Iran-America War Tension Live Updates: ईरान इस समय भारी दबाव में है. उसे बाहरी सैन्य खतरे, नए अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों और देश के अंदर बढ़ते संकट का सामना करना पड़ रहा है. अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को चेतावनी दी है कि अगर वह न्यूक्लियर डील पर वापस नहीं आता तो "समय खत्म होने वाला है." ट्रंप ने किसी संभावित सैन्य कार्रवाई से पहले एक गुप्त डेडलाइन तय करने की बात कही है. उन्होंने ईरान के सामने दो शर्तें रखीं हैं जिनमें "परमाणु कार्यक्रम बंद करना" और "प्रदर्शनकारियों पर हिंसा रोकना." शामिल है.
यूरोपीय संघ ने ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स यानी IRGC को आतंकवादी संगठन घोषित कर दिया है और कई लोगों और संस्थाओं पर नए प्रतिबंध लगाए हैं. ईरान के विदेश मंत्री ने कहा है कि देश बातचीत के लिए तैयार है, लेकिन जरूरत पड़ी तो युद्ध के लिए भी पूरी तरह तैयार है.
इस बीच ईरान ने अपनी सेना में 1,000 नए ड्रोन शामिल किए हैं और हॉरमुज स्ट्रेट में सैन्य अभ्यास का ऐलान किया है. देश के अंदर हालात और खराब हैं. प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई में हजारों लोगों की मौत की खबरें हैं और बड़ी संख्या में गिरफ्तारियां हुई हैं. साथ ही इस्फहान के परमाणु ठिकाने की सुरक्षा भी बढ़ाई जा रही है.
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हॉर्मुज स्ट्रेट में IRGC की लाइव-फायर नौसैनिक ड्रिल से पहले अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने ईरान को किसी भी उकसावे से बचने की चेतावनी दी है. CENTCOM ने कहा कि अमेरिकी जहाज़ों, विमानों या वाणिज्यिक पोतों के पास असुरक्षित गतिविधि बर्दाश्त नहीं की जाएगी और समुद्री सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी.
अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु समझौते को लेकर टकराव और गहरा गया है. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप जहां नई और व्यापक डील के लिए दबाव बना रहे हैं, वहीं ईरान ने अपने मिसाइल कार्यक्रम को राष्ट्रीय सुरक्षा की रेड लाइन बताया है. विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने साफ किया कि धमकी और प्रतिबंधों के माहौल में बातचीत संभव नहीं. इजरायल और अमेरिकी प्रतिबंधों ने हालात और तनावपूर्ण बना दिए हैं.
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हॉर्मुज स्ट्रेट में ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के प्रस्तावित लाइव-फायर नौसैनिक अभ्यास से पहले अमेरिका ने ईरान को सख्त चेतावनी दी है. अमेरिकी सेना ने साफ कहा है कि IRGC की किसी भी "असुरक्षित या उकसावे वाली कार्रवाई" को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.
ईरान ने शुक्रवार को अमेरिका के साथ अपने परमाणु कार्यक्रम को लेकर किसी भी तत्काल बैठक या बातचीत से इनकार किया है. विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने इस्तांबुल में तुर्की के विदेश मंत्री हाकान फिदान के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि फिलहाल अमेरिका से बातचीत की कोई ठोस योजना नहीं है. उन्होंने स्पष्ट किया कि ईरान निष्पक्ष और समान शर्तों पर वार्ता के लिए तैयार है, लेकिन अभी वे हालात पूरे नहीं हुए हैं. अराघची ने यह भी दोहराया कि ईरान का बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम किसी भी सूरत में बातचीत का हिस्सा नहीं बनेगा.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि उन्हें लगता है कि ईरान "समझौता करना चाहता है" ताकि अमेरिका की संभावित सैन्य कार्रवाई टल सके, हालांकि उन्होंने डील के बारे में कोई विस्तृत जानकारी नहीं दी. ट्रंप ने यह बयान व्हाइट हाउस में प्रेस से कहा, जिसमें उन्होंने बताया कि अमेरिका की एक बड़ी नौसैनिक 'आर्मडा' ईरान की ओर बढ़ रही है, जो वेनेजुएला के लिए भेजी गई ताकत से भी बडी़ है.
ट्रंप ने कहा, "उम्मीद है हम एक डील करेंगे. अगर हम डील करते हैं तो अच्छा है, नहीं तो देखना होगा क्या होता है." उन्होंने यह भी कहा कि ईरान के सामने बातचीत शुरू करने का एक डेडलाइन है, लेकिन "यह सिर्फ उन्हें ही पता है."