'भारत फायदे में रहा...', इंडिया-EU डील के मुरीद हुए ट्रंप की पार्टी के सांसद

भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच हुए ऐतिहासिक मुक्त व्यापार समझौते (FTA) पर अमेरिका ने अपनी पहली प्रतिक्रिया दी है. यूएस रीप्रजेंटेटिव ग्रीर ने इस सौदे को भारत के लिए बेहद फायदेमंद बताते हुए कहा है कि इससे भारतीय बाजार और प्रवासियों के लिए यूरोप के दरवाजे पूरी तरह खुल जाएंगे.

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इंडिया-ईयू डील पर अमेरिका की पहली प्रतिक्रिया (File Photo: ITG) इंडिया-ईयू डील पर अमेरिका की पहली प्रतिक्रिया (File Photo: ITG)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 28 जनवरी 2026,
  • अपडेटेड 8:55 AM IST

भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच हुए ऐतिहासिक व्यापार समझौते के बाद अमेरिका का पहला बयान सामने आया है. यूएस ने इस डील को भारत के फायदेमंद बताया है. अमेरिकी रीप्रजेंटेटिव ग्रीर ने एक आधिकारिक बयान में कहा है कि भारत इस समझौते में सबसे ऊपर रहा है. उनके मुताबिक, भारत को यूरोपीय बाजारों में पहले से कहीं ज्यादा पहुंच और भारतीय नागरिकों के लिए यूरोप में आव्रजन (इमिग्रेशन) के व्यापक अवसर मिले हैं. 

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भारत और यूरोपियन यूनियन ने मंगलवार को लंबे वक्त से इंतज़ार किए जा रहे फ्री ट्रेड एग्रीमेंट के पूरा होने का ऐलान किया. इसे 'मदर ऑफ ऑल डील्स' कहा जा रहा है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, यूरोपियन कमीशन की प्रेसिडेंट उर्सुला वॉन डेर लेयेन और यूरोपियन काउंसिल के प्रेसिडेंट एंटोनियो लुइस सैंटोस दा कोस्टा ने नई दिल्ली में एक जॉइंट प्रेस ब्रीफिंग के दौरान इसका ऐलान किया.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि भारत-ईयू सहयोग एक अस्थिर वैश्विक व्यवस्था में स्थिरता लाएगा. ईयू नेताओं ने गणतंत्र दिवस समारोह में भारत की मेहमाननवाज़ी और विविधता की तारीफ़ की, जहां वे मुख्य अतिथि थे.

'4 बिलियन यूरो की बचत...'

यूरोपियन कमीशन की प्रेसिडेंट उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने सोमवार को कहा कि भारत-ईयू फ्री ट्रेड एग्रीमेंट दोनों तरफ के बिज़नेस के लिए बड़े मौके खोलेगा. दिल्ली में भारतीय और यूरोपीय बिज़नेस कम्युनिटी से मिलने के बाद सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में उन्होंने कहा कि FTA के तहत यूरोपीय एक्सपोर्टर्स हर साल ड्यूटी में 4 बिलियन यूरो तक बचा पाएंगे, जबकि समय के साथ भारत को EU का एक्सपोर्ट दोगुने से ज़्यादा होने की उम्मीद है.

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'रणनीतिक साझेदारी मजबूत हुई...'

विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने सोमवार को विदेश मंत्रालय की प्रेस ब्रीफिंग में कहा, "भारत-ईयू व्यापार समझौते ने दोनों पक्षों के बीच रणनीतिक साझेदारी को और मज़बूत किया है, जिसके नतीजे 'प्रकृति में बहुत रणनीतिक' हैं."

उन्होंने आगे कहा कि यह समझौता रक्षा सहयोग और आर्थिक संबंधों को अपने केंद्र में रखता है, समुद्री सुरक्षा को बढ़ावा देगा और भारतीय कर्मचारियों के लिए कानूनी रास्ते बनाएगा. मिसरी ने इसे 2030 की सोच वाला एक दूरदर्शी समझौता बताया और कहा कि भारत-ईयू द्विपक्षीय संबंध प्रमुख संकेतकों में प्रभावशाली वृद्धि दिखाते हैं.

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