बांग्लादेश सरकार ने इंकलाबी मंच के प्रवक्ता और जुलाई विद्रोह के मुख्य आयोजक, शहीद शरीफ उस्मान हादी की हत्या की पूरी जांच और न्याय सुनिश्चित करने के लिए संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त कार्यालय (OHCHR) से सहयोग मांगा है.
विदेश मंत्रालय के निर्देशों के मुताबिक, जिनेवा में बांग्लादेश के स्थायी मिशन ने 6 फरवरी, 2026 को OHCHR को एक औपचारिक नोट वर्बेल भेजा.
इस नोट में खास तौर पर संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार निकाय से हत्या की जांच में मदद के लिए तकनीकी और संस्थागत सहायता की गुजारिश की गई है.
बांग्लादेश ने क्या कहा?
जिनेवा में बांग्लादेश मिशन ने कहा कि OHCHR से जवाब मिलते ही वे विदेश मंत्रालय को इसकी जानकारी देंगे.
बांग्लादेश सरकार ने शहीद शरीफ उस्मान हादी की हत्या के लिए ज़िम्मेदार लोगों की पहचान करने और उन्हें न्याय के कटघरे में लाने की अपनी पक्की प्रतिबद्धता दोहराई. सरकार ने इस बात पर भी ज़ोर दिया कि वह इस प्रक्रिया में अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार मानकों का पालन करते हुए ज़्यादा से ज़्यादा पारदर्शिता और जवाबदेही तय करेगी.
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शरीफ उस्मान हादी कौन थे?
उस्मान हादी (32) बांग्लादेश में 2024 में छात्रों के नेतृत्व वाले विद्रोह के एक प्रमुख नेता थे. उन्होंने इंकलाब मंच यानी 'क्रांति के लिए मंच' के प्रवक्ता के तौर पर काम किया, और वे फरवरी 2026 में होने वाले चुनावों में शहर के बिजोयनगर इलाके में ढाका-8 निर्वाचन क्षेत्र से संसद सदस्य के तौर पर चुनाव लड़ने की योजना बना रहे थे.
उस्मान हादी भारत के भी मुखर आलोचक थे, जहां पिछले साल विद्रोह के बाद बांग्लादेश की अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना भाग गई थीं और बांग्लादेश की घरेलू राजनीति पर भारत के प्रभाव के भी आलोचक थे.
तपस सेनगुप्ता