पश्चिम बंगाल में आधी रात पुलिस की बड़ी रेड, फर्जी आधार कार्ड के साथ 8 बांग्लादेशी गिरफ्तार

बंगाल के नॉर्थ 24 परगना जिले के निमता इलाके में पुलिस ने 8 संदिग्ध बांग्लादेशी नागरिकों समेत 9 लोगों को गिरफ्तार किया है. आरोप है कि ये लोग फर्जी दस्तावेजों के जरिए भारतीय पहचान पत्र बनाकर कई सालों से रह रहे थे. पुलिस ने आधार, पैन, वोटर आईडी और बांग्लादेश का जन्म प्रमाणपत्र बरामद किया है.

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बांग्लादेशियों के पास से मिले जाली दस्तावेज (Photo: ITG) बांग्लादेशियों के पास से मिले जाली दस्तावेज (Photo: ITG)

aajtak.in

  • कोलकाता, पश्चिम बंगाल,
  • 18 मई 2026,
  • अपडेटेड 11:29 PM IST

पश्चिम बंगाल के नॉर्थ 24 परगना जिले में निमता पुलिस ने रात में कार्रवाई करते हुए 9 लोगों को गिरफ्तार किया है. पुलिस का कहना है कि इनमें 8 लोग संदिग्ध तौर पर बांग्लादेशी नागरिक हैं, जिनमें महिलाएं भी शामिल हैं. एक भारतीय नागरिक को भी गिरफ्तार किया गया है, जिस पर इन लोगों को शरण देने और रहने में मदद करने का आरोप है.

पुलिस ने इनके पास से आधार कार्ड, पैन कार्ड और वोटर कार्ड जैसे भारतीय पहचान पत्र बरामद किए हैं. पुलिस को शक है कि ये दस्तावेज फर्जी हो सकते हैं. इसके अलावा एक जन्म प्रमाणपत्र भी मिला है, जिसे बांग्लादेश के जेसोर का बताया जा रहा है. सभी आरोपियों को बैरकपुर सब डिविजनल कोर्ट में पेश किया गया.

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यह मामला नॉर्थ 24 परगना जिले के निमता थाना इलाके के फतेल्लापुर का है. पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार किए गए लोग पिछले कुछ साल से इसी इलाके में रह रहे थे. जांच एजेंसियों को शक है कि इन लोगों ने फर्जी दस्तावेजों के जरिए भारतीय पहचान पत्र बनवाए थे.

पुलिस ने बताया कि छापेमारी के दौरान आधार कार्ड, पैन कार्ड और वोटर आईडी कार्ड बरामद किए गए. शुरुआती जांच में इन दस्तावेजों को संदिग्ध माना जा रहा है. इसके अलावा एक जन्म प्रमाणपत्र भी मिला है, जो कथित तौर पर बांग्लादेश के जेसोर से जारी हुआ था.

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रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस को पहले इन लोगों के बारे में सूचना मिली थी. इसके बाद निमता पुलिस ने फतेल्लापुर इलाके में रात के समय छापेमारी की और सभी को हिरासत में लिया. बाद में इन्हें गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया.

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कोर्ट ले जाते समय कुछ आरोपियों ने अपने ऊपर लगे आरोपों से इनकार किया. एक आरोपी ने कहा कि वह स्थानीय निवासी है और उसके पास आजादी से पहले के दस्तावेज भी हैं. उसने आरोप लगाया कि पुलिस ने बिना किसी जांच के रात में उठाया.

एक अन्य आरोपी ने दावा किया कि उसने यहां वोट डाला है और उसका नाम मतदाता सूची में भी दर्ज है. इसी दौरान रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि युवक की पत्नी ने उन्हें बांग्लादेशी बताया, जबकि युवक ने खुद को शादीशुदा होने से ही इनकार कर दिया.

फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है. जांच एजेंसियां दस्तावेजों की सत्यता, आरोपियों की नागरिकता और स्थानीय स्तर पर मिली मदद की भी पड़ताल कर रही हैं. मामले में आगे की कार्रवाई अब कोर्ट और जांच रिपोर्ट के आधार पर होगी.

इनपुट: दीपक देबनाथ

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