अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आधिकारिक विमान एयर फोर्स वन को उड़ान भरने के बाद मामूली इलेक्ट्रिकल समस्या के कारण जॉइंट बेस एंड्रयूज़ लौटना पड़ा. व्हाइट हाउस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने सोमवार रात इस बात की पुष्टि की कि टेकऑफ के तुरंत बाद विमान के एक इलेक्ट्रिकल सिस्टम में असाधारण स्थिति देखी गई. हालांकि यह कोई गंभीर इमरजेंसी स्थिति नहीं थी, लेकिन सुरक्षा के लिहाज से विमान को वापस लाने का फैसला किया गया.
व्हाइट हाउस के बयान में कहा गया कि एयर फोर्स वन सुरक्षित तरीके से वापस आधार पर पहुंच गया है और राष्ट्रपति ट्रंप सहित विमान में मौजूद सभी लोग पूरी तरह से सुरक्षित हैं. संकट की कोई स्थिति नहीं थी और कोई घबराहट की बात नहीं है.
इस घटना के बावजूद राष्ट्रपति ट्रंप की स्विट्ज़रलैंड यात्रा रद्द नहीं की गई है. उनके सफर को जारी रखने के लिए एक अलग विमान का व्यवस्था की गई है. अधिकारी बता रहे हैं कि राष्ट्रपति और उनकी टीम जल्द ही दूसरे विमान में सवार होकर पहले से तय कार्यक्रम के अनुसार स्विट्जरलैंड के लिए रवाना होंगे.
यह भी पढ़ें: 'ईरान का नामो-निशान धरती से मिटा देंगे...', जान से मारने की धमकियों के बीच ट्रंप ने खामेनेई को चेताया
एयर फोर्स वन को विश्व के सबसे सुरक्षित विमानों में गिना जाता है और इसके तकनीकी और सुरक्षा मानकों पर बहुत कड़ाई से पालन किया जाता है. इसलिए किसी भी छोटी तकनीकी समस्या को भी हल्के में नहीं लिया जाता और तत्परता से कार्रवाई की जाती है. इस मामले में भी सुरक्षा सर्वोपरि रही.
व्हाइट हाउस ने साफ किया है कि इस तकनीकी खराबी का राष्ट्रपति की सुरक्षा या स्विट्जरलैंड की यात्रा पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा. आगे के लिए एयरफोर्स वन की तकनीकी जांच भी की जाएगी ताकि भविष्य में इस तरह की समस्याओं से बचा जा सके.
aajtak.in