्व में चल रहा युद्ध, जो अब चौथे सप्ताह में है, एक खतरनाक नई दिशा में बढ़ रहा है.
ईरान की न्यूज एजेंसी प्रेस टीवी के मुताबिक दुश्मन के एक एफ-15 लड़ाकू विमान को होर्मुज के पास ईरानी एयर डिफेंससिस्टम ने मार गिराया.
कतर के गृह मंत्रालय ने जानकारी दी है कि एक हेलिकॉप्टर क्रैश हो गया है. इस हादसे में छह लोगों की जान चली गई है.
इनपुट: रॉयटर्स
वेस्ट एशिया के हालात को देखते हुए पीएम नरेंद्र मोदी आज शाम को उच्च स्तरीय बैठक में ऊर्जा, पेट्रोलियम, बिजली और फर्टिलाइजर सप्लाई की समीक्षा करेंगे. पूरी ख़बर को यहां क्लिक कर पढ़ें - गैस-तेल संकट से निपटने की तैयारी... PM मोदी शाम को करेंगे हाई लेवल मीटिंग, मिडिल ईस्ट तनाव के बीच सरकार अलर्ट
ईरान ने अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन यानी IMO के सामने अपनी बात साफ कर दी है. ईरान के प्रतिनिधि ने कहा, "अमेरिका और इजरायल को छोड़कर बाकी सभी देशों के जहाज होर्मुज से गुजर सकते हैं. बस पहले सुरक्षा का इंतजाम करना होगा."
इनपुट: रॉयटर्स
मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में बढ़ते ईरान के दखल को लेकर संयुक्त अरब अमीरात, ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी, जापान और ऑस्ट्रेलिया समेत 22 देशों के नेताओं ने संयुक्त बयान जारी कर गंभीर चिंता जताई है. उन्होंने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में जहाजों पर ईरानी हमलों को समुद्री गुंडागर्दी करार दिया है और तत्काल रूप से हमले रोकने की मांग की है. यहां पढ़ें पूरी खबर...
21 मार्च 2026 को ईरान के खूजिस्तान प्रांत में देजफुल शहर के पास वाहदाती एयरबेस (4th Tactical Fighter Base) पर भारी बमबारी हुई. अमेरिका और इजरायल के प्रेसीजन मिसाइलों ने बेस के गोला-बारूद के बंकरों को निशाना बनाया. हमले के बाद बंकरों में स्टोर किए गए हथियार खुद फटने लगे- सेकेंडरी एक्सप्लोजन की चेन रिएक्शन शुरू हो गई. यहां पढ़ें पूरी खबर...
करीब 8 घंटे की चुप्पी के बाद ईरान ने एक बार फिर इजरायल पर बैलिस्टिक मिसाइल दागी. हमला मध्य इजरायल में हुआ. इसके बाद इलाके में सायरन बजने लगे. इस बार खास बात यह है कि यह हमला क्लस्टर बम से हुआ लगता है.
जापान होरमुज में लड़ने नहीं जाएगा. लेकिन जंग खत्म होने के बाद रास्ता साफ करने जरूर आ सकता है. यह जापान की उस चालाक कूटनीति का हिस्सा है जो अमेरिका को भी खुश रखे और ईरान से भी रिश्ते न बिगड़े. पूरी खबर को आप यहां क्लिक कर पढ़ सकते हैं - 'युद्ध रुका तो माइंस हटाने पर सोचेंगे...', डोनाल्ड ट्रंप की मदद की अपील पर जापान का आया जवाब
जिस दिमोना को अभेद्य किला माना जाता था. वहां ईरान की मिसाइल पहुंच गई. इजरायल के अपने अखबार ने इसे सबसे मुश्किल रात बताया. और ईरान कह रहा है - यह तो बस शुरुआत है. पूरी ख़बर को यहां क्लिक कर पढ़ें - 'सैकड़ों को मौत...', इजरायल के परमाणु प्लांट वाले डिमोना पर हमले के बाद ईरान का दावा, कहा- बदल गया जंग का समीकरण
सऊदी अरब की डिफेंस मिनिस्ट्री ने बताया कि रियाद शहर की तरफ तीन मिसाइलें लॉन्च की गईं. इनमें से एक मिसाइल को एयर डिफेंस सिस्टम ने सफलतापूर्वक इंटरसेप्ट कर मार गिराया, जबकि बाकी दो मिसाइलें ऐसी बंजर और सुनसान जगह पर गिरीं जहां कोई इंसान या बस्ती नहीं थी. इससे कोई जानमाल का नुकसान नहीं हुआ.
इनपुट: रॉयटर्स
इजरायल के मंत्री इतामार बेन-ग्वीर ने रविवार को मिसाइल हमले से प्रभावित अराद का दौरा करने के बाद कहा कि इजरायल को दुश्मन को कुचलना जारी रखना होगा. उन्होंने कहा, 'मैं यहां के निवासियों को मजबूत करने, उन्हें गले लगाने आया हूं. मैं उन्हें सशक्त बनाने आया हूं. ईश्वर का शुक्र है, इजरायल के लोग मजबूत हैं.' समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने कहा, 'वो हमें नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन हमें एक बात याद रखनी चाहिए: हम युद्ध में हैं. यह एक ऐसा युद्ध है जिसमें हमें जीत हासिल करने के लिए लगातार कुचलना होगा.'
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के 48 घंटे के अल्टीमेटम के जवाब में ईरान के सैन्य नेतृत्व ने "जीरो रिस्ट्रेंट" की नीति का ऐलान किया है. ईरानी मीडिया के अनुसार, यूनिफाइड कॉम्बैटेंट कमांड ने कड़े शब्दों में कहा है कि यदि ईरान के ईंधन या ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर कोई भी हमला होता है, तो मध्य पूर्व में मौजूद अमेरिका और उसके सहयोगी देशों के सभी ऊर्जा, सूचना प्रौद्योगिकी और अन्य संयंत्रों को सीधे निशाना बनाया जाएगा.
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इजरायली रक्षा बलों (IDF) ने आधिकारिक पुष्टि की है कि उन्होंने तेहरान में ईरान के बुनियादी ढांचे को निशाना बनाते हुए नए हमले शुरू कर दिए हैं यह कार्रवाई डिमोना और अराद पर हुए ईरानी मिसाइल हमलों के जवाब में की जा रही है, जिसमें 100 से अधिक इजरायली नागरिक घायल हुए थे.
दक्षिण इजरायल के नागरिक क्षेत्रों पर हुए ईरानी मिसाइल हमलों के बाद प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने देश के नाम एक संदेश जारी किया है. नेतन्याहू ने अराद के मेयर यायर मायान से फोन पर बात की और हमलों में घायल हुए नागरिकों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की. उन्होंने इस समय को इजरायल के अस्तित्व और भविष्य की लड़ाई का एक चुनौतीपूर्ण पड़ाव बताया.
मध्य पूर्व में गहराते युद्ध के बीच ब्रिटेन ने अपनी सैन्य शक्ति का प्रदर्शन करते हुए अरब सागर में एक परमाणु संचालित पनडुब्बी तैनात कर दी है. 'डेली मेल' की रिपोर्ट के अनुसार, HMS Anson नामक यह पनडुब्बी टॉमहॉक ब्लॉक IV क्रूज मिसाइलों से लैस है, जो सैकड़ों मील दूर स्थित लक्ष्यों को सटीकता से भेदने में सक्षम है.
दक्षिण इजरायल के दो प्रमुख शहरों डिमोना और अराद पर शनिवार रात हुए ईरानी बैलिस्टिक मिसाइल हमलों ने भारी तबाही मचाई है. इजरायली विदेश मंत्रालय ने एक कड़ा बयान जारी कर कहा. 'ईरानी शासन ने जान-बूझकर नागरिकों पर मिसाइलों से हमला करके अराद और डिमोना को तबाह कर दिया. इसमें बच्चों समेत 100 से ज़्यादा लोग घायल हो गए. यह एक खुला युद्ध अपराध है. यह विशुद्ध आतंकवाद है.'
अमेरिका-ईरान युद्ध के बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बेहद आक्रामक रुख अपनाते हुए ईरान को 48 घंटे की समय सीमा (Deadline) दी है. ट्रंप ने चेतावनी दी है कि यदि ईरान ने होर्मुज को बिना किसी खतरे के पूरी तरह से नहीं खोला, तो अमेरिका ईरान के विभिन्न पावर प्लांट्स (बिजली केंद्रों) को निशाना बनाकर उन्हें पूरी तरह तबाह कर देगा.
ट्रंप ने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा, 'अमेरिका ने ईरान को पूरी तरह तबाह कर दिया है, और फिर भी उनके हल्के विश्लेषक कहते हैं कि मैंने अपने लक्ष्य हासिल नहीं किए. हां, मैंने किए हैं, और तय समय से कई हफ्ते पहले ही कर लिए हैं! उनका नेतृत्व खत्म हो चुका है, उनकी नौसेना और वायुसेना खत्म हो चुकी है, उनके पास बिल्कुल भी रक्षा नहीं बची है, और वे समझौता करना चाहते हैं.लेकिन मैं नहीं चाहता! हम तय समय से कई हफ्ते आगे हैं.'