बांग्लादेश के चौडांगा जिले के जिबान नगर में सेना और पुलिस के साझा ऑपरेशन के दौरान बीएनपी (BNP) के स्थानीय महासचिव शमसुज्जमान उर्फ डब्लू की हिरासत में मौत हो गई है. मंगलवार को हुई इस घटना के बाद पूरे इलाके में हिंसा और आगजनी शुरू हो गई है. जब सुरक्षाबलों ने उन्हें हथियार बरामदगी के आरोप में पकड़ा था, तो वे अपनी दवा की दुकान पर थे.
पुलिस का दावा है कि हिरासत में उन्हें दिल का दौरा पड़ा, जबकि उनकी पत्नी जासमीन नाहर और बीएनपी कार्यकर्ताओं ने इसे साजिश के तहत की गई हत्या और कस्टोडियल टॉर्चर बताया है.
हाल ही में अवामी लीग के नेता और गायक प्रलय चाकी की भी जेल कस्टडी में मौत हुई थी. 12 फरवरी 2026 को होने वाले मतदान से पहले बांग्लादेश में लगातार होती ये मौतें और कारवान बाजार में बीएनपी युवा नेता की हत्या जैसी घटनाएं चुनाव से पहले कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रही हैं.
क्या है पूरा मामला?
शमसुज्जमान एक दवा की दुकान के मालिक थे. बीती रात करीब 10 बजे बांग्लादेश आर्मी ने उन्हें उनकी दुकान से उठाया था. स्थानीय लोगों और परिवार का आरोप है कि हिरासत के दौरान उनके साथ मारपीट की गई, जिससे उनकी जान चली गई.
हालांकि, सुरक्षा अधिकारियों का कहना है कि डब्लू के पास से एक 9मिमी पिस्टल और कारतूस बरामद हुए थे और बीमारी के कारण अस्पताल ले जाते वक्त उन्होंने दम तोड़ दिया.
हिंसा और आगजनी से दहला इलाका
डब्लू की मौत की खबर फैलते ही बीएनपी समर्थक सड़कों पर उतर आए. प्रदर्शनकारियों ने सड़क जाम कर दी और टायर जलाकर अपना गुस्सा जाहिर किया. कार्यकर्ताओं का कहना है कि यह विपक्षी नेताओं को निशाना बनाने की एक सोची-समझी साजिश है. एक हफ्ते के अंदर यह दूसरी कस्टोडियल डेथ है, जिसने अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों और चुनाव आयोग की चिंताएं बढ़ा दी हैं.
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गायक प्रलय चाकी की जेल में मौत
बीएनपी नेता की मौत के अलावा अवामी लीग के नेता और प्रसिद्ध गायक प्रलय चाकी की जेल कस्टडी में मौत ने भी सुर्खियां बटोरी हैं. पाबना जिला अवामी लीग के सांस्कृतिक सचिव रहे प्रलय चाकी को भेदभाव विरोधी छात्र आंदोलन के दौरान हुई हिंसा के आरोप में गिरफ्तार किया गया था. उनकी मौत के बाद अल्पसंख्यकों की सुरक्षा और जेल में कैदियों के साथ होने वाले व्यवहार पर भी तीखी बहस छिड़ गई है.
आशुतोष मिश्रा