ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई ने सोमवार को एक टेलीविजन संबोधन में कहा कि किसी भी देश की असली ताकत उसकी मिसाइलों या सैन्य हथियारों में नहीं, बल्कि उसके लोगों की इच्छाशक्ति, एकता और दृढ़ता में निहित होती है. उन्होंने ईरानी जनता से एकजुट रहने की अपील करते हुए कहा कि यही एकता दुश्मनों को निराश करने का सबसे बड़ा हथियार है. खामेनेई ने कहा, 'राष्ट्रीय शक्ति मिसाइलों और विमानों से ज्यादा, जनता के संकल्प और धैर्य से जुड़ी होती है. आपने पहले भी विभिन्न मोर्चों पर अपनी दृढ़ता दिखाई है और अब एक बार फिर दुश्मन को हतोत्साहित करने का समय है.'
उनका यह संदेश ऐसे समय आया है जब ईरान इस्लामिक क्रांति की 47वीं वर्षगांठ मनाने की तैयारी कर रहा है, जिसने अमेरिका समर्थित शाह शासन को सत्ता से हटाया था. खामेनेई का यह बयान ऐसे वक्त पर आया है जब अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ा हुआ है. पिछले सप्ताह ओमान की मध्यस्थता में मस्कट में अमेरिकी और ईरानी प्रतिनिधियों के बीच अप्रत्यक्ष बातचीत हुई. यह वार्ता ऐसे समय हुई जब अमेरिका ने ईरान के पास अपने नौसैनिक बलों की तैनाती बढ़ा दी है और तेहरान ने किसी भी संभावित हमले का कड़ा जवाब देने की चेतावनी दी है.
ईरानी अधिकारियों ने साफ कर दिया है कि वे अपने मिसाइल कार्यक्रम को किसी भी बातचीत के एजेंडे में शामिल करने को तैयार नहीं हैं. ईरान के पास मध्य पूर्व के सबसे बड़े मिसाइल जखीरे में से एक है. साथ ही तेहरान ने यह भी दोहराया है कि वह यूरेनियम संवर्धन के अपने अधिकार की अंतरराष्ट्रीय मान्यता चाहता है. इसी बीच, खामेनेई के करीबी सलाहकार और ईरान की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव अली लारीजानी मंगलवार को ओमान का दौरा करेंगे. यह दौरा अमेरिका-ईरान के बीच हालिया अप्रत्यक्ष वार्ता के बाद हो रहा है, जिससे संकेत मिलते हैं कि दोनों पक्ष फिलहाल टकराव के बजाय कूटनीतिक रास्ते खुले रखना चाहते हैं.
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