श्रीलंका के सांसद और पूर्व राष्ट्रपति महिंदा राजपक्षे के बेटे नमल राजपक्षे ने भारत की 'नेबरहुड फर्स्ट' नीति की सराहना की है. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारतीय नागरिकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि भारत ने श्रीलंका को 38,000 टन पेट्रोलियम उत्पादों की समय पर आपूर्ति करके एक बार फिर पड़ोसी देश की मदद का उदाहरण पेश किया है.
भारत द्वारा श्रीलंका को की गई 38000 टन पेट्रोलियम उत्पादों की आपूर्ति के बाद नमल राजपक्षे ने अपने आधिकारिक एक्स पर भारत और पीएम मोदी का आभार व्यक्त करते हुए लिखा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारत की जनता ने श्रीलंका को 38,000 टन पेट्रोलियम की समय पर आपूर्ति करके एक बार फिर 'पड़ोसी पहले' की नीति को कायम रखा है.
उन्होंने कहा कि संकट के वक्त में भारत हमेशा श्रीलंका की मदद करने वालों में शामिल रहा है. चाहे वो जरूरी सामग्री की आपूर्ति हो या आर्थिक सहायता, भारत ने हमेशा अपना कर्तव्य निभाया है. उन्होंने कहा कि ये भारत की 'नेबरहुड फर्स्ट' नीति का सच्चा उदाहरण है.
उन्होंने जोर देकर कहा कि क्षेत्रीय स्तर पर सभी देशों को रणनीतिक साझेदार के रूप में साथ मिलकर काम करना चाहिए, ताकि पूरे क्षेत्र का विकास हो सके.
नमल राजपक्षे ने श्रीलंका सरकार से अपील की कि वह भारत के हालिया ईंधन कर समायोजन (fuel tax adjustment) मॉडल पर विचार करे. उन्होंने बताया कि भारत ने ग्लोबल ऑयल प्राइस शॉक के दौरान एक्साइज ड्यूटी कम की थी, ताकि बाजार स्थिर रहे और कीमतों में और बढ़ोतरी न हो.
'आर्थिक नीतियों को मजबूत करने की सलाह'
उन्होंने कहा, 'श्रीलंका को भी अपनी आर्थिक नीतियों को मजबूत करना चाहिए. वित्तीय अनुशासन जरूरी है, लेकिन अत्यधिक कर बोझ को कम करने से निवेश बढ़ेगा, आम नागरिकों पर दबाव घटेगा और लंबी अवधि की आर्थिक रिकवरी में मदद मिलेगी.'
नमल राजपक्षे ने अंत में कहा, 'मजबूत साझेदारी को बनाया और संरक्षित किया जाना चाहिए, न कि राजनीतिक रंग दिया जाना चाहिए.'
नमल के अलावा नेता विपक्ष सजित प्रेमदासा ने एक्स पर भारत आभार जताया है. उन्होंने एक्स पर लिखा, 'हम इमरजेंसी ईंधन सहायता के लिए भारत के आभारी हैं, ये इस बात की याद दिलाता है कि रिश्ते संकट में परखे जाते हैं, आराम में नहीं. आइए हम उन लोगों को न भूलें जो मुश्किल वक्त में हमारे साथ खड़े रहे.'
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