वेनेजुएला पर सैन्य कार्रवाई का अमेरिका में भी विरोध देखने को मिल रहा है. भारतीय मूल के अमेरिकी सांसद ट्रंप पर तीखा हमला बोल रहे है और इस ऑपरेशन को सत्ता का खुला दुरुपयोग बता रहे हैं. सांसदों का साफ कहना है कि तानाशाह होने का मतलब यह नहीं कि अमेरिकी राष्ट्रपति बिना संसद की मंजूरी के युद्ध छेड़ दें.
न्यूयॉर्क से आई रिपोर्ट के मुताबिक, वेनेजुएला में अमेरिकी सेना भेजने और राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को पकड़ने के डोनाल्ड ट्रंप के फैसले पर भारतीय-अमेरिकी सांसदों ने कड़ा ऐतराज जताया है. इन सांसदों का कहना है कि ट्रंप ने राष्ट्रपति पद की शक्तियों का दुरुपयोग किया है और अमेरिका को एक और ओपन-एंडेड कॉन्फ्लिक्ट में झोंक दिया है.
हाउस परमानेंट सेलेक्ट कमेटी ऑन इंटेलिजेंस के वरिष्ठ सदस्य कांग्रेसमैन राजा कृष्णमूर्ति ने कहा कि मादुरो एक अवैध तानाशाह हैं, जिन्होंने वेनेजुएला के लोगों को भारी पीड़ा दी है, लेकिन यह सच्चाई किसी भी अमेरिकी राष्ट्रपति को कांग्रेस की मंजूरी के बिना सैन्य बल इस्तेमाल करने का ब्लैंक चेक नहीं देती.
कृष्णमूर्ति ने कहा, कांग्रेस की अनुमति के बिना कार्रवाई करना और किसी संप्रभु देश पर सार्वजनिक रूप से अमेरिकी नियंत्रण का दावा करना, राष्ट्रपति की शक्तियों का दुरुपयोग है और संविधान में शक्तियों के विभाजन को कमजोर करता है.
'तुरंत ब्रीफ करे सरकार'
उन्होंने ट्रंप प्रशासन से मांग की कि वो तुरंत अमेरिकी कर्मियों की सुरक्षा की जानकारी दें, यह बताएं कि क्या किसी तरह की जानमाल की क्षति हुई है और कांग्रेस को पूरी तरह और तुरंत ब्रीफ करें.
राजा कृष्णमूर्ति ने यह भी कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप ने अब दावा किया है कि अमेरिका वेनेजुएला को चलाएगा, जिससे देश को अनिश्चितकालीन जिम्मेदारी में झोंक दिया गया है. न तो अमेरिकी जनता ने और न ही कांग्रेस ने इस रास्ते को मंजूरी दी है.
उनका कहना था कि इस तरह की सैन्य कार्रवाई और दूसरे देश पर नियंत्रण का दावा कानून के शासन को कमजोर करता है, मॉस्को और बीजिंग को दूसरी जगह सीमाएं लांघने के लिए प्रोत्साहित करता है, अमेरिका की विश्वसनीयता को नुकसान पहुंचाता है और अंततः अमेरिकियों को कम सुरक्षित बनाता है.
कांग्रेसमैन रो खन्ना ने ट्रंप पर सीधे तौर पर हमला बोला और कहा कि उन्होंने अपने MAGA (Make America Great Again) समर्थकों से धोखा किया है. खन्ना के मुताबिक, ट्रंप ने वेनेजुएला में सत्ता परिवर्तन के लिए एक चुना हुआ युद्ध शुरू किया है.
उठाए ये सवाल...
रो खन्ना ने सवाल उठाया, अगर अब चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ताइवान के राष्ट्रपति लाई चिंग-ते को पकड़ने की कोशिश करें या रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की को पकड़ना चाहें तो हम क्या कहेंगे?
खन्ना ने कहा कि अमेरिका बार-बार इराक, अफगानिस्तान और लीबिया जैसे बेवकूफाना युद्धों के खिलाफ वोट देता है, लेकिन राष्ट्रपति एक ऐसे विदेश नीति तंत्र के आगे झुक जाते हैं जो सैन्यवाद के लिए प्रतिबद्ध है.
उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसे फैसले अमेरिका को विदेशों में संघर्षों में उलझा देते हैं, जबकि देश के अंदर नौकरियों की कमी और महंगाई जैसी समस्याओं को नजरअंदाज किया जाता है. खन्ना ने भारी रक्षा बजट और युद्धोन्माद के खिलाफ अमेरिकी जनता के आंदोलन की जरूरत पर जोर दिया.
कांग्रेसवुमन प्रमिला जयपाल ने ट्रंप पर तंज कसते हुए कहा, ट्रंप अमेरिका ठीक से नहीं चला पा रहे हैं, लेकिन अब वे वेनेजुएला चलाना चाहते हैं. उन्होंने कहा कि युद्ध की मंजूरी देने का अधिकार सिर्फ कांग्रेस के पास है. यह असंवैधानिक, गैरकानूनी और वह नहीं है जो अमेरिकी जनता चाहती है.
जयपाल ने साफ कहा कि मादुरो के अवैध तानाशाह होने से ट्रंप प्रशासन को वेनेजुएला पर हमला करने, उन्हें रात में अगवा करने और जबरन सत्ता परिवर्तन करने का अधिकार नहीं मिल जाता. अमेरिका पहले भी कई बार ऐसा कर चुका है और असफल रहा है.
उन्होंने इसे कांग्रेस की मंजूरी के बिना किया गया अवैध और असंवैधानिक हमला बताया और कहा कि भविष्य के लिए कोई योजना भी मौजूद नहीं है.
प्रमिला जयपाल ने यह भी सवाल उठाया कि अगर यह कार्रवाई वास्तव में ड्रग तस्करी रोकने के लिए होती, तो ट्रंप हाल ही में होंडुरास के पूर्व राष्ट्रपति जुआन ऑरलैंडो हर्नांडेज को माफी क्यों देते, जिन्हें 400 टन कोकीन अमेरिका तस्करी करने के मामले में 45 साल की सजा हुई थी.
उन्होंने चेतावनी दी कि अगर कांग्रेस ने अपनी संवैधानिक शक्ति दोबारा स्थापित नहीं की, तो दुनिया का कोई भी ‘रोग लीडर’ किसी भी समय किसी भी नेता को निशाना बना सकता है.
यूएस रिप्रेजेंटेटिव अमी बेरा ने कहा कि कांग्रेस की अनुमति, समर्थन या मंजूरी के बिना सैन्य कार्रवाई करना बेहद चिंताजनक और गैरकानूनी है. बेरा ने कहा कि ट्रंप प्रशासन वेनेजुएला में शासन या लोकतांत्रिक संक्रमण को लेकर कोई स्पष्ट और विश्वसनीय रणनीति पेश करने में नाकाम रहा है और अमेरिका को एक और अंतहीन संघर्ष में धकेला जा रहा है. उन्होंने भी कांग्रेस को तुरंत ब्रीफ करने की मांग की.
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