पश्चिम बंगाल की चर्चित फलता सीट पर री-पोलिंग से महज 72 घंटे पहले टीएमसी उम्मीदवार ने कलकत्ता हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया. जहांगीर खान का आरोप है कि उनके खिलाफ राजनीतिक साजिश के तहत कई झूठी FIR दर्ज कराई गई हैं. इन्हीं मामलों के चलते उन्होंने अपनी जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उच्च न्यायालय का रुख किया.
कलकत्ता हाई कोर्ट ने कहा कि जहांगीर खान को 25 मई तक गिरफ्तार नहीं किया जा सकता, हालांकि उन्हें जांच में पूरा सहयोग करना होगा. अगर उनके खिलाफ कोई बेहद गंभीर आपराधिक मामला सामने आता है, तो इस विषय को अदालत के संज्ञान में लाना होगा. साथ ही उन्हें चुनाव आयोग के दिशा-निर्देशों का पालन करना अनिवार्य होगा.
जहांगीर ने अपनी याचिका में कहा था कि वह फलता विधानसभा क्षेत्र से टीएमसी के टिकट पर चुनाव लड़ रहे हैं और क्षेत्र में उनका चुनाव प्रचार अंतिम दौर में है. उनका आरोप है कि उनके खिलाफ जानबूझकर कई झूठे आपराधिक मामले दर्ज कराए गए हैं, ताकि उन्हें चुनाव प्रक्रिया से दूर किया जा सके. गिरफ्तारी के डर के चलते उन्होंने अपनी स्वतंत्रता और सुरक्षा की मांग करते हुए अदालत की शरण ली.
TMC उम्मीदवार की ओर से वरिष्ठ वकील किशोर दत्ता ने कलकत्ता हाई कोर्ट के न्यायमूर्ति सौगत भट्टाचार्य का ध्यान इस मामले की ओर आकर्षित किया और तत्काल सुनवाई का अनुरोध किया. अब कलकत्ता हाई कोर्ट ने जहांगीर खान को राहत देते हुए 25 मई तक उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है.
21 मई को होगी री-पोलिंग
बता दें कि पश्चिम बंगाल के फलता में विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण में मतदान हुआ था, जहां कई केंद्रों पर ईवीएम में गड़बड़ी की शिकायतें सामने आईं थीं. इसके बाद चुनाव आयोग ने फिर से मतदान कराने का आदेश दिया था.
चुनाव आयोग के आदेश के मुताबिक, फलता विधानसभा के सभी 285 मतदान केंद्रों पर 21 मई को सुबह सात बजे से शाम पांच बजे तक री-पोलिंग कराई जाएगी. इसमें सहायक मतदान केंद्र भी शामिल रहेंगे. पूरी प्रक्रिया एक साथ कराई जाएगी, ताकि हर बूथ पर समान माहौल बना रहे और किसी तरह की गड़बड़ी की संभावना न रहे.
आयोग ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सुरक्षा-व्यवस्था मजबूत रखी जाए और हर केंद्र पर मतदान शांतिपूर्ण तरीके से पूरा हो. री-पोलिंग खत्म होने के बाद मतगणना 24 मई 2026 को की जाएगी.
वहीं, बंगाल चुनाव के दौरान जहांगीर खान चुनाव आयोग द्वारा नियुक्त किए पर्यवेक्षक आईपीएस अजय पाल शर्मा पर की बयानबाजी को लेकर भी सुर्खियों में थे.
अनुपम मिश्रा