'ईरान की असली ताकत हथियारों में नहीं, जनता की एकजुटता में है', अमेरिका से तनाव के बीच खामेनेई का संदेश

ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई ने ईरानियों से एकजुट रहने की अपील करते हुए कहा कि यही एकता दुश्मनों को निराश करेगी. यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका-ईरान के बीच ओमान की मध्यस्थता से कूटनीतिक प्रयास तेज हुए हैं.

Advertisement
ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला खामेनेई. (Photo: Reuters) ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला खामेनेई. (Photo: Reuters)

aajtak.in

  • तेहरान,
  • 09 फरवरी 2026,
  • अपडेटेड 11:26 PM IST

ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई ने सोमवार को एक टेलीविजन संबोधन में कहा कि किसी भी देश की असली ताकत उसकी मिसाइलों या सैन्य हथियारों में नहीं, बल्कि उसके लोगों की इच्छाशक्ति, एकता और दृढ़ता में निहित होती है. उन्होंने ईरानी जनता से एकजुट रहने की अपील करते हुए कहा कि यही एकता दुश्मनों को निराश करने का सबसे बड़ा हथियार है. खामेनेई ने कहा, 'राष्ट्रीय शक्ति मिसाइलों और विमानों से ज्यादा, जनता के संकल्प और धैर्य से जुड़ी होती है. आपने पहले भी विभिन्न मोर्चों पर अपनी दृढ़ता दिखाई है और अब एक बार फिर दुश्मन को हतोत्साहित करने का समय है.'

Advertisement

उनका यह संदेश ऐसे समय आया है जब ईरान इस्लामिक क्रांति की 47वीं वर्षगांठ मनाने की तैयारी कर रहा है, जिसने अमेरिका समर्थित शाह शासन को सत्ता से हटाया था. खामेनेई का यह बयान ऐसे वक्त पर आया है जब अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ा हुआ है. पिछले सप्ताह ओमान की मध्यस्थता में मस्कट में अमेरिकी और ईरानी प्रतिनिधियों के बीच अप्रत्यक्ष बातचीत हुई. यह वार्ता ऐसे समय हुई जब अमेरिका ने ईरान के पास अपने नौसैनिक बलों की तैनाती बढ़ा दी है और तेहरान ने किसी भी संभावित हमले का कड़ा जवाब देने की चेतावनी दी है.

ईरानी अधिकारियों ने साफ कर दिया है कि वे अपने मिसाइल कार्यक्रम को किसी भी बातचीत के एजेंडे में शामिल करने को तैयार नहीं हैं. ईरान के पास मध्य पूर्व के सबसे बड़े मिसाइल जखीरे में से एक है. साथ ही तेहरान ने यह भी दोहराया है कि वह यूरेनियम संवर्धन के अपने अधिकार की अंतरराष्ट्रीय मान्यता चाहता है. इसी बीच, खामेनेई के करीबी सलाहकार और ईरान की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव अली लारीजानी मंगलवार को ओमान का दौरा करेंगे. यह दौरा अमेरिका-ईरान के बीच हालिया अप्रत्यक्ष वार्ता के बाद हो रहा है, जिससे संकेत मिलते हैं कि दोनों पक्ष फिलहाल टकराव के बजाय कूटनीतिक रास्ते खुले रखना चाहते हैं.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement