कनाडा के कैलगरी में एक रेडियो होस्ट पर हमला करने के मामले में भारतीय मूल के 29 वर्षीय दिलप्रीत सिंह ने अब कोर्ट में अपना जुर्म कबूल कर लिया है. इस केस में अब उसे सजा के साथ भारत डिपोर्ट किए जाने का खतरा भी है. उसने रेड एफएम के टॉक शो होस्ट ऋषि कुमार पर 2024 में हुए हमले के लिए “शारीरिक क्षति पहुंचाने वाला हमला” का दोष स्वीकार किया.
अल्बर्टा कोर्ट ऑफ जस्टिस में जस्टिस पीटर बार्ली ने सिंह के कबूलनामे को मंजूर कर लिया है और सजा से पहले प्री-सेंटेंस रिपोर्ट तैयार करने के आदेश दिए हैं. इस मामले में अंतिम सजा पर सुनवाई इस साल के अंत में होने की उम्मीद है.
कोर्ट में पेश तथ्यों के मुताबिक, यह विवाद 24 सितंबर 2024 को शुरू हुआ, जब साउथ एशियन कम्युनिटी के लोग डैशमेश कल्चरल सेंटर में हथियारों के बल पर उगाही से जुड़े मामलों पर चर्चा के लिए इकट्ठा हुए थे. इस दौरान पार्किंग में एक शख्स द्वारा कथित तौर पर बंदूक लहराने की घटना भी सामने आई थी.
अगले दिन रेडियो शो के दौरान ऋषि कुमार ने इस घटना पर टिप्पणी की और कहा कि इससे समुदाय की छवि पर नकारात्मक असर पड़ता है. उन्होंने यह भी कहा कि इस घटना से जुड़े कुछ लोग पहले धार्मिक कार्यक्रम (नगर कीर्तन) में भी शामिल रहे थे. इसी टिप्पणी पर दिलप्रीत सिंह ने आपत्ति जताई.
हालांकि दिलप्रीत का उस फायरआर्म या उगाही वाले मामले से कोई सीधा संबंध नहीं था, लेकिन उसका मानना था कि इस तरह की बात से उसकी या सिख समुदाय की छवि खराब हो रही है. इसके बाद दिलप्रीत ने कई बार रेडियो होस्ट से संपर्क करने की कोशिश की. फोन किए, सोशल मीडिया पर पोस्ट लिखी, यहां तक कि रेडियो स्टेशन के जरिए भी बात करने की कोशिश की. लेकिन जब उसे कोई जवाब नहीं मिला, तो उसका गुस्सा बढ़ता गया.
29 सितंबर 2024 को एक इवेंट के दौरान दोनों आमने-सामने आ गए. जब रेडियो होस्ट अपनी कार की ओर जा रहे थे, तब दिलप्रीत और एक अन्य व्यक्ति ने उन्हें रोक लिया और शो में कही गई बात को लेकर सवाल किया. शुरुआत में बातचीत हुई, लेकिन जल्द ही बहस बढ़ गई और मामला हाथापाई तक पहुंच गया. दिलप्रीत ने रेडियो होस्ट के चेहरे पर घूंसा मार दिया, जिससे वह जमीन पर गिर गए. इसके बाद उनके सिर पर कई बार वार किए गए, जिसे वहां मौजूद लोगों ने आकर रोका.
इस हमले में रेडियो होस्ट की आंख पर गंभीर चोट आई और उन्हें सर्जरी करानी पड़ी. डॉक्टरों के मुताबिक, आगे भी उन्हें आंख से जुड़ी दिक्कतों का खतरा बना रह सकता है. घटना के बाद पुलिस ने दिलप्रीत सिंह को गिरफ्तार कर लिया था. अब उसने कोर्ट में अपना जुर्म स्वीकार कर लिया है और सजा का इंतजार कर रहा है. चूंकि वह कनाडा में इमिग्रेंट है, इसलिए कोर्ट के फैसले के बाद उसे भारत डिपोर्ट भी किया जा सकता है.
यह मामला कैलगरी की भारतीय कम्युनिटी में काफी चर्चा में है, खासकर तब जब समुदाय में सुरक्षा और एक्सटॉर्शन से जुड़े मामलों को लेकर पहले से ही चिंता बनी हुई है.
हुमरा असद