ईरान के करीब पहुंचा अमेरिका का सबसे विध्वंसक जंगी बेड़ा, तेहरान की चेतावनी- उंगलियां ट्रिगर पर ही

अमेरिकी नौसेना का सबसे विध्वंसक बेड़ा यूएसएस अब्राहम लिंकन ईरान के करीब पहुंच गया है. इजरायल भी सरप्राइज वॉर के लिए खुद को तैयार कर रहा है. वहीं, ईरान ने वॉशिंगटन को चेतावनी देते हुए कहा है कि हमारी उंगलियां ट्रिगर पर ही हैं.

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अमेरिका नौसेना का सबसे विध्वंसक बेड़ा है यूएसएस अब्राहम लिंकन (Image: US Navy) अमेरिका नौसेना का सबसे विध्वंसक बेड़ा है यूएसएस अब्राहम लिंकन (Image: US Navy)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 23 जनवरी 2026,
  • अपडेटेड 4:47 AM IST

ईरान और अमेरिका के बीच तनाव और बढ़ता दिख रहा है. अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा था कि ईरान बातचीत में रुचि दिखा रहा है. इस बयान के बाद तेहरान ने चेतावनी दी है कि हमारी उंगलियां ट्रिगर पर ही हैं. बयानी जंग के बीच अमेरिका का सबसे विध्वंसक युद्धपोत यूएसएस अब्राहम लिंकन अब ईरान के करीब पहुंच चुका है. अमेरिका के जंगी बेड़े का ईरान के करीब पहुंचने का मतलब है कि कुछ बड़ा होने वाला है. क्या अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप अपनी धमकी को सच साबित करने वाले हैं, या फिर ईरान पर दवाब बनाने के लिए अमेरिका ने अपना जंगी बेड़ा ईरान भेजा है?

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अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर यूएसएस अब्राहम लिंकन के साथ पूरा जंगी बेड़ा चलता है. इस युद्धपोत को अमेरिका के दुश्मनों का काल माना जाता है और कहा जाता है कि यह युद्धपोत अकेले ही ईरान की पूरी सेना को धूल चटा सकता हैं.  इस युद्धपोत के साथ स्ट्राइक ग्रुप चलता है, जिसमें गाइडेड मिलाइल क्रूजर, विध्वंसक जहाज, सबमरीन और अन्य जहाज भी होते हैं. यूएसएस अब्राहम लिंकन को समंदर में चलता-फिरता सबसे बड़ा जंगी बेड़ा माना जाता है. इस युद्धपोत पर अमेरिका के सबसे घातक लड़ाकू विमान तैनात हैं.

यूएसएस अब्राहम लिंकन जल, थल और नभ, कहीं से भी युद्ध की स्थिती में दुश्मन पर प्रचंड प्रहार कर सकता है. अगर अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान को नक्शे से मिटाने की धमकी दी है, तो उसके पीछे बड़ी वजह अमेरिका के पास मौजूद घातक हथियार हैं. डिफेंस एक्सपर्ट मानते है कि अमेरिका के पास ऐसे विध्वंसक हथियार मौजूद है, जो ईरान की पूरी सेना पर भारी पड़ेंगे. अमेरिका के पास कई खास हथियार सिस्टम हैं जो ईरान के सैन्य ठिकानों और मिसाइल साइट्स जैसे खतरनाक टारगेट को चंद मिनटों में निशाना बन सकते हैं.

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ईरान के एयर डिफेंस सिस्टम के लिए अमेरिकी लड़ाकू विमानों और मिसाइलों को रोक पाना मुश्किल माना जा रहा है. अमेरिका के पास ऐसे पांच हथियार हैं, जिसका तोड़ ईरान के पास नहीं है. ईरान और इजरायल युद्ध के दौरान अमेरिका के स्टेल्थ बॉम्बर्स यानी बी-2 बॉम्बर्स ने ईरान के परमाणु ठिकानों को तबाह कर दिया था. ईरानी सेना का एयर डिफेंस सिस्टम और रडार अमेरिकी बी-2 बॉम्बर का पता लगाने में नाकाम रहे थे. यानी बी-2 बॉम्बर से निपटना ईरान के लिए मुश्किल ही नहीं, बल्कि अंभव सा है.

अमेरिका बना रहा 52 नए बी-2 बॉम्बर

बड़ी बात ये है कि अमेरिका में 52 नए बी-2 बॉम्बर तैयार किए जा रहे हैं, यानी अमेरिका के दिमाग में युद्ध को लेकर कुछ बड़ा चल रहा है. अगर बात अमेरिका की टॉमहॉक मिसाइल की करें, तो ये मिसाइल ईरान में बर्बादी की नई इबारत लिख सकती है. सबमरीन और वॉरशिप से लॉन्च होने वाली टॉमहॉक मिसाइलें सटीक हमले के लिए मशहूर हैं. ये वही मिसाइल है, जिसकी मांग यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की ने ट्रंप से की थी. हालांकि, ट्रंप ने यह मिसाइल देने से इनकार कर दिया था. टॉमहॉक मिसाइल का लोहा पूरी दुनिया मानती हैं. अगर अमेरिका ने टॉमहॉक मिसाइल से ईरान पर अटैक किया, तो ईरान के कई शहरों में भारी तबाही तय है.

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अमेरिकी एफ-35 और एफ-22 दुनिया के सबसे बेहतरीन लड़ाकू विमानों में एक माने जाते है. यह दोनों ही पांचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमान हैं. वहीं, ईरानी वायुसेना आज भी दशकों पुराने लड़ाकू विमानों का इस्तेमाल करती हैं. ऐसे में अमेरिकी वायुसेना के सामने ईरानी वायुसना टिक पाएगी, यह नामुमकिन लगता है. अमेरिकी वायुसेना के बेड़े में ऐसे लड़ाकू विमान भी हैं, जिन्हें ट्रैस, ट्रैक और टारगेट करने की काबिलयित ईरान के पास नहीं. अमेरिकी MQ-9 रीपर ऐसा खतरनाक ड्रोन हैं, जो 50 हजार फुट की ऊंचाई पर उड़ान भरता हैं और 1850 किलोमीटर तक टारगेट को हिट कर सकता है.

वॉशिंगटन को ईरान की चेतावनी

अमेरिका अपने इस खतरनाक ड्रोन का ईरान के सैन्य ठिकानों पर बड़े हमलों के लिए कर सकता है, जो 27 घंटे से लेकर 42 घंटे तक उड़ान भर सकते हैं. डिफेंस एक्सपर्ट मानते हैं कि ईरान और अमेरिका के रिश्ते में खटास कोई नहीं बात नहीं, लेकिन इजरायल- ईरान युद्ध के बाद रिश्तों में आई तल्खी हर दिन बढ़ती जा रही हैं. दोनों मुल्कों में धमकियों का दौर जारी हैं और ऐसे में हालात किसी भी दिन युद्ध तक पहुंच सकते है. इन सबके बीच अब ईरानी सेना ने भी अमेरिका को चेतावनी दी है. ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के कमांडर ने गुरुवार को वॉशिंगटन को चेतावनी दी कि बड़े पैमाने पर हुए विरोध प्रदर्शनों के बाद उनकी सेना की उंगलियां ट्रिगर पर हैं.

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हाई अलर्ट पर इजरायली सेना 

अमेरिका और ईरान में बढ़ते तनाव को देखते हुए सतर्क इजरायल वॉर मोड में चला गया है. देश में अलर्ट का स्तर ऊंचा करने के साथ ही ईरान की ओर से किसी भी संभावित हमले से निपटने के लिए पुलिस, फायर ब्रिगेड और अन्य इमरजेंसी सेवाओं को एक्टिव कर दिया गया है. आईडीएफ के चीफ ऑफ स्टाफ लेफ्टिनेंट जनरल एयाल जामिर ने कहा कि सेना किसी भी खतरे का सामना करने के लिए तैयार है. इजरायली अखबार द टाइम्स ऑफ इजरायल के अनुसार चीफ ऑफ स्टाफ ने कहा कि होम फ्रंट प्रशिक्षित और सक्षम है. हमारी सेना हाई अलर्ट पर है.

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