कनाडा में 166 करोड़ की सोने की चोरी... जांच में भारतीय कनेक्शन आया सामने, प्रीत पनेसर की प्रत्यर्पण की मांग तेज

2023 में कनाडा के इतिहास की सबसे बड़ी सोने की चोरी का मामला अंतरराष्ट्रीय सुर्खियों में आ गया है. लगभग 165 करोड़ रुपये की चोरी में मुख्य आरोपी प्रीत पनेसर, जो एयर कनाडा में मैनेजर था, पर सोने से भरे कंटेनरों को एयर कार्गो सिस्टम के जरिए चोरी करने का आरोप है. कनाडा ने भारत से पनेसर के प्रत्यर्पण की आधिकारिक मांग की है, जबकि दो आरोपी अभी फरार हैं.

Advertisement
कनाडा के इतिहास की सबसे बड़ी गोल्ड चोरी का मामला अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहुंचा (Photo: ITG/ Arvind Ojha) कनाडा के इतिहास की सबसे बड़ी गोल्ड चोरी का मामला अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहुंचा (Photo: ITG/ Arvind Ojha)

अरविंद ओझा

  • नई दिल्ली,
  • 15 जनवरी 2026,
  • अपडेटेड 11:04 AM IST

2023 में हुई लगभग 20 मिलियन डॉलर यानी करीब 165 करोड़ रुपये की गोल्ड हीस्ट कनाडा के इतिहास की सबसे बड़ी चोरी मानी जा रही है. इस मामले में कनाडा सरकार ने भारत से आरोपी प्रीत पनेसर के प्रत्यर्पण की आधिकारिक मांग की है.

कनाडा की पील रीजनल पुलिस के अनुसार, 32 साल के प्रीत पनेसर इस पूरी चोरी की मुख्य कड़ी था. पनेसर एयर कनाडा में मैनेजर के पद पर काम कर चुका है और उस पर एयर कार्गो सिस्टम का दुरुपयोग कर सोने से भरे कंटेनरों को चोरी करने का आरोप है. 

Advertisement

बताया गया है कि पनेसर ने गोल्ड शिपमेंट की पहचान करके सिस्टम को हैक किया और इसी के जरिए सोने भरे कंटेनर को एयरपोर्ट से बाहर निकलवाने में अहम भूमिका निभाई.

फरवरी 2025 में जांच के दौरान यह पता चला कि पनेसर भारत में छिपा हुआ है. वह पंजाब के मोहाली में किराए के मकान में पकड़ा गया. इस पर प्रवर्तन निदेशालय ने मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप में छापेमारी करते हुए केस दर्ज किया. 

संदेह है कि चोरी के बाद करीब 8.5 करोड़ रुपये हवाला सिस्टम के जरिए भारत लाए गए, जिनका उपयोग म्यूजिक और फिल्म इंडस्ट्री के प्रोजेक्ट्स में किया गया. यह पैसा पनेसर की पत्नी की कंपनी के जरिए निवेश किया गया था.

यह भी पढ़ें: कनाडा की सबसे बड़ी गोल्ड चोरी का मास्टरमाइंड गिरफ्तार, जानें कौन है अरसलान चौधरी

Advertisement

इस बीच कनाडाई पुलिस ने एक और आरोपी अरसलान चौधरी को टोरंटो पियर्सन एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया है. अब तक कुल नौ आरोपियों पर केस दर्ज हो चुका है, जबकि प्रीत पनेसर समेत दो अभी फरार हैं.

प्रवर्तन निदेशालय के अधिकारियों का कहना है कि अभी तक प्रत्यर्पण का आधिकारिक अनुरोध नहीं मिला है, लेकिन कनाडाई एजेंसियों से संपर्क जारी है. यह मामला दोनों देशों के बीच कानून प्रवर्तन सहयोग की एक बड़ी चुनौती बन गया है. 

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement