इंडोनेशिया के वित्त मंत्री पुरबाया युधी सदेवा ने बुधवार को यह कहकर हलचल मचा दी कि देश अपने नियंत्रण वाले स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों पर टोल लगाकर अच्छी कमाई कर सकता है. उनके इस बयान के बाद माना जाने लगा कि होर्मुज स्ट्रेट में ईरान की टोल वसूली की देखादेखी इंडोनेशिया भी अपने नियंत्रण वाले मलक्का स्ट्रेट पर टोल वसूल सकता है.
हालांकि, अब इंडोनेशियाई वित्त मंत्री ने अपने इस बयान पर स्पष्टीकरण दिया है. समाचार एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक, शुक्रवार को उन्होंने कहा कि मलक्का स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों से टोल वसूलने की कोई प्लानिंग नहीं है.
वित्त मंत्री ने दोहराया कि दक्षिण-पूर्व एशिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था इंडोनेशिया मलक्का स्ट्रेट में किसी तरह का ट्रांजिट फीस नहीं वसूलेगा. इससे पहले गुरुवार को देश के विदेश मंत्री भी यही सफाई दे चुके थे.
उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि इंडोनेशिया समुद्री कानून पर संयुक्त राष्ट्र संधि (UNCLOS) का पालन करेगा, जिसमें अंतरराष्ट्रीय नौवहन के लिए इस्तेमाल होने वाले जलमार्गों के नियम तय किए गए हैं.
बुधवार को पुरबाया ने स्ट्रेट को कमाई का जरिया बता दिया था. हालांकि उन्होंने साथ ही यह भी कहा था कि ऐसा प्रबंध फिलहाल संभव नहीं है.
होर्मुज के बंद होने से ऊर्जा की कीमतों में आया है उछाल
मध्य पूर्व में होर्मुज स्ट्रेट के प्रभावी रूप से बंद होने के बाद एशियाई नीति-निर्माताओं के सामने अन्य समुद्री संकरे रास्तों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं.
28 फरवरी को ईरान पर अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हमलों के जवाब में इस्लामिक देश ने होर्मुज को लगभग बंद कर दिया है. इस रास्ते से कुछेक जहाजों को ही गुजरने की इजाजत है. इस बीच ऐसी खबरें भी आई हैं कि ईरान स्ट्रेट में जहाजों को सुरक्षित रास्ता देने के बदले में उनसे टोल वसूलेगा.
होर्मुज स्ट्रेट वैश्विक ऊर्जा सप्लाई के लिए बेहद अहम समुद्री रास्ता है जो फारस की खाड़ी और ओमान की खाड़ी के बीच स्थित है. इस संकरे समुद्री रास्ते के जरिए दुनिया की कुल तेल सप्लाई का लगभग 20% हिस्सा गुजरता है. इसके बंद होने से खाड़ी देशों की तेल और गैस सप्लाई में भारी गिरावट आई है और ऊर्जा की कीमतें आसमान छू रही हैं.
एशिया को यूरोप से जोड़ने वाला सबसे छोटा समुद्री रास्ता है मलक्का
करीब 900 किलोमीटर लंबे मलक्का स्ट्रेट को अमेरिकी ऊर्जा सूचना प्रशासन दुनिया का सबसे बड़ा ऑयल ट्रांजिट चोकपॉइंट बताता है. यह इंडोनेशिया, थाईलैंड, मलेशिया और सिंगापुर से घिरा हुआ है. यह पूर्वी एशिया से मध्य पूर्व और यूरोप तक जाने वाला सबसे छोटा समुद्री मार्ग है.
मलेशिया के समुद्री विभाग के आंकड़ों के अनुसार, साल 2025 में 1,02,500 से अधिक जहाज, जिनमें ज्यादातर कमर्शियल पोत थे, मलक्का स्ट्रेट से गुजरे. यह संख्या 2024 के लगभग 94,300 जहाजों से अधिक रही.
आजतक इंटरनेशनल डेस्क