अबू धाबी में मिसाइल अटैक, मलबे की चपेट में आने से 5 भारतीय समेत 12 घायल

अबू धाबी में मिसाइल इंटरसेप्शन के बाद गिरे मलबे से 12 लोग घायल हो गए, जिनमें 5 भारतीय शामिल हैं. मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष के बीच यह घटना हुई है. हाल के हफ्तों में कई भारतीय इस तनाव का शिकार हो चुके हैं, जिससे विदेशों में रह रहे भारतीयों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है.

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28 फरवरी से मिडिल ईस्ट में शुरू हुए संघर्ष के बाद से भारतीय नागरिकों पर असर बढ़ता जा रहा है. (File Photo- Reuters) 28 फरवरी से मिडिल ईस्ट में शुरू हुए संघर्ष के बाद से भारतीय नागरिकों पर असर बढ़ता जा रहा है. (File Photo- Reuters)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 03 अप्रैल 2026,
  • अपडेटेड 10:53 PM IST

ईरान और अमेरिका-इजरायल की जंग के बीच खाड़ी देशों में भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को लेकर चिंताएं गहरा गई हैं। शुक्रवार को अबू धाबी में हुई एक ताजा घटना में 5 भारतीयों सहित कुल 12 लोग घायल हो गए हैं। एयर डिफेंस सिस्टम द्वारा एक मिसाइल को इंटरसेप्ट करने के बाद उसका मलबा रिहायशी इलाके में गिरा, जिससे 12 लोग घायल हो गए. इनमें 5 भारतीय नागरिक भी शामिल हैं.

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अबू धाबी मीडिया ऑफिस के मुताबिक, यह घटना अज्बान इलाके में हुई, जहां मिसाइल को सफलतापूर्वक हवा में ही नष्ट कर दिया गया था. लेकिन उसके बाद गिरे मलबे से लोगों को चोटें आईं. घायलों में 5 भारतीय और 6 नेपाली नागरिकों को मामूली से मध्यम चोटें आई हैं, जबकि एक नेपाली नागरिक को गंभीर चोट लगी है.

फिलहाल सभी घायलों का इलाज जारी है और उनकी हालत पर नजर रखी जा रही है. इस घटना पर अभी तक भारत सरकार की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है.

बता दें कि 28 फरवरी से मिडिल ईस्ट में शुरू हुए संघर्ष के बाद से भारतीय नागरिकों पर असर बढ़ता जा रहा है. अब तक इस क्षेत्र में 8 भारतीयों की मौत हो चुकी है और कई अन्य घायल हुए हैं.

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हाल ही में 29 मार्च को कुवैत में एक भारतीय नागरिक की मौत हो गई थी, जब ईरानी हमले में एक पावर और पानी के प्लांट को निशाना बनाया गया था. इससे पहले अबू धाबी में भी एक मिसाइल के मलबे गिरने से एक भारतीय की जान गई थी.

इसके अलावा 18 मार्च को रियाद में ईरानी हमले में एक भारतीय की मौत हुई थी. वहीं 13 मार्च को सोहर में ड्रोन हमले में दो भारतीयों की जान गई और 10 लोग घायल हुए थे. स्थिति को देखते हुए भारत सरकार ने मिडिल ईस्ट में रह रहे करीब 1 करोड़ भारतीयों की सुरक्षा को लेकर अपनी कूटनीतिक कोशिशें तेज कर दी हैं.

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