बांग्लादेश में जीत के बाद पीएम मोदी और भारत को लेकर पहली बार क्या बोली BNP

बांग्लादेश के संसदीय चुनाव में बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) ने 210 से अधिक सीटें जीतकर बड़ी सफलता हासिल की है. पार्टी प्रमुख तारिक रहमान प्रधानमंत्री बनने जा रहे हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तारिक रहमान को जीत पर बधाई दी और दोनों देशों के बीच संबंध मजबूत करने की उम्मीद जताई जिसपर अब बीएनपी की प्रतिक्रिया सामने आई है.

Advertisement
तारिक रहमान की जीत पर पीएम मोदी ने उन्हें बधाई दी है तारिक रहमान की जीत पर पीएम मोदी ने उन्हें बधाई दी है

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 13 फरवरी 2026,
  • अपडेटेड 3:47 PM IST

बांग्लादेश के संसदीय चुनाव में बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) ने 210 से अधिक सीटें जीत ली हैं. इस चुनाव में बीएनपी ने जमात-ए-इस्लामी और छात्रों की पार्टी नेशनल सिटीजन पार्टी (NCP) को हराकर शानदार जीत हासिल की है और अब पार्टी प्रमुख तारिक रहमान प्रधानमंत्री बनने जा रहे हैं. तारिक रहमान की इस जीत पर भारत ने उन्हें बधाई दी है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक ट्वीट कर कहा कि तारिक रहमान की जीत उनके प्रति बांग्लादेश की जनता के भरोसे को दिखाती है.

Advertisement

पीएम मोदी के इस बधाई संदेश पर अब बीएनपी की तरफ से प्रतिक्रिया आई है. बीएनपी की राष्ट्रीय स्थायी समिति के मेंबर और पार्टी के वरिष्ठ नेता नजरुल इस्लाम खान ने कहा है कि पीएम मोदी ने जनता के जनादेश को स्वीकार किया है जिसे लेकर बीएनपी उनका धन्यवाद करती है.

मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा, 'मैं उम्मीद करता हूं कि तारिक रहमान के नेतृत्व में दोनों पड़ोसी देशों और उनके लोगों के बीच के रिश्ते अब और मजबूत होंगे. हमारे नेता तारिक रहमान को बधाई देने के लिए मैं पीएम मोदी का धन्यवाद करता हूं. यह अच्छी बात है कि लोकतांत्रिक देश जनादेश का सम्मान करें. पीएम मोदी ने यह किया है और हम उन्हें धन्यवाद देते हैं.'

VIDEO | Bangladesh Elections 2026: Nazrul Islam Khan, BNP's polls coordination committee chief on PM Modi's congratulatory message BNP chief Tarique Rahman, says , "We also on behalf of our party thank him and we believe that under the leadership of our leader Tarique Rahman,… pic.twitter.com/ePNTIFLlxa

Advertisement
— Press Trust of India (@PTI_News) February 13, 2026

पीएम मोदी ने तारिक रहमान को बधाई देते हुए क्या कहा?

पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर तारिक रहमान को बधाई देते हुए लिखा, 'मैं तारिक रहमान को बीएनपी का नेतृत्व करते हुए बांग्लादेश के संसदीय चुनावों में  जीत हासिल करने पर हार्दिक बधाई देता हूं. यह जीत आपके नेतृत्व में बांग्लादेश की जनता के विश्वास को दिखाती है.'

उन्होंने आगे लिखा, 'भारत एक लोकतांत्रिक, प्रगतिशील और समावेशी बांग्लादेश के समर्थन में हमेशा खड़ा रहेगा. मैं उम्मीद करता हूं कि हमारे बहुआयामी संबंधों को मजबूत करने और साझा विकास लक्ष्यों को हासिल करने के लिए हम साथ मिलकर काम करेंगे.'

पार्टी की जीत पर क्या बोले नजरुल इस्लाम?

पार्टी की जीत पर मीडिया से बात करते हुए इस्लाम ने खुशी तो जताई साथ ही कहा कि बीएनपी भविष्य में तेरहवें संसदीय चुनाव से भी बेहतर नतीजे हासिल करेगी.

पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा कि पार्टी ने 292 सीटों पर उम्मीदवार उतारे थे और उम्मीद थी कि वो सभी जीतेंगे.

उन्होंने कहा, 'जब भी कोई चुनाव लड़ता है तो जीत की उम्मीद के साथ ही मैदान में उतरता है. यहां तक कि जिसे कुछ सौ वोट ही मिलते हैं, वो भी जीत के इरादे से चुनाव लड़ता है.'

Advertisement

जब उनसे पूछा गया कि क्या बीएनपी नतीजों से संतुष्ट है, तो नजरुल इस्लाम खान ने कहा कि किसी भी स्थिति में पूरी तरह संतुष्ट होना मुश्किल होता है. उन्होंने कहा, 'कौन 100 प्रतिशत संतुष्ट होता है? पूरी तरह संतुष्ट होना बहुत कठिन है. हालांकि हम काफी हद तक संतुष्ट हैं.'

उन्होंने कहा कि कई पिछले चुनावों की तुलना में इस बार हिंसा, नुकसान और तबाही काफी कम हुई.

उन्होंने कहा, 'अल्लाह की रहमत से कई पिछले चुनावों की तुलना में इस बार हताहतों की संख्या बहुत कम रही, नुकसान भी कम हुआ और सरकारी संसाधनों की तबाही भी बड़े पैमाने पर नहीं हुई. यह एक बड़ी बात है.'

भारत को लेकर तारिक रहमान और उनकी पार्टी का रुख कैसा रहा है?

भारत को लेकर बीएनपी का रुख ऐतिहासिक रूप से जटिल रहा है, लेकिन 2025 के अंत में तारिक रहमान की वापसी के बाद यह अधिक संतुलित लग रहा है. तारिक रहमान 'Bangladesh First' की बात करते हुए अन्य देशों के साथ संबंध रखने की बात करते हैं.

BNP की स्थापना जिया-उर-रहमान (तारिक रहमान के पिता) ने की थी, जो 1975 में बांग्लादेश के संस्थापक शेख मुजीबुर्रहमान की हत्या के बाद सत्ता में आए. उस समय BNP का रुख इस्लामी राष्ट्रवाद और बांग्लादेशी पहचान पर ज्यादा था. इसके उलट, अवामी लीग सेक्युलर और भारत-समर्थक नीति से चलती आई है.

Advertisement

खालिदा जिया (तारिक रहमान की मां) के शासनकाल (1991-96 और 2001-06) में भारत-बांग्लादेश संबंध तनावपूर्ण रहे. बॉर्डर पर घुसपैठ, सीमा पर हत्याओं को लेकर बांग्लादेश भारत से नाराज रहा तो भारत ने अपने पूर्वोत्तर राज्यों में उग्रवादियों को सपोर्ट के लिए बांग्लादेश को जिम्मेदार बताया. इसे लेकर भारत-बांग्लादेश के संबंध तनावपूर्ण रहे और BNP को अक्सर भारत-विरोधी माना जाता था.

लेकिन तारिक रहमान जब से बांग्लादेश लौटे हैं, भारत को लेकर उन्होंने संतुलित रुख अपनाया है. उन्होंने ढाका में एक चुनावी रैली में कहा था, 'न भारत की तरफदारी, न पिंडी (रावलपिंडी, पाकिस्तान) की... हमारे लिए बांग्लादेश पहले हैं.'

वो बांग्लादेश फर्स्ट की नीति के तहत कहते हैं कि देशों के साथ संबंध आपसी सम्मान, समानता और परस्पर लाभ पर आधारित होने चाहिए न कि निर्भरता पर. उन्होंने कहा कि कोई देश मास्टर नहीं होगा.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement