डोनाल्ड ट्रंप ईरान को लेकर करीब-करीब वॉर मोड में आते नजर आ रहे हैं. अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने सोमवार, 12 जनवरी 2026 को एक आपातकालीन सुरक्षा अलर्ट जारी कर सभी अमेरिकी नागरिकों को तुरंत ईरान छोड़ने का निर्देश दिया है. यह कदम ईरान में पिछले दो हफ्तों से जारी भीषण विरोध प्रदर्शनों और सुरक्षा बलों की घातक कार्रवाई के बाद उठाया गया है, जिसमें अब तक 500 से ज्यादा लोगों की मौत और हजारों की गिरफ्तारी की खबरें हैं.
अमेरिकी सरकार ने चेतावनी दी है कि अमेरिकी नागरिकों, विशेष रूप से दोहरी नागरिकता रखने वालों को वहां मनमानी गिरफ्तारी, पूछताछ और प्रताड़ना का गंभीर खतरा है. ईरान की सरकार ने पूरे देश में इंटरनेट और मोबाइल नेटवर्क बंद कर दिया है, जिससे संचार पूरी तरह ठप हो गया है.
कई अंतरराष्ट्रीय एयरलाइन्स ने 16 जनवरी तक अपनी उड़ानें रद्द कर दी हैं, जिसके चलते अमेरिका ने अपने नागरिकों को अगर मुमकिन हो तो आर्मेनिया या तुर्किये के रास्ते सड़क मार्ग से निकलने की सलाह दी है.
दोहरी नागरिकता वालों पर मंडरा रहा खतरा
अमेरिकी प्रशासन ने कहा है कि ईरान सरकार दोहरी नागरिकता (U.S.-Iranian) को मान्यता नहीं देती है. ऐसे में इन नागरिकों को पूरी तरह ईरानी नागरिक मानकर उन पर वहां के सख्त कानून थोपे जा सकते हैं. अमेरिकी पासपोर्ट दिखाना या अमेरिका से संबंध होने का कोई भी सबूत गिरफ्तारी का आधार बन सकता है. ईरान में कोई अमेरिकी दूतावास नहीं है, इसलिए संकट में फंसे नागरिकों को सरकारी मदद मिलना लगभग नामुमकिन है.
यह भी पढ़ें: ट्रंप ने फिर फोड़ा टैरिफ बम, ईरान के साथ कारोबार करने वाले मुल्कों पर लगाया 25% टैक्स
इंटरनेट ब्लैकआउट और ठप पड़ती उड़ानें
ईरान में प्रदर्शनों को दबाने के लिए सरकार ने इंटरनेट पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया है. एमनेस्टी इंटरनेशनल के मुताबिक, यह ब्लैकआउट मानवाधिकारों के उल्लंघन को छिपाने की एक कोशिश है. इस अशांति के कारण लुफ्थांसा, एमिरेट्स, टर्किश एयरलाइंस और कतर एयरवेज जैसी बड़ी कंपनियों ने अपनी सेवाएं सीमित या रद्द कर दी हैं. तेहरान का इमाम खुमैनी इंटरनेशनल एयरपोर्ट करीब अलग-थलग पड़ गया है, जिससे यात्रियों का निकलना मुश्किल हो गया है.
युद्ध जैसी स्थिति और अमेरिकी विकल्प
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने प्रदर्शनकारियों के दमन के खिलाफ सैन्य हस्तक्षेप के विकल्प को खारिज नहीं किया है. व्हाइट हाउस ने संकेत दिया है कि अगर ईरान ने 'रेड लाइन' पार की, तो अमेरिका सख्त सैन्य कार्रवाई कर सकता है. अमेरिका ने अपने नागरिकों को सलाह दी है कि वे प्रदर्शनों से दूर रहें, अपने पास पर्याप्त भोजन और पानी का स्टॉक रखें और सुरक्षा के लिए किसी सुरक्षित स्थान पर शरण लें.
यह भी पढ़ें: 'एयरस्ट्राइक भी कर सकता है US लेकिन...', ईरान को लेकर क्या है ट्रंप का प्लान? व्हाइट हाउस ने बताया
aajtak.in