ईरान के न्यूक्लियर प्लांट पर भीषण हमला, यूरेनियम प्रोसेसिंग यूनिट को बनाया निशाना

ईरान के न्यूक्लियर प्लांट पर हमले के बाद IRGC ने कहा है कि अमेरिकी और इजरायली औद्योगिक कंपनियों में काम करने वाले लोग तत्काल वर्कप्लेस छोड़ दें. ईरान ने इन केंद्रों पर जवाबी हमले की तैयारी की है. अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने शुक्रवार को ही कहा था कि वे ईरान के अहम केंद्रों पर 10 दिनों के लिए हमला रोक रहे हैं.

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ईरान के खोंदाब न्यूक्लियर पावर प्लांट पर हमला. (Photo:X@mamlekate) ईरान के खोंदाब न्यूक्लियर पावर प्लांट पर हमला. (Photo:X@mamlekate)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 27 मार्च 2026,
  • अपडेटेड 10:44 PM IST

ईरान पर एक बड़ा हमला हुआ है. ईरान की सरकारी मीडिया का दावा है कि उसके न्यूक्लियर प्लांट को निशाना बनाया गया है. इसमें हेवी-वॉटर प्लांट और येलोकेक प्रोडक्शन प्लांट शामिल है. ईरान की फ़ार्स न्यूज एजेंसी के अनुसार अमेरिका और इजरायल के हमलों में मध्य ईरान में स्थित एक हेवी वॉटर रिएक्टर को निशाना बनाया गया है. 

फ़ार्स न्यूज एजेंसी ने सेंट्रल मरकजी प्रांत के एक अधिकारी हसन गमारी के हवाले से बताया, "खोंदाब हेवी वॉटर कॉम्प्लेक्स को अमेरिकी और इजरायली दुश्मन के हमले में दो फेज में निशाना बनाया गया."

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हेवी-वॉटर प्लांट और येलोकेक प्रोडक्शन प्लांट दोनों ही परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम से जुड़े महत्वपूर्ण प्लांट होते हैं. हेवी-वॉटर मुख्य रूप से परमाणु रिएक्टरों में न्यूट्रॉन की गति कम करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है. 

Yellowcake यूरेनियम अयस्क से निकाला गया यूरेनियम का शुरुआती केंद्रित रूप होता है. यह पीले रंग का पाउडर होता है. यह परमाणु ईंधन बनाने की पहली स्टेज है. इसी येलोकेक को प्रोसेस कर आगे परमाणु बम बनाया जाता है.

रिपोर्ट के अनुसार ये हमला खोंदाब पावर प्लांट पर हुआ है. यहां तकरीबन 10 बार हमला किया गया है. हमले के बाद यहां काला धुआं निकल रहा है. इस हमले से अबतक किसी के घायल होने या मौत की खबर नहीं आई है. यहां से रेडिएशन की भी कोई खबर नहीं है. 

खोंदाब पावर प्लांट ईरान के मध्य भाग में अराक शहर के पास खोंदाब इलाके में स्थित है. पहले इसे अराक हेवी वॉटर रिएक्टर (Arak Heavy Water Reactor) या IR-40 के नाम से जाना जाता था. 2017 में इसका आधिकारिक नाम बदलकर खोंदाब हेवी वॉटर रिसर्च रिएक्टर कर दिया गया. यह पारंपरिक बिजली उत्पादन करने वाला पावर प्लांट नहीं है, बल्कि एक हेवी वॉटर रिसर्च रिएक्टर है. हेवी वॉटर रिएक्टर प्राकृतिक यूरेनियम से चल सकते हैं और प्लूटोनियम का बाई प्रोडक्ट उत्पन्न करते हैं, जिसके कारण यह परमाणु प्रसार के नजरिए से संवेदनशील माना जाता है.

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अमेरिकी-इजरायली कंपनियों में काम करने वाले लोग जल्द जगह छोड़ें

इस हमले के बाद ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने अमेरिकी और इजरायली औद्योगिक कंपनियों और उद्योगों में काम करने वाले लोगों को तुरंत अपने कार्यस्थल छोड़ने की अपील की है. अल जजीरा ने ईरानी समाचार एजेंसी तस्नीम के हवाले से बताया है कि यह अपील एक हेवी-वॉटर प्लांट और एक येलोकेक उत्पादन प्लांट को निशाना बनाए जाने के बाद की गई है. 

IRGC ने चेतावनी दी है कि उसके लड़ाके इस क्षेत्र में उन औद्योगिक कंपनियों पर जवाबी हमले कर रहे हैं जिनमें अमेरिका का भी हिस्सा है, साथ ही उन भारी उद्योगों को भी निशाना बना रहे हैं जो इस क्षेत्र में इजरायल के सहयोगी हैं. 

IRGC ने आगे कहा कि इन उद्योगों के कर्मचारियों को वहां से निकल जाना चाहिए, और हमले के खत्म होने तक एक किलोमीटर के दायरे में रहने वाले निवासियों को भी उस जगह को खाली कर देना चाहिए. 

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