इमरान खान की मुश्किलें बढ़ीं, एंटी टेररिज्म एक्ट के तहत तीन केस दर्ज

पाकिस्तान में इमरान खान को दो महीने पहले गिरफ्तार किया गया था. इसके बाद वहां कई जगह हिंसक प्रदर्शन हुए थे. इस दौरान हुई हिंसा में कई केस दर्ज हुए. इसमें इमरान खान को भी आरोपी बनाया गया है.

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पाकिस्तान के पूर्व पीएम इमरान खान (फाइल फोटो) पाकिस्तान के पूर्व पीएम इमरान खान (फाइल फोटो)

aajtak.in

  • इस्लामाबाद,
  • 06 जुलाई 2023,
  • अपडेटेड 1:02 PM IST

पाकिस्तान में पूर्व पीएम इमरान खान की मुश्किलें खत्म होने का नाम नहीं ले रही हैं. अब छह और केसों की जानकारी सामने आई है, जो उनपर दर्ज हुए हैं. इसमें से तीन आतंकवाद विरोधी अधिनियम के तहत हैं, जिसे काफी सख्त माना जाता है. 9 मई को रावलपिंडी स्थित आर्मी के जनरल हेडक्वॉर्टर (GHQ) पर भीड़ ने हमला किया था. कहा गया कि हमला करने वाले इमरान खान के समर्थक थे. इसमें भी इमरान पर एंटी टेररिज्म एक्ट के तहत केस दर्ज हुआ है.

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9 मई को इमरान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक ए इंसाफ (PTI) के लोगों ने पाकिस्तानी सेना के GHQ पर हमला बोला था. बाद में पाकिस्तान सरकार ने घटनाक्रम की निंदा करते हुए इसे 'काला दिन' बताया.

फिलहाल ज्वाइंट इंवेस्टिगेशन टीम (JIT) इन सभी मामलों की जांच कर रही है. इसमें मिलिट्री से जुड़ी बिल्डिंग्स और मेट्रो स्टेशन पर हुए हमले शामिल हैं. पता चला है कि 70 साल के इमरान पर तीन केस 9 मई को और बाकी तीन केस 10 मई को दर्ज हुए. ये तीनों ही मामले एंटी टेररिज्म एक्ट के तहत दर्ज हुए हैं. इमरान खान पर देशभर में करीब 150 केस चल रहे हैं. ये केस उनपर पिछले एक साल में लगे हैं.

हिंसा की उन घटनाओं के बाद से पीटीआई कार्यकर्ता सरकार के निशाने पर थे. ये सभी कार्यकर्ता इमरान खान की गिरफ्तारी से नाखुश थे. भ्रष्टाचार केस में उनको इस्लामाबाद हाईकोर्ट से पुलिस बुरी तरह कॉलर पकड़कर अरेस्ट करके ले गई थी.

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पीटीआई समर्थकों ने 9 मई को क्या किया था?

इमरान खान की गिरफ्तारी के विरोध में पाकिस्तान के कई इलाकों में हिंसा हुई थी. करीब 20 सरकारी और सैन्य इमारतों को नुकसान पहुंचाया गया था. इमरान के समर्थकों ने लाहौर में कोर कमांडर का घर तक तोड़ दिया था. इसे जिन्ना हाउस भी कहा जाता था. यहां किसी वक्त पर मोहम्मद अली जिन्ना भी रहे थे.

तोड़फोड़ और हिंसा के ये मामले फैसलाबाद, रावलपिंडी, गुजरावाला में दर्ज हुए थे. रावलपिंडी में जो 28 केस दर्ज हुए थे उनमें से किसी में भी इमरान का नाम नहीं था. लेकिन बाद में जांच के बाद, आरोपियों के बयान दर्ज होने के बाद इमरान का नाम जोड़ा गया था.

 

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