अल्बानिया की सड़कों पर हिंसक प्रदर्शन, उपद्रवियों ने पीएम ऑफिस पर फेंके बम

अल्बानिया की राजधानी तिरान में विपक्षी दलों के नेतृत्व में हुए भ्रष्टाचार विरोधी प्रदर्शन हिंसक हो गए. प्रदर्शनकारियों ने प्रधानमंत्री कार्यालय पर पेट्रोल बम, पटाखे और स्मोक बम फेंके, जिसके बाद पुलिस ने आंसू गैस और वाटर कैनन का इस्तेमाल कर भीड़ को तितर-बितर किया. इस हिंसक झड़प में कई पुलिस अधिकारी घायल हो गए हैं और तीन प्रदर्शनकारी गिरफ्तार किए गए.

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अल्बानिया में हिंसक प्रदर्शन. (Photo: X @anadoluagency) अल्बानिया में हिंसक प्रदर्शन. (Photo: X @anadoluagency)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 25 जनवरी 2026,
  • अपडेटेड 8:05 AM IST

अल्बानिया की राजधानी तिराना में सरकार विरोधी प्रदर्शनों ने हिंसक रूप ले लिया है. शनिवार को विपक्षी डेमोक्रेटिक पार्टी के नेतृत्व में हजारों प्रदर्शनकारी सड़कों पर उतरे और पीएम कार्यालय की ओर बढ़े. इसी दौरान प्रदर्शनकारियों ने पीएम कार्यालय पर पेट्रोल बम से हमला कर दिया है.

सुरक्षा बल के अधिकारियों ने बताया कि शनिवार को विपक्षी दलों द्वारा बुलाया गया विरोध प्रदर्शन हिंसक हो गया. प्रदर्शनकारियों में से कुछ लोग पीएम कार्यालय की ओर बढ़े. इसके बाद उन्होंने पीएम कार्यालय पर पेट्रोल बम, पटाखे और स्मोक बम फेंके, जिसके जवाब में पुलिस ने तेजी से कार्रवाई की और  भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े और वाटर कैनन का इस्तेमाल किया.

वहीं, सुरक्षाबलों और प्रदर्शनकारियों के बीच हिंसक झड़प के बाद प्रदर्शनकारी इस इलाके से हट गए और संसद भवन की ओर चले गए.

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3 प्रदर्शनकारी गिरफ्तार

स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार, इस झड़प में कई पुलिस अधिकारी घायल हुए हैं, जबकि मौके से तीन प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया गया है.

डेमोक्रेटिक पार्टी और विरोधी समूहों ने चेतावनी दी है कि जब तक बेलिंडा बल्लुकु को उनके पद से हटाया नहीं जाता, तब तक सरकार के खिलाफ ये विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा. फिलहाल पूरे तिरान में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है.

क्या हो रहे हैं प्रदर्शन

दरअसल, अल्बानिया के प्रधानमंत्री एडी रामा की सरकार पर लगातार भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लग रहे हैं, जिससे देश में राजनीतिक तनाव चरम पर पहुंच गया है.

बताया जा रहा है कि तिरान में हुए इन हिंसक प्रदर्शनों का मुख्य कारण भ्रष्टाचार के खिलाफ विशेष अभियोजन संरचना (SPAK) द्वारा बेलिंडा बल्लुकु को आरोपी बनाया जाना है. हालांकि, उन्हें पद से हटा दिया गया था, लेकिन संवैधानिक न्यायालय ने अपील के दौरान उन्हें वापस सत्ता में बहाल कर दिया. इसी से विपक्षी दल नाराज हैं और प्रदर्शन कर रहे हैं.

प्रदर्शनकारी प्रधानमंत्री एडी रामा और उनकी डिप्टी बेलिंडा के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं. भ्रष्टाचार विरोधी समूह बल्लुकु की संसदीय प्रतिरक्षा को हटाने की कोशिश कर रहे हैं, ताकि उनकी गिरफ्तारी हो सके, लेकिन इस पर फैसला 28 जनवरी तक टाल दिया गया है.

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