कनाडा के टोरंटो के ड्राइवर Neville Greene पर 4 जून 2007 को शेफर्ड एवेन्यू और जेन स्ट्रीट इंटरसेक्शन पर रेड लाइट जंप कर बाएं मुड़ने का आरोप लगा था. पुलिस अधिकारी ने उन्हें ट्रैफिक टिकट जारी किया था हालांकि Greene लगातार यह कहते रहे कि उनकी गाड़ी इंटरसेक्शन में तब दाखिल हुई थी जब सिग्नल हरा था.
बिना वकील खुद लड़ा केस
मामला 2008 में अदालत पहुंचा, जहां Neville Greene ने बिना वकील के खुद अपनी पैरवी की. सुनवाई के दौरान उन्होंने तस्वीरों और अन्य सबूतों के जरिए अपनी बात रखने की कोशिश की, लेकिन अदालत ने उनकी दलीलों को स्वीकार नहीं किया.
लोअर कोर्ट ने माना दोषी
10 जुलाई 2008 को Justice of the Peace (JP) ने Greene को दोषी ठहरा दिया. फैसले में मुख्य रूप से पुलिस अधिकारी की गवाही को भरोसेमंद माना गया और ड्राइवर की दलीलों को खारिज कर दिया गया. फैसले में यह विस्तार से नहीं बताया गया कि ड्राइवर की दलीलों को क्यों खारिज किया गया। Greene ने इस फैसले को चुनौती दी और मामला अपील तक पहुंच गया. बाद में यह भी सामने आया कि सुनवाई के दौरान न्यायिक अधिकारी ने व्यंग्यात्मक टिप्पणियां की थीं, जिस पर बाद में कोर्ट ने सवाल उठाए.
18 साल बाद पलटा फैसला
अब Ontario Court के जस्टिस Brock Jones ने पुराने ट्रायल पर सवाल उठाते हुए कहा कि सुनवाई निष्पक्ष तरीके से नहीं हुई थी. कोर्ट ने माना कि बिना वकील खुद केस लड़ रहे व्यक्ति को पर्याप्त मार्गदर्शन नहीं मिला और न्यायिक अधिकारी की टिप्पणी अनुचित थी. फैसले में पर्याप्त कानूनी आधार और स्पष्ट कारण नहीं दिए गए. इन कमियों को देखते हुए अदालत ने पुरानी सजा रद्द कर दी.
दोबारा ट्रायल भी नहीं होगा
इतने लंबे समय के बाद शहर की ओर से पेश वकीलों ने माना कि अब नए सिरे से ट्रायल कराना “public interest” में नहीं होगा. मामले में देरी और पुराने रिकॉर्ड गुम होने के कारण सरकारी वकील यानी Crown ने भी माना कि अब नए सिरे से ट्रायल कराना जनहित में नहीं होगा. इसके बाद अदालत ने Neville Greene को राहत देते हुए मामला समाप्त कर दिया.
ओंटारियो में रेड लाइट टिकट के नियम
बता दें कि ओंटारियो में रेड लाइट कैमरे से जारी होने वाले टिकट आमतौर पर वाहन के रजिस्टर्ड मालिक के नाम भेजे जाते हैं. ऐसे चालानों की राशि करीब 325 कैनेडियन डॉलर तक हो सकती है. हालांकि रेड-लाइट कैमरे से जारी टिकटों पर सामान्य तौर पर डीमेरिट पॉइंट नहीं जुड़ते और न ही उनका ड्राइविंग इंश्योरेंस पर सीधा प्रभाव पड़ता है. जबकि अधिकतर मामलों में रूल टूटने पर इंश्योरेंस की कीमत को बढ़ा दिया जाता है, जो शख्स पर आर्थिक दबाव डालता है.
हुमरा असद