भारत में मौजूद अमेरिकी दूतावास ने भारतीय छात्रों को चेतावनी जारी की है. इसमें साफ कहा गया है कि अमेरिकी वीजा एक विशेषाधिकार, सिर्फ अधिकार नहीं.
बुधवार को सोशल मीडिया पोस्ट में चेतावनी दी गई है कि अमेरिकी कानून तोड़ने से स्टूडेंट वीजा रद्द हो सकता है, डिपोर्टेशन हो सकता है, और भविष्य में यूएस वीजा मिलना मुश्किल भी होगी.
इस पोस्ट में कहा गया, 'अमेरिकी कानूनों का उल्लंघन करना आपके स्टूडेंट वीजा के सामने गंभीर संकट खड़ा कर सकता है. अगर आपको गिरफ्तार किया जाता है या आप किसी भी कानून का उल्लंघन करते हैं, तो आपका वीज़ा रद्द किया जा सकता है, आपको देश से निकाला जा सकता है, और भविष्य में आप अमेरिकी वीजा के लिए अयोग्य हो सकते हैं. नियमों का पालन करें और अपनी यात्रा को खतरे में न डालें.'
ऐसी चेतावनी क्यों?
ये चेतावनी मोटे तौर पर भारतीयों को सतर्क करने के लिए है. दरअसल, 2025 में डोनाल्ड ट्रंप के दूसरे कार्यकाल की शुरुआत के बाद यूएस इमिग्रेशन पॉलिसी में सख्ती हुई है. ट्रंप प्रशासन ने जनवरी 2025 से ही स्टूडेंट वीजा पर क्रैकडाउन शुरू किया, जिसमें अंतरराष्ट्रीय छात्रों (खासकर भारतीयों सहित) के वीजा रद्द किए गए या ऐसी कोशिश की गई.
इसमें मुख्य कारण और संदर्भ माइनर ऑफेंस थे. जैसे पार्किंग उल्लंघन, या किसी छोटी बात पर हुई गिरफ्तारी जैसी मामूली बातों पर भी वीजा रिवोक कर दिए गए. जैसे- साउथ डकोटा में एक भारतीय पीएचडी छात्रा का वीजा ट्रैफिक नियम तोड़ने पर रद्द हुआ. हालांकि, बाद में उन्होंने कानूनी लड़ाई जीती और उनको यूएस नहीं छोड़ना पड़ा था.
इसके अलावा प्रो-फिलिस्तीन प्रोटेस्ट में शामिल विदेशी छात्रों की भी गिरफ्तारी हुई थी और उनके वीजा भी रद्द हुए थे. रिपोर्ट्स के अनुसार, 2025 में 6000 तक स्टूडेंट वीजा रद्द हुए, जिनमें भारतीय छात्र प्रभावित हुए. बता दें कि अमेरिका में सबसे ज्यादा विदेशी छात्र हैं. इनकी संख्या करीब तीन लाख है.
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