इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश में बढ़ती पुलिस मुठभेड़ों, विशेष रूप से आरोपियों के पैरों में गोली मार कर उन्हें एनकाउंटर बताने की प्रवृत्ति पर अपनी गहरी चिंता व्यक्त की है. न्यायाधीश अरुण कुमार देशवाल की सिंगल बेंच ने स्पष्ट कहा कि पुलिस कानून से ऊपर नहीं है और अपराधी को सजा देना न्यायपालिका का काम है, न कि पुलिस का. यह निर्णय पुलिस और न्यायपालिका के अधिकार क्षेत्र को स्पष्ट करता है तथा कानून का पालन करने का संदेश देता है.