बांग्लादेश: जमात प्रमुख के अकाउंट हैकिंग केस में हिरासत में लिया गया राष्ट्रपति भवन का कर्मचारी

जमात-ए-इस्लामी के अमीर शफीकुर रहमान के सोशल मीडिया अकाउंट से महिलाओं के खिलाफ की गई आपत्तिजनक टिप्पणी के मामले में ढाका पुलिस ने राष्ट्रपति भवन (बंगाभवन) के एक अधिकारी को हिरासत में लिया है.

Advertisement
जमात चीफ की विवादित पोस्ट से जुड़ा है मामला (File Photo: ITG) जमात चीफ की विवादित पोस्ट से जुड़ा है मामला (File Photo: ITG)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 04 फरवरी 2026,
  • अपडेटेड 2:12 PM IST

ढाका मेट्रोपॉलिटन पुलिस की डिटेक्टिव ब्रांच (DB) ने जमात-ए-इस्लामी के अमीर शफीकुर रहमान के सोशल मीडिया अकाउंट की हैकिंग के आरोप में राष्ट्रपति भवन के सहायक प्रोग्रामर मोहम्मद सरवर आलम को हिरासत में लिया है. सरवर आलम को मंगलवार देर रात राजारबाग इलाके से पकड़ा गया और पूछताछ के लिए उनका मोबाइल और लैपटॉप जब्त कर लिया गया है. यह कार्रवाई जमात द्वारा लगाए गए उन आरोपों के बाद हुई है, जिसमें कहा गया था कि उनके अमीर के अकाउंट से महिलाओं को लेकर अपमानजनक बातें एक सोची-समझी साजिश के तहत पोस्ट की गई थीं. 

Advertisement

शनिवार को रहमान के अकाउंट से एक पोस्ट हुई थी, जिसमें घर से बाहर निकलने वाली कामकाजी महिलाओं की तुलना 'वेश्यावृत्ति' से की गई थी. इस बयान के बाद देशभर में, खासकर ढाका यूनिवर्सिटी में भारी विरोध प्रदर्शन हुए. 

हालांकि, विशेषज्ञों और आलोचकों का मानना है कि जमात की यह हैकिंग थ्योरी आगामी चुनावों में महिला वोटरों की नाराजगी दूर करने के लिए एक डैमेज कंट्रोल है.

राष्ट्रपति भवन से जुड़े 'हैकिंग' के तार

जमात-ए-इस्लामी की आईटी सेल ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर दावा किया है कि उनके अमीर का अकाउंट हैक करने के लिए सरकारी ईमेल एड्रेस (assistantprogrammar@bangabhaban.gov.bd) का इस्तेमाल किया गया. आरोप है कि मोहम्मद सरवर आलम ने चुनाव से संबंधित जानकारी के नाम पर एक फाइल भेजी थी, जिसके जरिए अकाउंट एक्सेस किया गया. डीबी के एडिशनल कमिश्नर शफीकुल इस्लाम ने पुष्टि की है कि पूछताछ के बाद ही इस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

Advertisement

यह भी पढ़ें: मोहसिन नकवी की नौटंकी के पीछे बांग्लादेश चुनाव! T20 वर्ल्ड कप में बायकॉट से पाकिस्तान का पलटना तय

विवादित पोस्ट और 'वेश्यावृत्ति' वाली टिप्पणी

शनिवार को हुई पोस्ट में कहा गया था कि आधुनिकता के नाम पर जब महिलाओं को घर से बाहर धकेला जाता है, तो उनका शोषण होता है और यह 'वेश्यावृत्ति' का ही एक अन्य रूप है. इस बयान के बाद बीएनपी (BNP) समर्थकों और आम लोगों ने शफीकुर रहमान की कड़ी आलोचना की. विवाद बढ़ने पर जमात ने शनिवार रात ही सफाई दी कि उनके कई नेताओं के अकाउंट्स पर साइबर हमले हुए हैं और यह पोस्ट उनकी विचारधारा का हिस्सा नहीं है.

चुनाव से पहले डैमेज कंट्रोल की कोशिश?

बांग्लादेश में 12 फरवरी को होने वाले आम चुनाव से ठीक पहले इस विवाद ने जमात की स्थिति नाजुक कर दी है. आलोचकों का कहना है कि शफीकुर रहमान पहले भी कई इंटरव्यू में महिलाओं के नेतृत्व और उनकी पब्लिक लाइफ पर ऐसे ही कट्टर विचार व्यक्त कर चुके हैं. काजी मुहैमेन अहमद जैसे जानकारों का मानना है कि जमात प्रमुख के विचार बांग्लादेश में महिलाओं के प्रति नफरत (Misogyny) की समस्या को और बढ़ा सकते हैं. ऐसे में हैकिंग की थ्योरी को चुनावी डैमेज कंट्रोल के रूप में देखा जा रहा है.

Advertisement

यह भी पढ़ें: बांग्लादेश में चुनाव से पहले सियासी भूचाल... महिलाओं पर अपमानजनक टिप्पणी के खिलाफ सड़कों पर उतरे छात्र

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement