पश्चिम बंगाल के आसनसोल में शनिवार सुबह नमाज पढ़ने जा रहे एक शख्स पर बदमाशों ने फायरिंग कर दी. हालांकि गोली दुकानदार शरीर में नहीं लगी, लेकिन घबराकर सड़क पर गिरने से गंभीर चोटें लगीं और दुकानदार की अस्पताल ले जाते वक्त मौत हो गई.
घटना हीरापुर थाना क्षेत्र के बर्नपुर में करीम डंगाल इलाके की है. शनिवार तड़के करीब 5:30 बजे ग्रिल दुकानदार मोहम्मद सरफुद्दीन (35) फज्र की नमाज के लिए घर से निकले थे. रास्ते में बाइक सवार दो बदमाश ने उन पर फायरिंग कर दी.
हालांकि, सरफुद्दीन बाल-बाल बच गए और घबराकर सड़क पर गिर गए. जिससे उनकी नाक में गंभीर चोट आई और खून बहने लगा. मौके पर आसपास के लोग एकत्रित हो गए. परिवार के सदस्य मौके पर पहुंचे. उन्होंने खून से लथपथ सरफुद्दीन को आसनसोल जिला अस्पताल पहुंचाया, लेकिन तब तक मौत हो चुकी थी.
घटनास्थल से पिस्तौल और खोखा बरामद
फायरिंग के बाद बदमाश मौके पर एक पिस्तौल छोड़कर फरार हो गए. घटना की जानकारी मिलने पर आसनसोल-दुर्गापुर पुलिस कमिश्नरेट की टीम घटनास्थल पर पहुंची. पुलिस ने एक पिस्तौल और एक खोखा बरामद किया. एसीपी (हीरापुर) इप्सिता दत्त और सीआई अशोक सिंह महापात्र की अगुवाई वाली टीम मामले की जांच कर रही है.
भाई ने किसी विवाद से किया इनकार
भाई मोहम्मद जैनुल ने बताया कि सरफुद्दीन की ग्रिल और रॉड की दुकान थी. जैनुल ने किसी के साथ विवाद या दुश्मनी होने से इनकार किया. स्थानीय लोगों ने भी बताया कि सरफुद्दीन को इलाके में एक शांत स्वभाव के व्यक्ति के रूप में जाना जाता था.
गोली लगने से नहीं हुई सरफुद्दीन की मौत!
भतीजे मोहम्मद सानू ने बताया कि मां ने फायरिंग के बारे में बताया. जब वो घटनास्थल पर पहुंचे तो देखा कि उनके चाचा सरफुद्दीन की नाक से बहुत खून बह रहा था और पास ही एक हथियार भी पड़ा था. सानू ने दावा किया कि सरफुद्दीन की मौत की वजह गोली लगना नहीं, बल्कि नाक पर लगी गंभीर चोट या किसी और वजह है.
CCTV फुटेज खंगाल रही पुलिस
पुलिस ने कहा कि सरफुद्दीन की मौत की असल वजह का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो पाएगा. पुलिस सरफुद्दीन के व्यक्तिगत रंजिश, व्यवसायिक विवाद या किसी अन्य साजिश के पहलुओं पर जांच कर रही है. इलाके के सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं. एक फुटेज में बाइक सवार हेलमेट पहने हुए सरफुद्दीन के आसपास मंडराता दिखाई दिया है.
अनिल गिरी