'गला काट दो, नहीं झुकूंगा...' फर्जी हस्ताक्षर केस में FIR पर भड़के अभिषेक बनर्जी

पश्चिम बंगाल फर्जी हस्ताक्षर मामले में CID ने TMC सांसद अभिषेक बनर्जी को 1 जून को पूछताछ के लिए नोटिस दिया. अभिषेक ने कहा कि कई एजेंसियों से उन्हें डराने की कोशिश हो रही है, लेकिन वह किसी दबाव में नहीं झुकेंगे.

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एफआईआर और सीआईडी के एक्शन पर भड़के टीएमसी नेता अभिषेक बनर्जी. (Photo: PTI) एफआईआर और सीआईडी के एक्शन पर भड़के टीएमसी नेता अभिषेक बनर्जी. (Photo: PTI)

तपस सेनगुप्ता

  • नई दिल्ली,
  • 30 मई 2026,
  • अपडेटेड 4:56 PM IST

पश्चिम बंगाल में सियासी पारा एक बार फिर गरम है. विधानसभा में फर्जी हस्ताक्षर के एक मामले में दर्ज FIR को लेकर टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी ने तीखी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने साफ शब्दों में कहा है कि 'चाहे मेरा गला काट दो, लेकिन मैं झुकने वाला नहीं हूं'. टीएमसी नेता ने चुनौती देते हुए कहा कि मुझे डराने के लिए भले ही पीछे 5-6 एजेंसियां लगा दी जाएं, पर मैं कोई गद्दार नहीं हूं जो डरकर बैठ जाऊंगा.

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दरअसल, यह पूरा मामला विधानसभा सचिवालय को सौंपे गए एक पत्र से जुड़ा है, जिसमें शोभनदेव चट्टोपाध्याय के समर्थन का जिक्र था. शिकायत में कहा गया कि TMC विधायक नयना बनर्जी के हस्ताक्षर, जो उन्होंने विधायक पद की शपथ के समय किए थे, पत्र पर मौजूद हस्ताक्षर से मेल नहीं खा रहे थे. इसी मामले की जांच के सिलसिले में शनिवार को CID की टीम कोलकाता स्थित अभिषेक बनर्जी के आवास पहुंची. करीब डेढ़ घंटे चली प्रक्रिया के बाद दोपहर करीब 2:50 बजे उन्हें नोटिस सौंपा गया. नोटिस में अभिषेक बनर्जी को 1 जून को दोपहर 12 बजे भवानी भवन स्थित CID मुख्यालय में पूछताछ के लिए बुलाया गया है.

न्यूज एजेंसी PTI के मुताबिक, नोटिस मिलने के बाद उन्होंने मीडिया से कहा कि 'मैंने अभी इसका कंटेंट नहीं देखा है. मैं अपने वकीलों से सलाह लेकर इसका सही जवाब दूंगा और जांच में पूरा सहयोग करूंगा.' हालांकि, उन्होंने इस पूरी कार्रवाई को राजनीतिक प्रतिशोध बताते हुए सीधे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर निशाना साधा और कहा कि यह उनके सीधे विरोध का नतीजा है.

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'5 एजेंसियां लगा दो, मैं नहीं झुकूंगा'

उन्होंने जांच एजेंसियों के एक्शन पर कड़ा ऐतराज जताते हुए कहा कि पहले उनके पीछे सिर्फ ED-CBI थी. अब बंगाल पुलिस, कोलकाता पुलिस और कोलकाता नगर निगम (KMC) को भी इस लिस्ट में जोड़ दिया गया है. पहले सिर्फ दो-तीन जांच एजेंसियां थीं, लेकिन अब यह संख्या बढ़कर पांच हो गई है.

उन्होंने आरोप लगाया कि कई एजेंसियां लगाकर उन्हें डराने और ब्लैकमेल करने की कोशिश हो रही है. उन्होंने आगे कहा कि 'जिसको जो करना है कर लो. गला काट दो या कुछ भी कर लो, मुझे झुकाने के लिए सामने वाले को 10 बार सोचना पड़ेगा और इसके लिए 7 जन्म लेने पड़ेंगे. मैं मैदान छोड़कर भागने वाला नहीं हूं.'

आपको बता दें कि इस मामले में सीआईडी अब तक नयना बनर्जी, चंद्रनाथ सिन्हा और कुणाल घोष समेत कई टीएमसी विधायकों से पूछताछ कर चुकी है. इस राजनीतिक खींचतान के बीच अब सबकी नजरें 1 जून की तारीख पर टिकी हैं, जब टीएमसी सांसद को पूछताछ के लिए सीआईडी मुख्यालय पहुंचना है.

( पीटीआई इनपुट के साथ)
 

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