आतंकवादी संगठन अल-कायदा ने इजरायल-हमास युद्ध पर अमेरिकी रुख को लेकर बिजनेसमैन एलन मस्क, बिल गेट्स और सत्या नडेला की हत्या और यूएस की इकोनॉमी को निशाना बनाने की धमकी दी है.
इंडिया टुडे की ओपन-सोर्स इंटेलिजेंस टीम (OSINT) ने अल-कायदा से जुड़े चैटरूम के मैसेजेस का रिव्यू किया, जिसमें पाया कि आतंकी संगठन ने अपने समर्थकों से अमेरिका, ब्रिटेन और फ्रांसीसी कंपनियों द्वारा संचालित की जा रही उड़ानों पर हमला करने की अपील की है. इस लिस्ट में अमेरिकन एयरलाइंस, कॉन्टिनेंटल, डेल्टा, ब्रिटिश एयरवेज, एयर फ्रांस और एयर फ्रांस-केएलएम शामिल हैं.
अल-कायदा की मीडिया शाखा अल-मालाहेम ने कहा, अमेरिका और उसके सहयोगी इजरायल द्वारा गाजा में किए जा रहे हमलों का समर्थन करने की वजह से निशाने पर हैं, जिसमें 20 हजार से ज्यादा लोग मारे गए हैं.
एक दूसरे वीडियो क्लिप में संगठन ने फिलिस्तीन के समर्थन में 'ओपन-सोर्स जिहाद' की अपील की और वैश्विक स्तर पर महत्वाकांक्षी मुजाहिदीन के लिए रसोई सामग्री का इस्तेमाल कर एडवांस्ड बम बनाने पर एक मार्गदर्शिका प्रदान की.
आतंकियों के निशाने पर एलन मस्क, बिल गेट्स और पूर्व अमेरिकी फेडरल रिजर्व अध्यक्ष बेन बर्नानके हैं. बेन बर्नानके एक यहूदी हैं और उनका अमेरिकी अर्थव्यवस्था-शेयर बाजार में अच्छा खासा प्रभाव है.
वीडियो में माइक्रोसॉफ्ट में बिल गेट्स के कार्यकाल के दौरान का पुराना भाषण दिखाया गया था. इसी वीडियो में भारतीय मूल के वर्तमान सीईओ सत्या नडेला और पूर्व सीईओ स्टीव बाल्मर को निशाना बनाने के लिए प्रोत्साहित किया गया था.
31 दिसंबर को जारी किया था वीडियो
इस वीडियो को अल-कायदा की मीडिया शाखा अल मालाहेम मीडिया द्वारा 31 दिसंबर को "फिलिस्तीन की स्थिति को बहाल करने" के तरीके के रूप में प्रकाशित किया गया था. इसने अमेरिकी युद्ध मशीन पर इस्लामी दुनिया में तबाही मचाने का आरोप लगाया और अमेरिकी, ब्रिटिश, फ्रांसीसी और यूरोपीय मुसलमानों से इसका बदला लेने का आह्वान किया.
अल-कायदा का 'ओपन सोर्स जिहाद' अभियान चरमपंथी साहित्य के जरिए मुसलमानों को लुभाने और उन्हें विस्फोटक बनाने के लिए आवश्यक बुनियादी ट्रेनिंग देकर सुसाइड बॉम्बर के रूप में कार्य करने के लिए प्रोत्साहित करने के लिए डिजाइन किया गया है.
साल 2010 में सामने आया शब्द- ओपन सोर्स जिहाद
ऐसा माना जाता है कि 'ओपन सोर्स जिहाद' शब्द पहली बार जुलाई, 2010 में अल मालाहेम द्वारा अपनी अंग्रेजी पत्रिका में गढ़ा गया था.
वीडियो में इजरायली प्रधान मंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को अमेरिकी राष्ट्रपति जो बिडेन समेत विश्व नेताओं से मुलाकात करते हुए दिखाया गया, इसके साथ ही सभी पश्चिमी देशों पर इस्लाम के खिलाफ युद्ध में मिलीभगत का आरोप लगाया गया है.
बीते दिनों, इस्लामिक स्टेट जैसे आतंकी संगठनों ने विस्फोटक सामग्री प्राप्त करने से जुड़ी बाधाओं से बचने के लिए अपने गुर्गों को ऑनलाइन ट्रेनिंग दी है. इसी के जरिए बड़ी संख्या में आत्मघाती हमले बड़े हैं.
अल-कायदा के वीडियो में उसके आत्मघाती हमलावर अब्दुल्ला हसन अल-असीरी का उदाहरण दिया गया, जिसने सऊदी अरब के आंतरिक उप मंत्री मुहम्मद बिन नायेफ को निशाना बनाया था. इसमें डेल्टा विमान पर हमला करने का प्रयास करने वाले अल फारूक के बारे में भी बताया गया, जिसे अंडरवीयर बॉम्बर के नाम से जाना जाता है.
इंडिया टुडे ने ऑनलाइन प्लेटफॉर्म मैट्रिक्स पर चल रहे चैट रूम में कई हफ्तों तक आतंकी समूह की गतिविधियों पर बारीकी से नज़र रखी और अमेरिका और उसकी अर्थव्यवस्था को खतरे में डालने वाली तस्वीरें पाईं.
आकाश शर्मा