Exclusive: 'हमने जानबूझकर मिसाइलों की रेंज 2000 KM से कम रखी...', US से तनाव के बीच बोले ईरानी विदेश मंत्री

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने आजतक के साथ एक्सक्लूसिव बातचीत में कहा है कि ईरान को लेकर बनी अमेरिका की समझ इजरायली लॉबी ने तैयार की है. अमेरिका को ईरान की समझ नहीं है. उन्होंने कहा कि अगर अमेरिका ये समझता है कि वो ईरान को घेरकर हमसे सरेंडर करवा लेगा तो ऐसा नहीं होने वाला है.

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ईरान के विदेश मंत्री ने कहा है कि धमकी से अमेरिका हमारा सरेंडर नहीं करवा सकता है. (Photo: ITG) ईरान के विदेश मंत्री ने कहा है कि धमकी से अमेरिका हमारा सरेंडर नहीं करवा सकता है. (Photo: ITG)

गीता मोहन

  • तेहरान,
  • 25 फरवरी 2026,
  • अपडेटेड 10:40 PM IST

ईरान ने बेबाक कहा है कि हम न्यूक्लियर तकनीक के शांतिपूर्ण इस्तेमाल के अपने अधिकार को छोड़ने के लिए तैयार नहीं हैं. हम अमेरिका की चिंताओं पर बात करने को तैयार हैं लेकिन यूरेनियम के शांतिपूर्ण एनरिचमेंट के अपने अधिकार को नहीं छोड़ेंगे. 

ईरान की राजधानी तेहरान में आजतक संवाददाता गीता मोहन से बात करते हुए ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि हम ये सुनिश्ति करेंगे कि हमारा परमाणु कार्यक्रम शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए रहे और ये भविष्य में भी ऐसा रहे लेकिन हम चाहेंगे कि ईरान के ऊपर लगे सभी तरह के प्रतिबंधों को हटाया जाए. 

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हमारी मिसाइलें, हमारा डेटरेंस

अराघची ने ईरान के मिसाइल कार्यक्रम पर विस्तार से बात की. ईरानी विदेश मंत्री ने कहा कि हम लंबी दूरी की मिसाइलें नहीं बना रहे हैं. हमने जानबूझकर अपनी मिसाइलों के रेंज को 2000 किलोमीटर से कम रखा है. हम नहीं चाहते हैं कि हमारे मिसाइल दुनिया भर में खतरा बने. हमें सिर्फ अपना बचाव करना है.

हमारी मिसाइलें हमारे लिए प्रतिरोध की ताकत पैदा करती हैं. हमारी मिसाइलें हमारे बचाव का भरोसेमंद तरीका हैं. हमें अपनी मिसाइलों का रेंज बढ़ाने का कोई इरादा नहीं है. 

उन्होंने एकबार फिर कहा कि ईरान न्यूक्लियर वेपन नहीं बना रहा है. हमारा न्यूक्लियर या लॉन्ग रेंज मिसाइल बनाने का कोई इरादा नहीं है. हमारा इरादा अपने अधिकारों का इस्तेमाल करने का है. अमेरिका ने हमारे चारों ओर एक बड़ी मिलिट्री प्रेजेंस बना ली है. अगर इसका मकसद हमें धमकाना है ताकि हम सरेंडर कर दें, तो अमेरिका समझ ले कि ऐसा नहीं होने वाला है. 

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ईरान नेतृत्व ने ढृढ़ संकल्प जताते हुए कहा कि हम पिछली बार से ज़्यादा तैयार हैं इसलिए किसी की जीत नहीं होगी. यह एक बहुत बुरा युद्ध होगा. क्योंकि अमेरिकी बेस इस इलाके में फैले हुए हैं, बदकिस्मती से पूरा इलाका इसमें शामिल हो जाएगा. यह एक बहुत बुरा दृश्य होगा. 

ये इजरायली लॉबी का काम

ईरानी मंत्री ने कहा कि ईरान के बारे में अमेरिका के विचार ईरान को समझने के बजाय सुनी-सुनाई बातों से बने हैं.

उन्होंने कहा, "अमेरिका के पास ईरान और ईरानी लोगों के बारे में कोई असली जानकारी नहीं है." "और उन्हें गलत जानकारी वाले कैंपेन से भर दिया जाता है, ज़्यादातर इज़राइली लॉबी द्वारा."

उन्होंने कहा कि वे उम्मीद करते हैं कि हम अपने तरीके बदल सकते हैं और एक-दूसरे के साथ बेहतर तरीके से पेश आ सकते हैं.

युद्ध और शांति दोनों के लिए ही तैयार

विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि हम युद्ध और शांति दोनों के लिए ही तैयार हैं. उन्होंने कहा कि वे तीसरे राउंड की बातचीत के लिए जिनेवा जा रहे हैं. पिछली बार इस बातचीत में कुछ तरक्की हुई थी. उन्होंने कहा कि पिछली बार के अनुभवों आधार पर हम एक एग्रीमेंट, एक डील करेंगे. ये डील फेयर, संतुलित और बराबरी के आधार पर की जाएगी. 

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विदेश मंत्री ने आजतक से कहा कि हमारी सेना बचाव के लिए तैयार है और पिछली बार 12 दिन की लड़ाई में उन्होंने मुल्क की रक्षा की थी. अराघची ने कहा कि हमने पिछली लड़ाई से बहुत कुछ सीखा है और इसलिए हम ज़्यादा तैयार हैं. इस समस्या का एकमात्र तरीका बातचीत और डिप्लोमेसी ही है.

न्यूक्लियर टेक के शांतिपूर्ण इस्तेमाल को नहीं छोड़ेंगे

ईरानी नेता ने कहा कि हम चिंताओं को दूर करने के लिए तैयार हैं लेकिन हम न्यूक्लियर टेक के शांतिपूर्ण इस्तेमाल के अपने अधिकार को छोड़ने के लिए तैयार नहीं हैं. उन्होंने कहा कि जिनेवा में एक समाधान पर पहुंचने की पूरी संभावना है जो सही और संतुलित हो.

हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें पूरा यकीन नहीं है कि उनमें ऐसा करने का असली इरादा है. 

पिछले बार के घटनाक्रम का जिक्र करते हुए अराघची ने कहा कि उन्होंने पिछली बार भी समझौता किया था फिर उन्होंने हम पर हमला कर दिया. 

हमें भरोसा है लेकिन अगर उनकी तरफ से किसी नतीजे पर पहुंचने का असली इरादा है तो हम एक समझौता कर सकते हैं. 

ट्रंप खुद फेक न्यूज के विक्टिम हो गए

अमेरिकी राष्ट्रपति पर चुटकी लेते हुए उन्होंने कहा कि वे हमेशा फेक न्यूज की शिकायत करते हैं लेकिन वे स्वयं फेक न्यूज के शिकार हो गए. 

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अराघची ने कहा कि एक और फेक न्यूज ईरान में मौतों की संख्या है. उन्होंने इसकी संख्या 32 हजार बताई है, लेकिन हमने नामों की लिस्ट पब्लिश की है और वे 3,117 विक्टिम हैं जो बहुत बुरी बात है. 

 

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