पश्चिम बंगाल के नॉर्थ 24 परगना में एसआईआर (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) से जुड़े कार्य के दबाव में एक बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) ने हुगली नदी में छलांग लगा दी. समय रहते नाविकों की सतर्कता से उनकी जान बच गई. फिलहाल उनका इलाज बैरकपुर के बीएन बोस सब-डिविजनल अस्पताल में चल रहा है.
रिपोर्ट के मुताबिक मोहम्मद काइमुद्दीन, जो टिटागढ़ के हैदर अली रोड निवासी हैं, बैरकपुर विधानसभा क्षेत्र के 138 नंबर भाग में बीएलओ के रूप में कार्यरत हैं. वो पेशे से एक स्कूल शिक्षक हैं और कंचरापाड़ा के आरपी हाई स्कूल में पढ़ाते हैं. बताया गया है कि संबंधित एसआईआर फॉर्म अपलोड करने की अंतिम तिथि होने के कारण वह भारी मानसिक दबाव में थे.
SIR के दबाव में बीएलओ ने लगाई हुगली में छलांग
दोपहर में वह बैरकपुर से श्रीरामपुर की ओर हुगली नदी पार कर रहे थे. इसी दौरान बीच नदी में उन्होंने अचानक लॉन्च से छलांग लगा दी. घटना से यात्रियों और नाविकों में अफरा-तफरी मच गई. नाविकों ने तुरंत नदी में कूदकर उन्हें बाहर निकाला और श्रीरामपुर थाने ले जाया गया. बाद में उन्हें बैरकपुर के बीएन बोस अस्पताल में भर्ती कराया गया.
डिजिटल अपलोड का तनाव बना जानलेवा!
अस्पताल में काइमुद्दीन ने बताया कि डिजिटल प्रक्रिया और तकनीकी जानकारी की कमी के कारण वह समय पर फॉर्म अपलोड नहीं कर सके. उनके भाग में लगभग 1245 मतदाता हैं और मतदाता सूची में सुधार से जुड़े डेटा में गलतियों के कारण अपलोड प्रक्रिया अधूरी रह गई. उन्होंने स्वीकार किया कि मानसिक तनाव और पछतावे में उन्होंने यह कदम उठाया. उनकी पत्नी ने भी बताया कि पिछले कुछ दिनों से वह अत्यधिक दबाव में थे और लगातार चिंतित रहते थे.
शाम को बैरकपुर से तृणमूल कांग्रेस के विधायक राज चक्रवर्ती अस्पताल पहुंचे और परिजनों से मुलाकात की. उन्होंने कहा कि संबंधित अधिकारी पर कार्य का अत्यधिक दबाव था और वह मानसिक तनाव से गुजर रहे थे.
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