इंडोनेशिया में ज्वालामुखी में धमाका, 10 KM ऊंचा उठा राख का गुबार, 3 ट्रैकर्स की मौत

इंडोनेशिया के नॉर्थ मालुकु प्रांत में स्थित माउंट डुकोनो ज्वालामुखी में हुए भीषण विस्फोट में तीन पर्वतारोहियों की मौत हो गई, जबकि कई लोग लापता हैं. विस्फोट के दौरान 20 ट्रेकर्स ज्वालामुखी की ढलानों पर मौजूद थे. करीब 10 किलोमीटर ऊंचा राख और धुएं का गुबार आसमान में उठा. मृतकों में दो सिंगापुर के नागरिक शामिल हैं.

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शुक्रवार सुबह 20 पर्वतारोही माउंट डुकोनो की ढलानों पर ट्रेकिंग कर रहे थे. (Photo: X/@volcaholic1/WeatherMonitors) शुक्रवार सुबह 20 पर्वतारोही माउंट डुकोनो की ढलानों पर ट्रेकिंग कर रहे थे. (Photo: X/@volcaholic1/WeatherMonitors)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 08 मई 2026,
  • अपडेटेड 10:02 PM IST

इंडोनेशिया के नॉर्थ मालुकु प्रांत में स्थित माउंट डुकोनो ज्वालामुखी में शुक्रवार को हुए भीषण विस्फोट में तीन पर्वतारोहियों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य लापता हो गए. विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि करीब 10 किलोमीटर ऊंचाई तक राख और धुएं का विशाल गुबार आसमान में उठ गया. इस घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत फैल गई.

जानकारी के मुताबिक, शुक्रवार सुबह 20 पर्वतारोही माउंट डुकोनो की ढलानों पर ट्रेकिंग कर रहे थे. इनमें 9 सिंगापुर और 11 इंडोनेशियाई नागरिक शामिल थे. तभी हलमहेरा द्वीप स्थित ज्वालामुखी के शीर्ष पर मौजूद मालुपंग वारिरंग क्रेटर में अचानक विस्फोट हो गया. जोरदार धमाके की आवाज दूर-दूर तक सुनाई दी और राख का घना बादल उत्तर दिशा में टोबेलो शहर की ओर फैल गया.

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अधिकारियों ने बताया कि हादसे में तीन लोगों की मौत की पुष्टि हुई है. मृतकों में दो सिंगापुर के नागरिक और एक इंडोनेशियाई पर्वतारोही शामिल है, जो टरनेटे का रहने वाला था. खराब मौसम और लगातार ज्वालामुखीय गतिविधियों के कारण अभी तक शवों को पहाड़ से नीचे नहीं लाया जा सका है.

अब तक 15 से 17 पर्वतारोहियों को सुरक्षित बचा लिया गया है. इनमें कुछ लोगों को मामूली चोटें आई हैं. वहीं कम से कम दो लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं. पुलिस और आपदा राहत एजेंसियों की टीमें कठिन परिस्थितियों में सर्च ऑपरेशन चला रही हैं. हालांकि ज्वालामुखी में लगातार हो रही गतिविधियों के कारण कई बार अभियान रोकना पड़ रहा है.

प्रतिबंध के बावजूद पहुंचे थे पर्यटक

सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि जब प्रशासन ने इलाके को पहले ही प्रतिबंधित घोषित कर दिया था, तो पर्यटक वहां पहुंचे कैसे. माउंट डुकोनो दिसंबर 2025 से अलर्ट लेवल-2 पर था. इंडोनेशिया में ज्वालामुखियों के लिए चार स्तर की चेतावनी प्रणाली लागू है, जिसमें लेवल-4 सबसे गंभीर माना जाता है.

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17 अप्रैल 2026 को भूकंपीय गतिविधियों और मैग्मा की हलचल बढ़ने के बाद प्रशासन ने ज्वालामुखी क्षेत्र को पर्यटकों के लिए बंद कर दिया था. क्रेटर के चार किलोमीटर दायरे में प्रवेश पर रोक लगाई गई थी और चेतावनी बोर्ड भी लगाए गए थे. स्थानीय लोगों ने इन चेतावनियों का पालन किया, लेकिन रिपोर्ट के मुताबिक कुछ विदेशी पर्यटक सोशल मीडिया कंटेंट बनाने के लिए प्रतिबंधित क्षेत्र में चले गए.

पुलिस ने इस मामले में ट्रेकिंग गाइड और पोर्टर को हिरासत में ले लिया है. उन पर प्रतिबंधित क्षेत्र में पर्यटकों को ले जाने के आरोप में आपराधिक मामला दर्ज किया जा सकता है.

दुनिया के सबसे सक्रिय ज्वालामुखियों में शामिल है डुकोनो

माउंट डुकोनो इंडोनेशिया के सबसे सक्रिय ज्वालामुखियों में से एक माना जाता है. यह दशकों से लगातार सक्रिय है और दुनिया के सबसे लंबे समय से फटते आ रहे ज्वालामुखियों में शामिल है.

इंडोनेशिया प्रशांत महासागर के रिंग ऑफ फायर क्षेत्र में स्थित है. यह इलाका टेक्टोनिक प्लेटों की गतिविधियों के कारण भूकंप और ज्वालामुखीय विस्फोटों के लिए बेहद संवेदनशील माना जाता है. देश में करीब 130 सक्रिय ज्वालामुखी हैं, जो दुनिया में सबसे ज्यादा में से एक हैं.

इसी दिन जापान के सकुराजिमा ज्वालामुखी में भी विस्फोट हुआ, जिसमें राख और धुएं का गुबार करीब 3,500 मीटर ऊंचाई तक पहुंच गया और ज्वालामुखीय चट्टानें 1,300 मीटर दूर तक जा गिरीं. विशेषज्ञों का कहना है कि प्रशांत क्षेत्र में बढ़ती ज्वालामुखीय गतिविधियां आने वाले दिनों में और खतरा पैदा कर सकती हैं.

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