दार्जिलिंग में ड्रग रैकेट तस्करी का पर्दाफाश, करोड़ों के माल के साथ BSF का पूर्व कर्मचारी गिरफ्तार

दार्जिलिंग डिस्ट्रिक्ट पुलिस ने फांसीदावा के मुरलीगंज चेक पोस्ट पर ड्रग्स की तस्करी की एक बड़ी कोशिश का पर्दाफाश किया है. ऑपरेशन के दौरान अधिकारियों ने 3.3 किलो से ज़्यादा ब्राउन शुगर ज़ब्त की. जिसकी इंटरनेशनल मार्केट में कीमत कई करोड़ रुपये बताई जा रही है.

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दार्जिलिंग में ड्रग रैकेट का भंडाफोड़. (Photo: Screengrab) दार्जिलिंग में ड्रग रैकेट का भंडाफोड़. (Photo: Screengrab)

aajtak.in

  • दार्जिलिंग,
  • 23 फरवरी 2026,
  • अपडेटेड 12:55 PM IST

दार्जिलिंग डिस्ट्रिक्ट पुलिस ने फांसीदावा के मुरलीगंज चेक पोस्ट पर ड्रग्स की तस्करी की एक बड़ी कोशिश का पर्दाफाश किया है. ऑपरेशन के दौरान अधिकारियों ने 3.3 किलो से ज़्यादा ब्राउन शुगर ज़ब्त की. जिसकी इंटरनेशनल मार्केट में कीमत कई करोड़ रुपये बताई जा रही है.

गाड़ी पर लगा था खास स्टिकर 

जानकारी के अनुसार एक सीक्रेट टिप-ऑफ़ पर कार्रवाई करते हुए बिधाननगर इन्वेस्टिगेशन सेंटर की पुलिस ने रविवार को बिहार से आ रही एक चार पहिया गाड़ी को रोका. गाड़ी पर BSF स्टिकर और एक खास नंबर प्लेट लगी थी. करीब से जांच करने पर अधिकारियों को नंबर प्लेट के पीछे एक छिपा हुआ चैंबर मिला. जिसमें ड्रग्स के कई पैकेट थे.

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ड्राइवर, जिसकी पहचान बिहार के कटिहार के आलोक कुमार रविकर के तौर पर हुई. रविकर को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया. गिरफ्तारी के समय रविकर ने दावा किया कि वह छत्तीसगढ़ में तैनात एक BSF इंस्पेक्टर है और मेडिकल लीव पर है. उसने अपने दावे को सपोर्ट करने के लिए एक BSF आइडेंटिटी कार्ड भी दिखाया. हालांकि, शुरुआती जांच से पता चलता है कि उसका इतिहास और भी खराब है.

पता चला कि गिरफ्तार किया गया व्यक्ति BSF का पूर्व कर्मचारी है और उसका पहले का क्रिमिनल रिकॉर्ड रहा है. मार्च 2023 में उसे बिहार के किशनगंज में गैर-कानूनी शराब की तस्करी के आरोप में गिरफ्तार किया गया था. जहां उसने कथित तौर पर सिक्योरिटी को बायपास करने के लिए अपने BSF क्रेडेंशियल्स का भी इस्तेमाल किया था.

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आरोपी से पूछताछ कर रही है पुलिस

पुलिस अब उसके पहचान के कागज़ात की असलियत की जांच कर रही है. साथ ही क्या वह बर्खास्त अधिकारी है या वह तस्करी का धंधा चलाने के लिए नकली पहचान का इस्तेमाल कर रहा था. जांच का मुख्य फोकस शिपमेंट के पीछे के नेटवर्क की पहचान करना है, जिसे बिहार से सिलीगुड़ी ले जाया जा रहा था.

आरोपी को सोमवार को सिलीगुड़ी सब-डिस्ट्रिक्ट कोर्ट में पेश किया गया. जहां पुलिस ने बड़ी सप्लाई चेन का पता लगाने के लिए आगे की पूछताछ के लिए उसकी कस्टडी मांगी है.

(रिपोर्ट: उत्पल पोद्दार)

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